प्रति लघुगणक किसे कहते हैं antilogarithm in hindi meaning definition प्रतिलघुगणक की परिभाषा क्या है

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प्रतिलघुगणक की परिभाषा क्या है प्रति लघुगणक किसे कहते हैं antilogarithm in hindi meaning definition ?

प्रति-लघुगणक (Anti Logarithm)
किसी संख्या के लघु-गणक का प्रति-लघुगणक वह संख्या होती है। इस प्रकार यदि सवह 470.6 2,6726 हो तो प्रति-लघुगणक (।दजपसवह) 2.6726 = 470.6 किसी लघु-गणक का प्रतिलघु-गणक ज्ञात करने के लिए प्रतिलघु-गणक सारणी होती है।
प्रतिलघु-गणक ज्ञात करना
सर्वप्रथम लघु-गणक के केवल अपर्णाश में प्रतिलघु-गणक (Antitou) सारणी में देखकर संख्या के अंक ज्ञात करते है। प्रतिलघु-गणक सारणी को उसी प्रकार देखते है जिस प्रकार लघु-गणक ज्ञात करने मे लघु-गणक सारणी को देखते है और पूर्णांश को देखते हुए दशमलव का चिन्ह लगाते है।
मान लिया हमें 1.7507 का प्रतिलघु-गणक ज्ञात करना है। इसका अपूर्णांश (Mantissa) 0.7507 है। प्रतिलघु-गणक सारणी के पहले ऊध्र्वाधर स्तम्भ में 075 के सामने 0 अंक वाले में लिखा मान 5623 लिख लेते है। इसके पश्चात् मध्यमान अन्तर वाले खानों में अपूर्णांश के चैथे अंक 7 वाले खाने में 5023 संख्या की सीध में लिखे अंक 9 को 5623 में जोड़ देते हैं। जोडने पर संख्या मान 5632 हो जाता है। इस संख्या में दशमलव लघु-गणक से प्राप्त सख्या कपूर भाग के अनसार लगाया जाता है। प्रतिलघु-गणक से प्राप्त संख्या में दशमलव निम्न प्रकार लगाते है-
1. यदि पूर्णांश धनात्मक है तो संख्या में बाईं तरफ से दशमलव पूर्णांश वाले अंक से एक अधिक अंक छोड़कर लगाना है।
2. यदि पूर्णाश ऋणात्मक है तो संख्या के बाईं तरफ पूर्णाश वाले अंक में से एक कम शून्य लगाकर तब उन शून्यों के बाईं तरफ दशमलव लगाते हैं।
3. उदाहरण के लिए संख्या जिसका लघु-गणक 1.7507 है इसके अपूर्णांश (Mantissa) भाग (0.7507 का प्रतिलघु-गणक 5632 है। अब इसमें दशमलव पूर्णांश के अनुसार लगाना है। यहाँ पर पूणांश 1 है तथा धनात्मक है इसलिये दशमलव संख्या 5632 में बाईं तरफ दो अंक छोड़कर लगाना है यदि संख्या जिसका लघु-गणक 1.7507 है वह 56.32 होगी।
इसी प्रकार वह संख्या जिसका लघु-गणक 5.7826 है यदि अपूर्णांश भाग यदि 0.7826 का प्रतिलघु-गणक 6061 है अब इसमें दशमलव पूर्णांश के अनुसार लगाना है पूर्णांश 5 है यानि पूर्णांश 5 है परन्तु ऋणात्मक है इसलिए 6061 के बाईं तरफ पहले चार बार शून्य-शून्य (पूर्णांश से एक कम शून्य) लिखकर तब सबसे बाईं तरफ दशमलव लगाना है।
यानि संख्या का मान
= 0.00006061
= 60.61 ग 10-6

नोट- ऊपर बतलाई गई विधि में से संख्या का मान उस समय निकालते हैं जिस समय लघु-गणक में अपूर्णांश धनात्मक है।
यदि अपूर्णाश धनात्मक नहीं है तो पहले अपूर्णांश का धनात्मक बनाना आवश्यक है। धनात्मक बनाने के लिए नीचे दिया गया उदाहरण काम में लाया जा सकता है-
log 56/72 = log 56 – log 72
= 1.7482 – 1.8573
= – 0.1091
= – 1 ़ 1 – 0.1091
= 1.8909
इस प्रकार अपूर्णांश धनात्मक बनाकर तब प्रतिलघु-गणक ज्ञात करते हैं।
लघु-गणक क्रियाओं को भली-भाँति समझने के लिए नीचे वाले उदाहरण ध्यानपूर्वक देखें।
उदाहरण-निम्न प्रेक्षणों से यंग-प्रत्यास्थता गणांक ल् का मान ज्ञात कीजिये।
तार की लम्बाई (L) = 525.5 सेमी.
तार की त्रिज्या (r) = 0.022 सेमी.
तार पर लटकाया गया द्रव्यमान (M) = 2500 ग्राम
तार की लम्बाई में वृद्धि (l) = 0.66 सेमी.

सूत्र Y = Mgl/πr2l डाइन प्रति वर्ग सेमी.

यहाँ पर ह गुरुत्वीय त्वरण है जिसका मान 980 सेमी./ls2 तथा π का मान 22/7 अथवा 3.14 है।
Y = 2500×980×525.5 /k~ 3.14×0.022×0.022×0.66
लघु-गणक सारणी से
अंश हर
log 2500 = 3.3979 log 3.14 = 0.4969
log 980 = 2.9912 log 0.022 = 2.3424
log 0.022 = 2.3424
log 525.5 = 2.7206 log 0.66 = 1.8195
Total = 9.1097 Total = 4.9012
अंश में से हर घटाने पर
9.1097
4.9012
12.2085
प्रतिलघु-गणक सारणी से 12.2085 का प्रतिलघु-गणक
= 1616000000000
= 1.616 × 1012
अतः Y = 1.616 × 1012 डाइन/सेमी2