गेमिनीद मेटेओर शावर (geminid meteor shower in hindi)

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गेमिनीद मेटेओर शावर (geminid meteor shower in hindi) : अगर मैं आपको कहू की 13 और 14 दिसंबर रात की सुबह को तारों की बरसात होने वाली है तो आप क्या कहेंगे या करेंगे ?

दरअसल यह सत्य है लेकिन घबराइये मत ऐसा नहीं है कि तारो की बारिश का मतलब है कि तारें धरती पर गिरने लगेंगे।

दरअसल आसमान में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं के कारण उल्का या तारें एक साथ गिरते हुए दीखते है जिन्हें तारों की बारिश कहा जाता है और इस नज़ारे को गेमिनीद मेटेओर शावर या geminid meteor shower कहा जाता है।

मैं आपको एक बार फिर से बता देता हु कि इसमें घबराने या डरने वाले कोई बात नहीं यह बहुत ही सुन्दर और मन को भाने वाले दृश्य होगा जो 13 और 14 दिसंबर की रात को होने जा रहा है रात को जब आप आसमान की तरफ देखेंगे तो आपको आसमान में तारों या उल्काओं के टूटने जैसा दृश्य दिखाई देगा और यह ऐसा प्रतीत होगा जैसा बारिश के समय होता है।

आसमान में होने वाले इस दृश्य के पीछे जो प्रक्रिया होती है उसे geminid (गेमिनीद) कहते है और उल्का या तारों को meteor (मेटेओर) कहते है और इस प्रक्रिया को दिखाई देने को shower (शावर) कहा जाता है इसलिए इस आसमान में होने वाली इस पूरी प्रक्रिया को geminid meteor shower अर्थात गेमिनीद मेटेओर शावर कहा जाता है।

यह दृश्य ऐसा नहीं है कि किसी स्पेशल जगह पर दिखाई देगा , यह दृश्य 13 और 14 दिसंबर की रात को दुनिया के हर जगह और हर देश और हर शहर में देखा जा सकता है।

गेमिनीद मेटेओर शावर कब और क्यों होता है ?

यह प्रक्रिया हर साल होती है अर्थात साल में एक दिन ऐसा आता है जब गेमिनीद मेटेओर शावर दिखाई देता है , इस बार यह दृश्य 13 दिसंबर और 14 दिसंबर को अपनी चरम पर होगी अर्थात इस दिन यह दृश्य स्पष्ट रूप से और बिना किसी यन्त्र के आँखों के द्वारा देखा जा सकता है , इसे देखने के लिए आप रात्री को लगभग 2 बजे आसमान में देख सकते है। यह पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में अधिक देखा जा सकता है लेकिन यह दक्षिणी गोलार्द्ध में भी अच्छी तरह से दिखाई देगा , अत: यह पूरे विश्व में देखा जा सकता है लेकिन कही पर कम दिखाई देगा और कही पर अधिक दिखाई देगा।
कारण : इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है , वैज्ञानिक ऐसा कहते है कि जब हमारी पृथ्वी चक्कर लगाती हुई हर साल अन्तरिक्ष में 3200 Phaethon नामक पथरीली चीज के   गुजरती है तो इस पथरीली वस्तु के पास में कचरा फैला रहता है और जब पृथ्वी इस 3200 Phaethon के पास से गुजरती है तो  पास स्थित कचरा जलने लगता या जलना शुरू कर देता हेयर जब हम इस दृश्य को पृथ्वी से देखते है अर्थात कचरे के कण जलते हुए , तो हमें ऐसा लगता है जैसा आसमान में तारों की बारिश हो रही हो , इसी दृश्य को गेमिनीद मेटेओर शावर (geminid meteor shower in hindi) कहते है।
अगर आपको भी यह दृश्य देखना है तो आप भी इसे खुली अर्थात किसी यन्त्र की सहायता से देख सकते है , इसे देखने के लिए आप रात को किसी अँधेरे वाले इलाके में या जगह पर जाए और आसमान की तरफ देंखेंगे तो आप यह खुबसूरत दृश्य देखा सकते है , यदि आपकी क्षेत्र में आसमान में बादल छाये हुए है तो आप यह दृश्य देखने से वंचित रह सकते है , ऐसी स्थिति में आप नासा की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर इस दृश्य का मजा ले सकते है जो स्पष्ट रूप से दिखाया जायेगा।