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संक्रमण तत्व संकुल यौगिक क्यों बनाते हैं कारण बताइए , संकुल निर्माण कैसे होता है संकुल निर्माण में धातु की प्रकृति किस प्रकार की होती है

संकुल निर्माण कैसे होता है संकुल निर्माण में धातु की प्रकृति किस प्रकार की होती है संक्रमण तत्व संकुल यौगिक क्यों बनाते हैं कारण बताइए ?

संकुल (Complexes)

जैसा कि पूर्व में बताया गया है, संक्रमण तत्वों में उपसहसंयोजन यौगिक बनाने की सर्वाधिक प्रवृत्ति पाई जाती है। संकुल निर्माण कई कारकों पर निर्भर करता है। केन्द्रीय आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास आकार तथा ऑक्सीकरण अवस्था लिगन्ड में व-बंधन द्वारा इलेक्ट्रॉन देने व ग्रहण करने की क्षमता, ज्यामिती प्रमुख हैं। यहां हम प्रथम संक्रमण श्रृंखला के  अभिक्रिया माध्यम की प्रकृति तथा संकुल की आयनों द्वारा संकुल निर्माण से जुड़े निम्न पहलुओं का विचार करेंगे ।

(1) ऑक्सीकरण अवस्था का आपेक्षिक स्थायित्व – धातुओं की सामान्य एवं स्थाई ऑक्सीकरण अवस्थाओं का पूर्व में विवेचन किया जा चुका है। यह पाया जाता है कि सामान्य ऑक्सीकरण अवस्थाएँ न केवल सामान्य यौगिकों के लिए स्थाई होती हैं अपितु संकुल निर्माण हेतु ये अवस्थायें ही सर्वाधिक उपयुक्त अवस्थायें होती हैं। इस प्रकार, प्रथम संक्रमण श्रृंखला, में स्कैन्डियम +3 अवस्था से, टाइटेनियम +4 अवस्था से संकुल बनाते हैं । वैनेडियम, क्रोमियम, आयरन आदि एक से अधिक स्थाई ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित करते हैं। केन्द्रीय धातु पर धनावेश बढ़ने से उसकी इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है जिससे बंध का स्थायित्व भी बढ़ जाता है। अतः संकुल निर्माण की दृष्टि से वैनेडियम के लिए, +5, क्रोमियम, आयरन तथा कोबाल्ट के लिए +3 ऑक्सीकरण अवस्था अधिक स्थाई होंगी । pH तथा माध्यम भी ऑक्सीकरण अवस्था के स्थायित्व को प्रभावित करते हैं। पूर्व में बताया जा चुका है कि जलीय माध्यम में कोबाल्ट के लिए +2 अवस्था का स्थायित्व +3 की अपेक्षा अधिक होता है।

कुछ लिगण्ड ऐसे होते हैं जो धातु की सामान्य एवं स्थाई ऑक्सीकरण अवस्था से संकुल बनाने में असमर्थ होते हैं। ऐसे लिगन्डों के लिए धातु की सामान्य से उच्चतर या निम्नतर ऑक्सीकरण अवस्था का आपेक्षिक स्थायित्व अधिक होता है। उदाहरण के लिए, CO, CN-, बाईपिरेडिल इत्यादि लिगन्ड 6-बंधन (L→ M) के माध्यम से इलेक्ट्रॉन देने की तथा बंधन (ML) के माध्यम से वापिस इलेक्ट्रॉन लेने की क्षमता रखते हैं। ऐसी स्थिति में धातु की निम्नतर अवस्था अपेक्षाकृत अधिक स्थाई होगी। जिन लिगन्डों में ग-बंधन हेतु खाली कक्षक उपलब्ध नहीं होता है वे धातु की निम्नतर अवस्था से स्थाई बंध नहीं बना सकेंगे ।

