ऊष्मा का संचरण (transmission of heat in hindi)

(transmission of heat in hindi) ऊष्मा का संचरण  : इसके बारे में अध्ययन करने से पहले यह जानते है कि ऊष्मा क्या होती है ?

हम सब जानते है की सभी चीजे परमाणु और अणुओं से मिलकर बनी होती है , और ये अणु या परमाणु वस्तुओं में विभिन्न प्रकार की गति करते रहते है जैसे कम्पन्न गति या घूर्णन गति।  जब अणु या परमाणु किसी भी प्रकार की गति करते है तो इनकी गति के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है।

कणों की गति जितनी अधिक होती है ऊष्मा का मान उतना ही अधिक होता है।

अब बात करते है की फिर तापमान क्या होता है ?

किसी भी वस्तु में सभी कण , परमाणु या अणु एक समान गति नहीं करते है , कुछ कण अधिक वेग से गति करते है और कुछ कम वेग से।

अत: किसी वस्तु में ऊर्जा के औसतन मान को ही तापमान कहते है अर्थात ऊष्मा और ताप समान चीज हो सकती है लेकिन किसी वस्तु का ताप उस वस्तु के औसत ऊष्मा उर्जा के मान को कहते है।

ऊष्मा का संचरण क्या है (what is transmission of heat )

ऊष्मा उर्जा का एक स्थान से दुसरे स्थान पर गति करना या स्थानान्तरित होना , ऊष्मा का संचरण कहलाता है।
ऊष्मा का संचरण तीन तरह से हो सकता है –
1. चालन (conduction)
2. संवहन (convection)
3. विकिरण (radiation)
जब दो बिन्दुओं के मध्य ताप में अंतर पाया जाता है तो वह ऊष्मा उच्च ताप वाले सिरे से निम्न ताप वाले सिरे की ओर गति करता है।
चालन और संवहन ऊष्मा संचरण विधियों में ऊष्मा संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है लेकिन विकिरण विधि में ऊष्मा संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नही होती है।
विकिरण विधि के द्वारा ही ऊष्मा का स्थानान्तरण सबसे तेज गति से हो सकता है , इसमें ऊष्मा का स्थानांतरण विद्युत चुम्बकीय विकिरणों द्वारा होता है , जिसमे कोई माध्यम की आवश्यकता नही होती है।

 

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