समरूप आवेशित गोलीय कोश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता

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 (electric field intensity due to an uniformly charged spherical shell ) समरूप आवेशित गोलीय कोश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता  :
मान लीजिये एक R त्रिज्या को गोलीय कोश है यहाँ गोलीय कोश का अभिप्राय है की एक गोला जो अन्दर से खोखला है जैसे गेंद।
इस गोलीय कोश पर Q आवेश समान रूप से (संतत) वितरित है।
इस गोलीय कोश पर पृष्ठ आवेश घनत्व (एकांक क्षेत्रफल पर आवेश)
σ = कुल आवेश / कुल क्षेत्रफल
σ = Q/4πR
इस गोलीय कोश के केंद्र O से r दूरी पर एक बिंदु P स्थित है इस बिंदु P पर हमें गोलीय कोश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करनी है। 


यह P बिंदु 3 स्थितियों में संभव है 
1. जब P बिंदु गोलीय कोश के बाहर स्थित है अर्थात r > R 
इस दशा में केंद्र O से r त्रिज्या वाले गोलीय पृष्ठ (गाउसीयन ) की कल्पना करते है। 
अतः पृष्ठ से परिबद्ध आवेश = q 
अतः गॉसीय पृष्ठ से निर्गत कुल वैधुत फ्लक्स 
Φ = q/ε0k
पृष्ठ के प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E तथा क्षेत्रफल अल्पांश dS दोनों त्रिज्य दिशा में होता है या दूसरे शब्दों में कहे तो E तथा dS की दिशा समान होती है। 
चूँकि गाउसीयन पृष्ठ गोलीय आकृति है अतः केंद्र O से गाउसीयन पृष्ठ की दुरी समान (r) होगी। 
इसलिए विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मान भी समान होगा 
हम जानते है की 
Φ = E.dS = Q/ε0
चूँकि  dS= कुल क्षेत्रफल  = 4πr2 = गाउसीयन पृष्ठ का कुल क्षेत्रफल 
अतः 
Φ = E x 4πr2  = Q/ε

उपरोक्त सूत्र को देखकर हम यह कह सकते है की गोलीय कोश इस प्रकार व्यवहार करता है जैसे वह एक Q आवेश हो और सम्पूर्ण आवेश केंद्र पर रखा गया हो।
अतः गोलीय कोश जिस पर Q आवेश समान रूप से वितरित हो उसके लिए विद्युत क्षेत्र की तीव्रता वही होगी जो आवेश Q केंद्र पर रखा हो।  यह बात बल पर भी लागू होती है।
2. जब बिन्दु P गोलीय कोश के पृष्ठ पर स्थित है  अर्थात (r = R )
इस स्थिति में गाउसीयन पृष्ठ की त्रिज्या R होगी तथा परिबद्ध आवेश Q ही रहेगा। 
इसलिए ऊपर वाले सूत्र में  r = R रखने पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता 

3 . जब बिन्दु P गोलीय कोश के पृष्ठ के अंदर स्थित हो (गोले के अंदर)  अर्थात (r < R )
इस स्थिति में बिन्दु P जिस पर हमे विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करनी है वह बिन्दु आवेशित गोलीय कोश के भीतर है।
अतः  गाउसीयन पृष्ठ द्वारा परिबद्ध आवेश शून्य होगा। 
क्योंकि आवेशित गोले (चालक) पर आवेश केवल पृष्ठ पर स्थित होता है अंदर नहीं। 
Q = 0 
 Φ = E.dS = Q/ε0  = 0
अतः E = 0 
अतः इस स्थिति में  विद्युत क्षेत्र शून्य होगा। 
तीनो स्थितियों का सम्मिलित रूप से ग्राफ निम्न प्रकार बनता है।