Monthly Archives: December 2019

तरंग सिद्धान्त : तरंगाग्र की परिभाषा क्या है ? wavefront in hindi , तरंगाग्र प्रकार , गोलाकार , बेलनाकार ,द्वितीयक तरंगीकाएँ

तरंग सिद्धान्त : तरंगाग्र की परिभाषा क्या है ? wavefront in hindi , तरंगाग्र प्रकार , गोलाकार , बेलनाकार ,द्वितीयक तरंगीकाएँ

हाइगेन का तरंग सिद्धान्त : हाइगेन के तरंग सिद्धांत के अनुसार प्रकाश माध्यम में तरंग के रूप में आगे की ओर संचरित होता है। जब प्रकाश सूर्य से पृथ्वी पर पहुँचता है तो एक काल्पनिक माध्यम ईथर से गुजरता है। इसके अनुसार प्रकाश की प्रकृति अनुदैधर्य होती है। हाइजेन का तरंग सिद्धान्त के अनुसार प्रकाश माध्यम… Continue reading »

मेवाड़ का इतिहास (history of mewar in hindi) , mewar ka itihas , raja maharaja , मेवाड़ का मानचित्र

मेवाड़ का मानचित्र , मेवाड़ का इतिहास (history of mewar in hindi) , mewar ka itihas , raja maharaja :- मेवाड़ का इतिहास (history of mewar) : मेवाड़ भारत देश के राजस्थान राज्य में है।  राजस्थान राज्य का मानचित्र देखे तो मेवाड़ राजस्थान के दक्षिण में केन्द्रीय स्थान पर स्थित है। अर्थात मेवाड़ राजस्थान के… Continue reading »

प्रकाशिकी क्या है ? परिभाषा , what is optics in hindi , किरण , तरंग प्रकाशिकी (ray optics) , प्रकाश की प्रकृति

किरण , तरंग प्रकाशिकी (ray optics) , प्रकाश की प्रकृति , प्रकाशिकी क्या है ? परिभाषा , what is optics in hindi :- प्रकाशिकी : भौतिक विज्ञान की वह शाखा जिसमे प्रकाश का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।  प्रकाश को निम्न दो प्रभागों में बाँटा गया है – किरण प्रकाशिकी (ray optics) तरंग प्रकाशिकी (wave optics)… Continue reading »

पृथ्वी की आंतरिक संरचना (internal structure of earth in hindi) , क्रस्ट या भू-पर्पटी , मेंटल , कोर या क्रोड़

(internal structure of earth in hindi) पृथ्वी की आंतरिक संरचना :- घनत्व के आधार पर पृथ्वी की आंतरिक संरचना दर्शायी जाती है।  पृथ्वी का औसत घनत्व का मान लगभग 5.5 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। पृथ्वी की आन्तरिक संरचना का अध्ययन भूकंप विज्ञान के आधार पर किया जाता है अर्थात भूकम्प विज्ञान में भूकम्प… Continue reading »

चट्टानें (rocks in hindi) , चट्टान किसे कहते हैं , परिभाषा क्या है , अर्थ , चट्टानों का वर्गीकरण प्रकार

चट्टान किसे कहते हैं , परिभाषा क्या है , अर्थ , चट्टानों का वर्गीकरण प्रकार , चट्टानें (rocks in hindi) :- चट्टानें (rocks) : चट्टानों का निर्माण खनिजो से होता है और खनिजो का निर्माण तत्वों से होता है। पृथ्वी की क्रस्ट पर आठ प्रमुख तत्व पाए जाते है इन तत्वों का क्रस्ट पर पाए जाने… Continue reading »

ज्वालामुखी का वितरण (distribution of volcanoes in hindi) , ज्वालामुखी का वैश्विक वितरण world distribution of volcanoes

world distribution of volcanoes in hindi , ज्वालामुखी का वैश्विक वितरण : ज्वालामुखी का वितरण (distribution of volcanoes) ज्वालामुखी का वैश्विक वितरण प्लेट विवर्तनिकी के आधार पर दर्शाया जाता है। विश्व में निम्नलिखित प्रमुख ज्वालामुखी पेटियाँ है – (1) परि-प्रशांत महासागरीय पेटी (circum pacific belt) (2) मध्य महाद्वीपीय पेटी (mid continental belt) (3) मध्य महासागरीय… Continue reading »

ज्वालामुखी क्या है ? परिभाषा , ज्वालामुखी किसे कहते है ? कैसे फटता है (volcano in hindi)

ज्वालामुखी क्या है ? परिभाषा , ज्वालामुखी किसे कहते है ? कैसे फटता है  (volcano in hindi)

ज्वालामुखी (volcano in hindi) : ज्वालामुखी एक प्राकृतिक घटना है जिसके अंतर्गत पृथ्वी के आंतरिक भाग से लावा , विभिन्न गैसे , राख , जलवाष्प , ज्वालामुखी बम , ज्वल खण्डाश्मी पदार्थ (pyroclastic) , लैपिली आदि पदार्थ बाहर निकलते है। ज्वालामुखी क्रियाओ के दौरान निकलने वाली मुख्य गैसे निम्नलिखित है – नाइट्रोजन (N) , सल्फर… Continue reading »

भूकंप के प्रकार (types of earthquake) , भारत में भूकम्प (earthquake in india) , भूकंप का वितरण (distribution of earthquake)

भूकंप के प्रकार (types of earthquake) भूकंप को तीन आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है – 1. कारण के आधार पर 2. स्थिति के आधार पर 3. अवकेन्द्र की गहराई के आधार पर 1. कारण के आधार पर : भूकंप के कारण के आधार पर इसे दो भागो में बाँट सकते है – (i)… Continue reading »

भूकंप की परिभाषा क्या है , (earthquake in hindi) , अवकेन्द्र (focus or hypocenter of an earthquake)

भूकम्प (earthquake) : पृथ्वी में होने वाले कम्पन्न को ही भूकंप कहते है।  भूकम्प के दौरान पृथ्वी के आंतरिक भाग में अचानक ऊर्जा मुक्त होती है जो चारो दिशाओ में भूकम्पीय तरंगो के रूप में फ़ैल जाती है।  यही तरंगे भूमि में कम्पन्न करवाती है। विज्ञान की जिस शाखा में भूकंप का अध्ययन किया जाता… Continue reading »

भंजन विभव की परिभाषा क्या है ? , नी-विभव या अंतक विभव , अग्र , पश्च वक्र forward and reverse bias characteristics of diode

forward and reverse bias characteristics of diode , भंजन विभव की परिभाषा क्या है ? , नी-विभव या अंतक विभव , अग्र , पश्च वक्र :- किसी भी P-N संधि डायोड के लिए निम्न दो प्रकार के अभिलाक्ष्णिक वक्र प्राप्त होते है :- 1. अग्र अभिलाक्ष्णिक वक्र 2. पश्च अभिलाक्ष्णिक वक्र 1. अग्र अभिलाक्ष्णिक वक्र : किसी भी… Continue reading »