ऑरीलिया (aurelia meaning in hindi) , ऑरीलिया क्या है ? वर्ग , संघ , गण , कुल ?

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aurelia meaning in hindi , ऑरीलिया या ओरिलिया क्या होता है ? इसका वर्ग , संघ , गण , कुल ? किसे कहते है ?

ऑरीलिया (Aurelia)

वर्गीकरण
संघ – सिलेन्ट्रेटा
वर्ग – साइफ़ोजोआ
गण – सेमीऑस्टोमी
कुल – अल्मैराइडी
वंश – ऑरीलिया
स्वभाव और आवास : यह एक समुद्रवासी और निवही जन्तु है जो समस्त विश्व में पाया जाता है | यह मेड्युसा और पॉलिपाभ दोनों रूपों में मिलता है | इसका वयस्क रूप प्राय: मेड्युसा कहलाता है |
मीसोग्लोया की बहुतायत के कारण मेड्युसा पारदर्शक जैली जैसा दिखाई देता है | यह छाते के समान मुक्त प्लावी अवस्था होती है | इसी कारण इसे जैली मछली भी कहते है |
प्राय: मेड्युसा चतुष्टयी अरीय सममिति दर्शाता है |
इस मेड्यूसा का ऊपरी तल उत्तल और निचला अवतल होता है | निचले तल पर बीच में एक मैनुब्रियम नामक छोटी उभार होता है , इस उभार के शिखर पर मुखद्वार होता है | मुखद्वार से चार बड़ी मुखीय भुजाएँ लटकी होती है | शरीर के वृत्ताकार किनारे पर असंख्य स्पर्शक लगे होते है और किनारा आठ निश्चित त्रिज्याओं पर कटा होता है | प्रत्येक कटाव पर एक संतुलन संवेदक टैन्टेकुलोसिस्ट उपस्थित होता है |
इस जंतु की अपछत्रिय और अध:छत्रीय देहभित्ति के मध्य में चपटी जठरवाहिनी गुहा होती है | यह गुहा एक जटिल जल परिवहन तन्त्र बनाती है जिसमे से समुद्री जल एक निश्चित दिशा में निरंतर बहता रहता है | इस जठरगुहा की सतह पर अनेकों स्पर्शक जिन्हें जठर जन्तु कहते है , उपस्थित होते है | ये जलधारा के साथ आये सूक्ष्म जीव जन्तुओं का शिकार करते है और पाचक रस का स्त्रावण करते है | यह पूर्णतया माँसाहारी होता है |
यह निलम्बी या पक्ष्माभी भोजी होता है | ऑरीलिया में श्वसन और उत्सर्जन के लिए विशिष्ट अंगो का अभाव होता है |