तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार (wire communication in hindi)

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(wire communication in hindi) तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार : जब दो बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा आदान प्रदान के लिए उन दोनों बिन्दुओं को तार से जोड़ा जाता है और इस तार के माध्यम से ही दोनों बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा का आदान प्रदान होता है तो इस प्रकार तार से जोड़कर किया गया संचार तार संचार कहलाता है।

घर या ऑफिस में लगे लैंडलाइन फोन तार से जुड़े होते है और इस तार के द्वारा ही अन्य जगह पर स्थित व्यक्ति से बात होती है अर्थात सूचना का आदान प्रदान होता है इसलिए इसे तार संचार का उदाहरण कहते है।
इसके अलावा केबल टीवी , फाइबर ऑप्टिक आदि भी तार संचार के उदाहरण है।
यहाँ सूचना के संचरण के लिए तार माध्यम की तरफ कार्य करते है , सूचना के संचरण के लिए अलग अलग प्रकार के तारों का इस्तेमाल किया जाता है , हम यहाँ कुछ तार लाइनो का अध्ययन करेंगे अर्थात कुछ तार माध्यमों का अध्ययन करेंगे।
सूचना या डाटा के संचरण के लिए हम तीन प्रकार के तार काम में लेते है जो निम्न है –
1. समान्तर तार लाइन (parallel wire line)
2. युग्मित तार लाइन (paired wire line)
3. समाक्षीय तार लाइन (Co-axial Cable)

1. समान्तर तार लाइन (parallel wire line)

इस प्रकार की तार में दो धात्विक चालकों को कुचालक माध्यम में सुरक्षित रखा जाता है या दोनों के मध्य आपस में संपर्क न हो इसके लिए दोनों धात्विक चालक के मध्य कुचालक माध्यम रखा जाता है जैसा चित्र में दिखाया गया है –
हमने इस प्रकार के तार पहले टीवी के लिए इस्तेमाल में देखे थे , ये कुछ कठोर या लचीले हो सकते है यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमने कुचालक के रूप में क्या पदार्थ काम में लिया है। इन तारों में ऊर्जा हानि अधिक होती है इसलिए इन तारों को अधिक दूरी तक संचार व्यवस्था में काम में नही लिया जाता है।

2. युग्मित तार लाइन (paired wire line)

इस प्रकार की लाइन में तांबे के तारों को एक निश्चित अंतराल में मोड़ दिया जाता है जिससे विद्युत व्यवधान (दखल अंदाजी) कम हो जाती है अर्थात सिग्नल एक दुसरे के मार्ग में बाधा नहीं डालते है।
अर्थात इस प्रकार तारों को मोड़ने से यह अन्दर उत्पन्न विद्युत चुम्बकीय व्यतिकरण को एक दुसरे से नष्ट कर देते है , क्यूंकि यदि इसे नष्ट नही किया जाए तो शोर या वास्तविक सिग्नल अंतिम सिरे पर नहीं पहुँचता है।
युग्मित तार लाइन को निचे चित्र में दिखाया गया है –
इस प्रकार के तार द्वारा अंकीय डाटा या अनुरूपी सिग्नल किसी भी प्रकार की सूचना को एक जगह से दूसरी जगह तक भेजा जा सकता है।

3. समाक्षीय तार लाइन (Co-axial Cable)

इस प्रकार के तार में आंतरिक तार कॉपर का बना होता है और इस आंतरिक तार के ऊपर पोलीएथिलीन या टैपलोन नामक पदार्थ का कवच चढ़ा हुआ रहता है अर्थात परत चढ़ी हुई रहती है।
फिर इसके बाद दूसरा तार होता है और इसके ऊपर विद्युत रोधी पदार्थ का आवरण होता है तो इसे बाहरी नुकसान से बचाता है , समाक्षीय तार लाइन का चित्र नीचे दिखाया गया है –
इस केबल के द्वारा उन सिग्नलों को प्रेषित किया जाता है जो सिग्नल उच्च आवृत्ति के होते है या अतिसूक्ष्म तरंगों के सिग्नल होते है।