जड़त्व आघूर्ण प्रमेय : समान्तर अक्षों व लम्बवत अक्षो का प्रमेय (theorem related to moment of inertia)

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(theorem related to moment of inertia in hindi) जड़त्व आघूर्ण प्रमेय : समान्तर अक्षों व लम्बवत अक्षो का प्रमेय : सबसे पहले बात करते है कि दृढ़ पिण्ड क्या होता है और उसके बाद अध्ययन करते है कि जडत्व आघूर्ण किसे कहते है उसके बाद हम हमारे टॉपिक पर बात करेंगे।

दृढ पिण्ड :  ऐसा पिंड जिसके कण दृढ़तापूर्वक आपस में बंधे रहते है तथा इनके कणों के मध्य की दूरी बहुत कम होती है और बाह्य बल लगाने पर भी इनके कणों की स्थिति में परिवर्तन नही होता है , ऐसे पिण्डों को दृढ़ पिण्ड कहते है।
जड़त्व आघूर्ण : वृत्तीय पथ पर या घूर्णन गति कर रहे पिण्ड अपनी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करते है , पिण्डो के इसी गुण को जडत्व आघूर्ण कहते है। यदि पिण्ड का भार अधिक है तो इसका जड़त्व आघूर्ण का मान अधिक होता है अर्थात उसकी स्थिति में परिवर्तन करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी।

 जड़त्व आघूर्ण प्रमेय

जडत्व आघूर्ण से सम्बंधित दो प्रमेय है –
1. समान्तर अक्षों का प्रमेय (theorem of parallel axes)
2. लम्बवत अक्षो की प्रमेय (theorem of perpendicular axes)
अब हम यहाँ दोनों प्रमेय के बारे में विस्तार से पढेंगे और इनके लिए सूत्र का अध्ययन भी करेंगे।
1. समान्तर अक्षों का प्रमेय (theorem of parallel axes)
किसी पिण्ड के दिए गए अक्ष के परित: जड़त्व आघूर्ण (I) का मान , पिंड के द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाले अक्ष जो दिए गए अक्ष के समान्तर है उसके परित: जडत्व आघूर्ण और पिण्ड के द्रव्यमान M और दोनों अक्षों के मध्य की दूरी के वर्ग के योग के बराबर होगा।

माना एक पिण्ड चित्रानुसार है जो  z’ अक्ष के परित: घूर्णन कर रहा है अत: z’ के लिए पिण्ड का जड़त्व आघूर्ण I है।
पिण्ड के केन्द्र c से एक अक्ष z है जो z’ अक्ष के समान्तर है , इस केन्द्र से जाने वाले अक्ष के कारण जडत्व आघूर्ण का मान Ig है।
वस्तु का द्रव्यमान M है और दोनों अक्षों के मध्य की दूरी r है तो , समान्तर अक्षों की प्रमेय के अनुसार z’ अक्ष के परित: घूर्णन के कारण जड़त्व आघूर्ण का मान निम्न होगा –

 

 

2. लम्बवत अक्षो की प्रमेय (theorem of perpendicular axes)

किसी समतल पटल का उसके तल के लम्बवत अक्ष के परित: जडत्व आघूर्ण का मान , उस समतल पटल के तल में स्थिति अन्य दो लम्बवत अक्षों के परित: जड़त्व आघूर्ण के योग के बराबर होता है।
माना चित्रानुसार एक समतल पटल है जिसे नील रंग से दर्शाया गया है , इस समतल पटल के लम्बवत अक्ष Iz के परित: समतल पटल का जडत्व आघूर्ण का मान , अन्य दो अक्ष (Ix , Iy) जो समतल के तल में स्थित है अर्थात समतल पटल के समान्तर है , इन दोनों समान्तर के परित: जडत्व आघूर्ण के योग के बराबर होगा –