अमोनिया के रासायनिक गुण , बनाने की विधियाँ , अमोनिया की खोज किसने की थी , भौतिक गुण , उपयोग , संरचना सूत्र (Ammonia in hindi)

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(Ammonia in hindi) अमोनिया के रासायनिक गुण , बनाने की विधियाँ , अमोनिया की खोज किसने की थी , भौतिक गुण , उपयोग , संरचना सूत्र : अमोनिया एक महत्वपूर्ण यौगिक होता है जो हाइड्रोजन और नाइट्रोजन से मिलकर बना होता है , अमोनिया का रासायनिक सूत्र या प्रतिक NH3 होता है। जब जंतुओं के शरीर का या पौधों का लगातार क्षय होता है तो इनके क्षय के कारण अमोनिया बनती है , वातावरण में पायी जाने वाली सम्पूर्ण गैसों की तुलना में अमोनिया की मात्रा सूक्ष्म होती है।

जिव जन्तुओं के मरने के बाद या पादपो के सड़ कर बदबू का कारण उनमें उपस्थित नाइट्रोजन युक्त पदार्थ या नाइट्रोजन यौगिकों के जीवाणु अपघटन होता है और इससे अमोनिया का निर्माण भी होता है। उदाहरण के लिए मिट्टी में अमोनियम लवण के रूप में यह उपस्थित रहती है।

अमोनिया बनाने की विधि

हम अमोनिया यौगिक को बनाने के लिए कई तरीके काम में लेते है कुछ तरीकों का अध्ययन यहाँ करेंगे।
1. अमोनियम क्लोराइड से :-
अमोनिया गैस को हम प्रयोग शाला में अमोनियम क्लोराइड की सहायता से बना सकता है , इसके लिए अमोनियम क्लोराइड और कास्टिक चूने को धीरे धीरे ताप पर गर्म किया जाता है जिससे हमें उत्पाद के रूप में अमोनिया गैस प्राप्त हो जाती है , इसकी अभिक्रिया निम्न प्रकार होगी –
2. धातु नाइट्राइडो की जल से क्रिया करके :-
जब धातु नाइट्राइड जैसे मैग्नीशियम नाइट्राइड और एल्यूमीनियम नाइट्राइड की क्रिया पानी के साथ करवाई जाती है तो उत्पाद के रूप में अमोनिया गैस प्राप्त होती है

अमोनिया की संरचना

अमोनिया एक प्रकार का सहसंयोजक अणु होता है , अमोनिया में उपस्थित N (नाइट्रोजन) परमाणु पर संकरण अवस्था sp3 होती है। अमोनिया में उपस्थित नाइट्रोजन पर एक एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित होने के कारण इसकी आकृति पिरामिड या विकृत चतुष्फलकीय होती है औरयहाँ बंध कोण का मान 107 डिग्री होता है।
इसकी संरचना को चित्र में देखकर समझ सकते है –

भौतिक गुण

  • अमोनिया एक गैस होती है।
  • इसका कोई रंग नहीं होता है अर्थात यह एक रंगहीन गैस होती है।
  • इस गैस के कारण तीव्र गंध महसूस होती है , यह स्वाद में साबुन के स्वाद के समान लगता है।
  • यह गैस वायु से हल्की होती है।
  • अमोनिया गैस जल में अधिक विलेय होती है अर्थात जल में अधिक घुलनशील होती है।
  • अमोनिया कमरे के ताप पर और लगभग 8 से 10 वायुमंडलीय दाब पर स्वत: या बिना किसी प्रयत्न के पिघलने लगती है।
  • उच्च दाब पर यह गैस अवस्था से द्रव अवस्था में बदल जाती है।
  • अमोनिया का क्वथनांक लगभग 239.7 डिग्री केल्विन होता है।
  • जब द्रव अमोनिया को वाष्पित होने देते है तो यह बहुत ही अधिक ठंडी हो जाती है अत: अमोनिया गैस को प्रशीतक के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।

रासायनिक गुण

  • अमोनिया का जलीय विलयन क्षारीय प्रकृति का होता है , इसलिए यह लाललिटमस को नील लिटमस में बदल देती है।
  • अमोनिया के नाइट्रोजन परमाणु पर एकांकी इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित होता है , और इसलिए ही यह लुईस क्षार होता है।
  • जब अमोनिया की क्रिया लुईस अम्लों के साथ क्रिया की जाती है तो यह उपसहसंयोजक बंधन द्वारा जुड़कर योगात्मक यौगिक बनाते है।

उपयोग

  • इसका उपयोग यूरिया के उत्पादन में किया जाता है।
  • इसका उपयोग कम्पोस्ट्स बनाने के लिए भी किया जाता है जैसे अमोनियम नाइट्रेट आदि।
  • इसका उपयोग शीतलन के लिए बर्फ के प्लांट आदि में शीतलन के लिए किया जाता है।