धातु की ऑक्सीकरण अवस्था बढ़ने पर उसकी विद्युतऋणता भी बढ़ती जाती है। सामान्य विद्युतऋणता के लिगन्ड जो धातु की सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था से स्थाई यौगिक बनाते हैं, उच्चतर ऑक्सीकरण अवस्था को स्थायित्व प्रदान करने में असमर्थ होंगे क्योंकि धातु उनसे इलेक्ट्रॉन छीन कर निम्नतर या सामान्य अवस्था में अपचयित हो जायेंगे । अतः उच्च विद्युतऋणता वाले F- तथा 0 परमाणु युक्त लिंगन्डों में उच्च ऑक्सीकरण अवस्था का आपेक्षिक स्थायित्व अधिक होगा ।

ज्यामिति एवं समन्वय संख्या – हम जानते हैं कि संकुल बनाने के लिए d कक्षकों की मुख्य भूमिका होती है। ये कक्षक दिशात्मक होते हैं, अर्थात् जब बंधन हेतु लिगन्ड किसी विशेष दिशा से धातु की ओर अग्रसर होता है तथा कोई कक्षक बंध बना सकेंगे। उदाहरण के लिए, dx2-y2 तथा d z 2 कक्षकों की पालियाँ अक्षों की ओर अभिविन्यस्त होती हैं अतः अष्टफलकीय या वर्गाकार ज्यामिति में लिगन्ड इनका उपयोग कर सकते हैं। अतः यदि ये कक्षक भरे हों और बंधन के लिए उपलब्ध नहीं हों तो चतुष्फलकीय ज्यामिति के संकुलों का निर्माण होगा जिसमें s तथा p कक्षक या dxy dyz तथा dxz कक्षक बंधन में भाग लेंगे। d कक्षकों की उपलब्धता धातु आयन की इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर निर्भर करती है।d0  से d 6  विन्यास वाले धनायन आसानी से ९० कक्षक उपलब्ध करा सकते हैं जिससे अष्टफलकीय संरचना के संकुलों का निर्माण होता है। श्रृंखला के आरम्भिक सदस्यों में कम इलेक्ट्रॉन होने तथा इनका बड़ा आकार होने के कारण ये अधिक समन्वय संख्या वाले संकुल बनाने में समर्थ होते हैं। लेकिन श्रृंखला में जैसे-जैसे हम दांयी ओर चलते हैं, धनायन का आकार घटता जाता है। इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती जाती है तथा d कक्षक स्थाई हो जाने के कारण बंधन हेतु उनकी उपलब्धता घटती जाती है। परिणामस्वरूप कम समन्वय संख्या के संकुलों का स्थायित्व बढ़ता जाता है।

प्रश्नावली (Exercises)

(A) अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

  1. संक्रमण धातु संकुल निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होते हैं, क्यों ?

Transition metals are very much suitable for complex formation, why?

  1. MnO क्षारीय है, Mn2O3 उभयधर्मी और MnO2 अम्लीय है, क्यों

MnO is basic, MnO2 is amphoteric and MnO, is acidic, Why ?

  1. [Co(NH3)6 ]3+ प्रतिचुम्बकीय है किन्तु [CoF6] 3- अनुचुम्बकीय। समझाइये।

[Co(NH3)6]3+ is diamagnetic but [CoFg]3-paramagnetic. Explain.

  1. संक्रमण धातुओं में उच्चतम घनत्व किस तत्व का होता है ?

Which element of transition metals have maximum density?

  1. कौन सा d – ब्लाक तत्व कमरे के ताप पर द्रव है ?

Which d-block element is liquid at room temparature?

  1. Cu+ (3d10) से Cu 2 + (3d9 ) क्यों अधिक स्थायी होते है ?

Cu2+ (3d9 ) is more stable than Cu+ (3d10) why ?

  1. Cd तथा Hg का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Give electronic configuration of Cd and Hg.

  1. आवर्त सारणी में IIB समूह के तत्व सक्रमण तत्व नहीं कहलाते हैं। क्यों ?

Element of group IIB in periodic lable are not called transition elements, Why?

  1. Cr (24) एवं Cu (29) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए ।

Write the elctronic configuration of Cr (24) and Cu(29).

  1. Cu+ आयन रंगहीन तथा Cu 2 + आयन रंगीन होते हैं, क्यों ?

Cu+ ions are colour less and Cu2 + ions an coloured, why ?

