what is User Define Function : Importance or Definition in hindi in c language कंप्यूटर भाषा

By  
कंप्यूटर भाषा में यूजर डिफाइन फंक्शन क्या है , what is User Define Function : Importance or Definition in hindi in c language :-
function,C language का powerful toll है क्योकि इसे declare और use करना सरल है |किसी C प्रोग्राम मे main(),printf() और scanf() मुख्य functions है |इस article मे :
1. Function कैसे design होता है ?
2. Function को कैसे प्रोग्रम से लिंक करते है ?
3. दो या दो अधिक functions को कैसे जोड़े ?
4. ये functions कैसे data transfer करते है ?C function दो प्रकार से classified किया गया है :-
Library Function : ये Pre Define function होता है ये header file मे store होता है |इसे किसी प्रोग्रम मे  function calling करके use कर सकते है |जैसे :
math.h : cosh (x),pow((x,y) आदि |
stdio.h : printf() ,scanf() आदि |
string.h : strstr(),strlen() आदि |
User Define Function : ये यूजर define होगा |जैसे :
main () function.

Main():

Main () ये indicate है प्रोग्राम का starting point जहा  से प्रोग्राम execute होगा |किसी भी code को सिर्फ main() function से execute कर सकते है लेकिन  main() की length बड़ी और complex होगी तबdebugging ,running और testing मे difficulty होती है |Function मे अलग अलग parts होते है जो अलग अलग  execute होते है बाद मे combine होते है |
User Define Function की Need :
1. इसमें प्रोग्राम subprogram मे डिवाइड हो जाता है इसलिए time complexity कम हो जाती है |
2.किसी specific functions को repeat करना easy हो जाता है |

C Program का Approach :
जब किसी C प्रोग्राम मे दो या दो से अधिक functions होते  है तब्ब प्रोग्राम दो प्रकार से RUN होता है :-
1.Top-Down Prograameing 
इस प्रोग्रामिंग स्टाइल मे , complex और high level code पहले solve होते है और lower level function की डिटेल्स को बाद मे address किया जाता है |
इस स्टाइल मे , long प्रोग्राम की length को function से कम कर सकते है |लेकिन माइक्रो कंप्यूटर के लिए ये fact फिट नहीं होता है क्योकि माइक्रो कंप्यूटर मे space redution main होती है |
इस स्टाइल  मे faulty function को easily find किया जा सकता है |
उदहारण के लिए :
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
void main()
{
int a,b.c;
printf(” Enter two values “);
scanf(“%d %d”,&a,&b);
c=add(a,b);
printf(“Add =%d”,c);
getch();
}
int main( int r,int f)
{
int sum;
sum=r+f;
return sum;
}
इस प्रोग्राम मे main function को पहले declare किया गया है और main() function ही पहले execute होगा |
add() function बाद मे होगा |

Bottom -Up Style :
ये स्टाइल high level कंप्यूटर languages(c++,JAVA आदि ) मे use होती है |इसमें subprograme पहले design होते है बाद मे main(0 function का exucation होता है |
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
int main( int r,int f)
{
int sum;
sum=r+f;
return sum;
}
void main()
{
int a,b.c;
printf(” Enter two values “);
scanf(“%d %d”,&a,&b);
c=add(a,b);
printf(“Add =%d”,c);
getch();
}

इस प्रोग्राम मे add() function main() function से पहले execute होगा |

Function Definition :
User Define Function बनाने के लिए , तीन प्रकार operation मुख्य होते है :-
1.Function Defination
Function को define करने से मतलब है function के लॉजिक को syntax मे व्यस्थित करना है |कभी कभी इसे function implementation भी कहते है |इसके सात भाग मुख्य होते है |ये सात भाग भी two group मे डिवाइड होते है |
1. function Header
2. function Body

function header मे function name,function type और parameter list आते है |
1. function Name और Type :
Function Type ये define करता है function के आउटपुट का datatype कोनसा होगा जो main function मे return होगा |
function name उस function का नाम, होता है जो C language के rules को फॉलो करना कहिये जैसे duplication नहीं होना चाहिए |
जब कोई function कोई value return नहीं करता तब उसका type void होता है जिसका मतलब है No Return Values |

2Function Parameter
इसे formal parameter भी कहते है |इस variables मे ,function calling के समय जो variable pass किये गये होगे use assign करता है |इसके बारे मे हम आगे के article मे पढ़गे |
सभी variables को comma से deferential करते है |अगर कोई भी variable pass नहीं होता तब void लिखना जरुरी होता है |

Function Body :
ये सभी executable statements और declaration को रखता है ये {} से क्लोज होता है इसके तीन parts होते है :
Variable Declaration : इसमें सभी local variable को declare किया जाता है ज्जिन्हे केवल उसी function मे use कर सकते है |
Function Statements : इसमें सभी statements को लिखा जाता है |
Return : इसमें function के लॉजिक से मिला आउटपुट को return किया जाता है जिसे main() मे use किया जाता है |

Return Statement को हम age article मे पड़ेगे |

उदहारण के लिए :

int add (int c,int d)  // function type:int,function name: add , Paratmeter: int a,int b//
{                              // Function body start //

int sum ;                // local variable declaration //

sum=a+b;             // Statement//

return sum;          //  return statement//

}                           // function Body close//

इस function का datatype int है क्योकि sum का datatype integer है जो की main()  फ़ुन्क्तिओन्न मे return हो रही है |

function,C language का powerful toll है क्योकि इसे declare और use करना सरल है |किसी C प्रोग्राम मे main(),printf() और scanf() मुख्य functions है |इस article मे :
1. Function कैसे design होता है ?
2. Function को कैसे प्रोग्रम से लिंक करते है ?
3. दो या दो अधिक functions को कैसे जोड़े ?
4. ये functions कैसे data transfer करते है ?

