Monthly Archives: March 2018

LCR श्रेणी परिपथ LCR series circuit in hindi

(LCR series circuit in hindi ) LCR श्रेणी परिपथ : जब दिए गए परिपथ में एक प्रेरकत्व L , प्रतिरोध R तथा संधारित्र C आपस में श्रेणी क्रम में जुड़े हुए हो तथा इन तीनो के साथ कोई प्रत्यावर्ती धारा स्रोत जुड़ा हो तो इस प्रकार बने परिपथ को LCR श्रेणी परिपथ कहते है। जैसा चित्र… Continue reading »

R-C परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख

(Circuit contains RC circuit ) R-C परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख :  चित्रानुसार जब किसी परिपथ में एक प्रत्यावर्ती स्रोत V के साथ संधारित्र C तथा प्रतिरोध R जुड़ा हो तो इस प्रकार के परिपथ को RC परिपथ कहते है। इस परिपथ के लिए धारा तथा वोल्टता की… Continue reading »

L-R परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख

(Circuit contains L-R circuit ) L-R परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख :  जब किसी परिपथ में प्रतिरोध (R) तथा प्रेरकत्व (L) जुड़े हुए हो और इसमें कोई प्रत्यावर्ती स्रोत जुड़ा हुआ हो तो इस प्रकार बने परिपथ को LR परिपथ कहते है। यहाँ हम ज्ञात करेंगे की इस परिपथ… Continue reading »

शुद्ध धारितीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख

(Circuit contains pure capacitance circuit  ) शुद्ध धारितीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख  : पहले हम बात करते है की जब किसी संधारित्र को जब किसी दिष्टकारी स्रोत से जोड़ा जाता है तो संधारित्र की एक प्लेट धनावेशित हो जाती है तथा दूसरी प्लेट ऋणावेशित हो जाती है… Continue reading »

शुद्ध प्रेरकीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख

(Circuit contains pure inductor circuit  ) शुद्ध प्रेरकीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख  : जब किसी परिपथ में प्रत्यावर्ती धारा स्रोत के साथ एक नगण्य प्रतिरोध वाला प्रेरकत्व कुण्डली को जोड़ा जाता है तो इस परिपथ को शुद्ध प्रेरकीय प्रत्यावर्ती परिपथ कहा जाता है। यहाँ हम… Continue reading »

शुद्ध प्रतिरोधीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख

(Circuit contains pure ohmic resistance in hindi ) शुद्ध प्रतिरोधीय परिपथ में प्रत्यावर्ती वोल्टता तथा प्रत्यावर्ती धारा के मध्य कला संबंध तथा फेजर आरेख  : जब किसी परिपथ में चित्रानुसार एक वोल्टता स्रोत तथा एक ओमीय प्रतिरोध जुड़ा हुआ हो तो जितना विभवान्तर इस प्रतिरोध के सिरों पर उत्पन्न होगा यह वोल्टता स्रोत के विभवान्तर… Continue reading »

अजोस्पर्म पादप में अलैंगिक जनन Aesoperm Plant In Asexual Fertility in hindi

Aesoperm Plant In Asexual Fertility in hindi अजोस्पर्म पादप में अलैंगिक जनन : अजोस्पर्म पादपों का अलैंगिक जनन से सम्बंधित भाग पुष्प है। पुष्प एक रूपान्तरित प्ररोह है क्यूंकि उसमे पर्व तथा पर्व संधियाँ पाई जाती है।  पुष्पासन पर चार पर्व संधियाँ पाई जाती है जिनमे से प्रत्येक से एक पुष्प चक्र विकसित होता है।… Continue reading »

थैलोफाइटा , ब्रायोफाइटा , टेरिडोफाइटा क्या है , परिभाषा Thallophyta, bryophyta, pteridophyta

थैलोफाइटा : Thallophyta, bryophyta, pteridophyta in hindi वर्तमान में थैलोफाइटा में सिर्फ शैवाल शामिल है शैवालों में हरे शैवाल सबसे विकसित माने जाते है जो हरे पौधों के प्रत्यक्ष पूर्वज माने जाते है हरे शैवालो में निम्न तीन लक्षण पौधों से समानता दर्शाते है फ्लोरोफिल b की उपस्थिति सैलुलोस की कोशिका भित्ति संचित भोजन स्टार्च का… Continue reading »

प्रत्यावर्ती धारा की विशेषताएँ , नुकसान या दोष properties of alternating current in hindi

properties of alternating current in hindi प्रत्यावर्ती धारा की विशेषताएँ : यहाँ हम प्रत्यावर्ती धारा की कुछ खास बातों के बारे में अध्ययन करते है , जिससे हमको इसके बारे बेहतरीन तरीके से और गहन जानकारी प्राप्त होती है जिससे इसका अध्ययन अधिक गहन और सुलभ हो जाता है। तो आइयें प्रत्यावर्ती धाराके बारे में… Continue reading »

प्रत्यावर्ती धारा और वोल्टता के तात्क्षणिक , शिखर , औसत और वर्ग माध्य मूल मान

(Instantaneous , peak , average and root mean square values of alternating current and voltage) प्रत्यावर्ती धारा और वोल्टता के तात्क्षणिक , शिखर , औसत और वर्ग माध्य मूल मान : यहाँ हम कुछ परिभाषाओ के बारे में पढ़ते है जिनका उपयोग हम सामान्यत: करते है जिससे हम पाठ में आगे इनको उपयोग करे तो… Continue reading »