अंगकोर वाट के स्मारक किस देश में स्थित है अंगकोर वाट के मंदिर का निर्माण किस शासक के द्वारा करवाया गया

By   September 17, 2020

अंगकोर वाट के मंदिर का निर्माण किस शासक के द्वारा करवाया गया , अंगकोर वाट के स्मारक किस देश में स्थित है ? अंगकोर वाट मंदिर कहां स्थित है ? अंकोरवाट मंदिर किसने बनवाया था ? angkor wat is located in which country in hindi ?

मूल शब्द

अंगकोर वाट मंदिर कम्बोडिया देश में स्थित है , कम्बोडिया देश को कंपूचिया भी कहा जाता है |
अंगकोर का गौरव
अंगकोर काल के पुराने राजाओं ने महान झील (टोन्ले सेप) के उत्तरी किनारे पर दुनिया के भव्यतम वास्तुशिल्प वैभव का निर्माण किया। ये वैभव है हिन्दू भगवान शिव तथा विष्णु आदि के मंदिर। देखने में ये मन्दिर प्राचीन भारतीय मंदिर की तरह लगते हैं। ये प्राचीन भारत के गहरे सांस्कृतिक प्रभाव के प्रमाण है।

सारांश
कंपूचिया दक्षिण पूर्व एशिया के प्राचीन मुख्य भूमि देशों में से एक है। इसका इतिहास इस युग से भी पुराना है। 801 ई. से पांच शताब्दी तक यह इस क्षेत्र के सबसे मजबूत तथा विकसित देशों में एक था। एशिया तथा अफ्रीका के अन्य बहुत से देशों की तरह यह देश भी यूरोप के साम्राज्यवादी ताकतों का एक उपनिवेश बना दिया गया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् औपनिवेशिक देशों में राष्ट्रीयता की लहर के परिणाम स्वरूप कंपचिया को स्वतंत्रता मिली।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद कंपूचिया ने अपने आपको एक आत्म-नर्भर तथा तटस्थ राष्ट्र के रूप में विकसित करने के लिए नीतियां बनाई। परन्तु नव-उपनिवेशवादी ताकतों ने कंपूचिया को अपनी स्वतंत्रता को मजबूत करने नहीं दिया। 1970 में अमरीका समर्थित प्रतिक्रियावादी तत्वों के द्वारा किये गये सत्ता पलट ने देश को गृह युद्ध में झोंक दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति स्थापित करने के प्रयासों के बावजूद गृहयुद्ध अभी भी रुका नहीं हैं। भारत जो कि कंपूचिया का बहुत पुराना मित्र है, कंपूचिया को एक मजबूत तथा स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरने में हर प्रकार से सहायता करता रहा है।

 कुछ उपयोगी पुस्तके
1) डेविड पी. चैण्डलर 1982, कंपूचिया का इतिहास, बाउलडर एंड वेस्टवियू प्रेस
2) पी.सी. प्रधान, 1985, कंपूचिया की विदेशनीति, नई दिल्ली
3) जी.पी. रामचंद्र, 1986, अंतर्राष्ट्रीय संबंध में एक कृत्रिम समस्या, कलकत्ता
4) निकोलस टास्किंग (सम्पादित) 1982, दक्षिणपूर्व एशिया का कैब्रिज इतिहास भाग एक तथा दो,