C function दो प्रकार से classified किया गया है :-
Library Function : ये Pre Define function होता है ये header file मे store होता है |इसे किसी प्रोग्रम मे  function calling करके use कर सकते है |जैसे :
math.h : cosh (x),pow((x,y) आदि |
stdio.h : printf() ,scanf() आदि |
string.h : strstr(),strlen() आदि |
User Define Function : ये यूजर define होगा |जैसे :
main () function.


Main():


Main () ये indicate है प्रोग्राम का starting point जहा  से प्रोग्राम execute होगा |किसी भी code को सिर्फ main() function से execute कर सकते है लेकिन  main() की length बड़ी और complex होगी तबdebugging ,running और testing मे difficulty होती है |Function मे अलग अलग parts होते है जो अलग अलग  execute होते है बाद मे combine होते है |


User Define Function की Need :
1. इसमें प्रोग्राम subprogram मे डिवाइड हो जाता है इसलिए time complexity कम हो जाती है |
2.किसी specific functions को repeat करना easy हो जाता है |

C Program का Approach :
जब किसी C प्रोग्राम मे दो या दो से अधिक functions होते  है तब्ब प्रोग्राम दो प्रकार से RUN होता है :-
1.Top-Down Prograameing 
इस प्रोग्रामिंग स्टाइल मे , complex और high level code पहले solve होते है और lower level function की डिटेल्स को बाद मे address किया जाता है |
इस स्टाइल मे , long प्रोग्राम की length को function से कम कर सकते है |लेकिन माइक्रो कंप्यूटर के लिए ये fact फिट नहीं होता है क्योकि माइक्रो कंप्यूटर मे space redution main होती है |
इस स्टाइल  मे faulty function को easily find किया जा सकता है |
उदहारण के लिए :
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
void main()
{
int a,b.c;
printf(” Enter two values “);
scanf(“%d %d”,&a,&b);
c=add(a,b);
printf(“Add =%d”,c);
getch();
}
int main( int r,int f)
{
int sum;
sum=r+f;
return sum;
}
इस प्रोग्राम मे main function को पहले declare किया गया है और main() function ही पहले execute होगा |
add() function बाद मे होगा |

Bottom -Up Style :
ये स्टाइल high level कंप्यूटर languages(c++,JAVA आदि ) मे use होती है |इसमें subprograme पहले design होते है बाद मे main(0 function का exucation होता है |
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
int main( int r,int f)
{
int sum;
sum=r+f;
return sum;
}
void main()
{
int a,b.c;
printf(” Enter two values “);
scanf(“%d %d”,&a,&b);
c=add(a,b);
printf(“Add =%d”,c);
getch();
}

इस प्रोग्राम मे add() function main() function से पहले execute होगा |

Function Definition :
User Define Function बनाने के लिए , तीन प्रकार operation मुख्य होते है :-
1.Function Defination
Function को define करने से मतलब है function के लॉजिक को syntax मे व्यस्थित करना है |कभी कभी इसे function implementation भी कहते है |इसके सात भाग मुख्य होते है |ये सात भाग भी two group मे डिवाइड होते है |
1. function Header
2. function Body

function header मे function name,function type और parameter list आते है |
1. function Name और Type :
Function Type ये define करता है function के आउटपुट का datatype कोनसा होगा जो main function मे return होगा |
function name उस function का नाम, होता है जो C language के rules को फॉलो करना कहिये जैसे duplication नहीं होना चाहिए |
जब कोई function कोई value return नहीं करता तब उसका type void होता है जिसका मतलब है No Return Values |

2Function Parameter
इसे formal parameter भी कहते है |इस variables मे ,function calling के समय जो variable pass किये गये होगे use assign करता है |इसके बारे मे हम आगे के article मे पढ़गे |
सभी variables को comma से deferential करते है |अगर कोई भी variable pass नहीं होता तब void लिखना जरुरी होता है |

Function Body :
ये सभी executable statements और declaration को रखता है ये {} से क्लोज होता है इसके तीन parts होते है :
Variable Declaration : इसमें सभी local variable को declare किया जाता है ज्जिन्हे केवल उसी function मे use कर सकते है |
Function Statements : इसमें सभी statements को लिखा जाता है |
Return : इसमें function के लॉजिक से मिला आउटपुट को return किया जाता है जिसे main() मे use किया जाता है |

Return Statement को हम age article मे पड़ेगे |

उदहारण के लिए :

int add (int c,int d)  // function type:int,function name: add , Paratmeter: int a,int b//
{                              // Function body start //

int sum ;                // local variable declaration //

sum=a+b;             // Statement//

return sum;          //  return statement//

}                           // function Body close//

इस function का datatype int है क्योकि sum का datatype integer है जो की main()  फ़ुन्क्तिओन्न मे return हो रही है |