गुरुत्वीय त्वरण क्या है , परिभाषा , उदाहरण , सूत्र , विमा , मात्रक , गुरुत्वाकर्षण g का मान (acceleration due to gravity in hindi)

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(acceleration due to gravity in hindi) गुरुत्वीय त्वरण क्या है , परिभाषा , उदाहरण , सूत्र , विमा , मात्रक , गुरुत्वाकर्षण g का मान : जब किसी वस्तु को आसमान की तरफ उछाला जाता है तो यह वस्तु वापस धरती की तरफ क्यों आ जाती है ? इसका उत्तर है कि धरती वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाती है अर्थात आकर्षित करती है और इस आकर्षण बल के कारण वस्तु वापस पृथ्वी की तरफ आ जाती है। यह आकर्षण बल हमेशा पृथ्वी के केंद्र की ओर होता है।
चूँकि जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है तो वस्तु में त्वरण उत्पन्न हो जाता है , ऐसा हमने बल के अध्याय में अध्ययन किया था।
गुरुत्वीय त्वरण की परिभाषा : पृथ्वी आकर्षण बल के कारण प्रत्येक वस्तु पर आकर्षण बल लगाती है और इस बल की दिशा पृथ्वी के केन्द्र की तरफ होती है , पृथ्वी द्वारा प्रत्येक वस्तु पर आरोपित इस बल को गुरुत्वीय बल कहा जाता है।
न्यूटन के गति के दुसरे नियम के अनुसार जब किसी वस्तु पर बल कार्य करता है तो उसमे त्वरण (a = F/m) उत्पन्न हो जाता है।
अत: पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण वस्तु में भी एक त्वरण उत्पन्न हो जाता है इस गुरुत्व बल द्वारा उत्पन्न त्वरण को ही गुरुत्वीय त्वरण कहते है।
“गुरुत्व बल द्वारा किसी वस्तु में उत्पन्न त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण कहा जाता है। ”
इसको ‘g’ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
नोट : ध्यान दे कि G को सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते है तथा g को गुरुत्वीय त्वरण कहा जाता है , कभी भी दोनों को एक ही राशी समझने की गलती न करे।
गुरुत्वाकर्षण त्वरण की संख्यात्मक मान 9.8 m/s² होता है।

गुरुत्वीय त्वरण के सूत्र की स्थापना

माना पृथ्वी का द्रव्यमान M है तथा पृथ्वी की त्रिज्या R है , पृथ्वी की सतह पर रखी वस्तु का द्रव्यमान m है तो पृथ्वी द्वारा वस्तु पर आरोपित आकर्षण बल या गुरुत्वाकर्षण बल
F = GMm/R²
न्यूटन के गति के दुसरे नियम के अनुसार यदि किसी वस्तु पर आरोपित बल का मान F है तथा वस्तु का भार m है तो इस बल के कारण उत्पन्न त्वरण का मान F/m होगा।
अत: गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी द्वारा आरोपित बल के द्वारा वस्तु में उत्पन्न त्वरण का मान अर्थात गुरुत्वीय त्वरण का मान
g = F/m
सूत्र में F का मान रखने पर
g = GM/R²
यहाँ G = 6.7 × 10-11 Nm²/kg²
M = 6 × 1024 kg
R = 6.4 × 10m
इन  तीनों (G , M , R) के मान सूत्र g = GM/R² में रखकर हल करने पर हमे 9.8 m/s² प्राप्त होता है।
गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र देखकर हम बता सकते है कि इसका मान पृथ्वी के द्रव्यमान , घनत्व व त्रिज्या पर निर्भर करता है लेकिन वस्तु के भार , त्रिज्या तथा घनत्व पर निर्भर नही करता है।
यही कारण है कि जब अलग अलग द्रव्यमान की वस्तुओं को मुक्त रूप से निचे छोड़ा जाता है तो उन सब में समान त्वरण उत्पन्न होता है।