  1. संक्रमण तत्वों की परमाण्विक तथा आयनिक त्रिज्याओं के मान लगभग समान होते हैं।

The atomic and ionic radii are almost similar for transition elements.

  1. समस्त संक्रमण तत्व प्रबल धात्विक क्यों होते हैं ?

Why all transition elements are strongly metallic?

  1. मैगनीज थायोसायनेट की ज्यामिती कैसी है ?

What is the geometry of manganese thioeyanate?

  1. Mn 2+ का जलीय विलयन बहुत हल्का रंग प्रदर्शित करता है, क्यों ?

Aqueous solution of Mn 2 + is very light in colour, why ?

(B) लघुत्तरात्मक प्रश्न ( Short Answer Type Questions)

  1. अनुचुम्बकत्व क्या है ? संक्रमण तत्वों में यह गुण क्यों पाया जाता है ?

What is paramagnetism? Why is it found in transition elements?

  1. संक्रमण तत्व रंगीन तथा अनुचुम्बकीय संकुल बनाते हैं।

Transition elements form coloured and paramanetic complexes.

  1. संक्रमण धातुएँ संकुलों का निर्माण करती है, समझाइये ।

Transition elements form coloured and paramagnetic complexes.

  1. क्यों संक्रमण तत्व अनेक संकुल बनाते हैं ?

Why transition elements form so many complex compounds?

  1. अधिकतर संक्रमण तत्व कई ऑक्सीकरण अवस्थाओं का प्रदर्शन करते है। क्यों ?

Most transition elements show a veriety of oxidation states Why?

  1. प्रथम संक्रमण श्रृंखला के गलनांक Cr तक बढ़ते है तथा इसके पश्चात घटने लगते हैं।

The melting points in the first transition series rise to maximum at chromiun and then decrease

  1. निम्न का विवेचन कीजिए-

(i) संक्रमण तत्वों के यौगिकों का रंग

(ii) 3d धातुओं में क्रोमियम का गलनांक सबसे अधिक होता है

(ii) CrO क्षारीय Cr2O3 अभयधर्मी तथा CrO, अम्लीय होता है।

Explain the following

(i) Colour of transition metal compounds.

(ii) Melting point of chromium is the highest among the 3d metals

(iii) CrO is basic, Cr2O3 amphoteric and CrO3 is acidic.

(C) दीर्घउत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

  1. संक्रमण धातुओं की विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं की विवेचना कीजिए एवं उनके स्थायित्व बताइए।

Discuss the various oxidation states of transition metals and it’s stabilaty.

  1. संक्रमण तत्व आयनों के रंग एवं स्पैक्ट्रमी व्यवहार की विस्तार से व्याख्या कीजिए ।

Descuss in detail the colour and spectral behaviour of transition element cations.

  1. (a) संक्रमण तत्वों के चुम्बकीय गुणों की व्याख्या कीजिए तथा Cr3+ तथा Fe+ के चुम्बकीय आघूर्ण की गणना कीजिए ।

Discuss magnetic properties of transition elements and calculate magnetic moment of Cr3+ and Fe3+.

(b) संक्रमण तत्व परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्था क्यो प्रदर्शित करते हैं ? प्रथम श्रृंखला के तत्वों की विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ समझाइये |

Why do transition elements exhibit variable oxidation states ? Discuss various oxidation states shown by first row elements

(c) जिंक का घनत्व तथा गलनाक आवर्त के संवात संक्रमण तत्वों की तुलना में काफी कम क्यों है ।

Why are density and melting point of zinc quite low as compered to transition elements of that period?

  1. संक्रमण धातुओं के उत्प्रेरकीय गुणों पर एक निबन्ध लिखिए ।

Write an essay on the catatylic properties of transition elements.

  1. प्रथम संक्रमण श्रेणी के सदस्य अपने-अपने समवर्गीय भारी तत्वों की अपेक्षा आपस में अधिक समानता रखते है, क्यों ?

The members of the first transition series resemble more to each other than their respective heavy congeners, Why ?