सांकेतिक शब्द | सांकेतिक शब्दों में बदलना | अर्थ मतलब क्या है | उदाहरण प्रश्न उत्तर | sign language in hindi

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सांकेतिक शब्द – (गूढार्थ)

तीन शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

कर्म – संचित, प्रारब्ध, क्रियमाण

गुण – सत्, रज, तम

दोष – वात, पित्त, कफ

अग्नि – बड़वाग्नि, दावाग्नि, जठराग्नि

काण्ड – कर्म, उपासना, ज्ञान

ऋण – देव ऋण, ऋषि, ऋण, पितृ ऋण

देव – ब्रह्मा, विष्णु, महेश

लोक – स्वर्ग, मृत्यु, पाताल

ताप – दैहिक, दैविक, भौतिक

वायु – शीतल, मन्द, सुगन्ध

श्रोता – मुक्त, मुमुक्षु, विषयी

चार शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

आश्रम – ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास

रिपु – काम, क्रोध, मोह, लोभ

प्रमाण – प्रत्यक्ष, अनुमान, शब्द, उपमान

युग – सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग

भक्तआर्त, जिज्ञासु, अर्थार्थी, ज्ञानी

अवस्था – जागृत, स्वप्न, सुषुप्ति, समाधि

पदार्थ – धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष

योनियाँअंडज, पिण्डज, स्वेदज, उद्भिज्ज

सेना – ( चतुरंगिणी ) घोड़ा, हाथी, रथ, पैदल

पाँच शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

गव्य – दूध, दही, घृत, गोबर, गोमूत्र

तत्व – पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश

ज्ञानेन्द्रियाँ – आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा

कर्मेन्द्रियाँ – हाथ, पाँव, मुख, मल, मूत्र के स्थान

यम – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, इन्द्रिय निग्रह

प्राण – प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान

छः रस – मीठा, खारा, चरपरा, कसैला, कडुआ, खट्टा

ईतियाँ – अतिवृष्टि, अनावृष्टि, चूहे, टिड्डी, तोते, राजा की चढ़ाई

दर्शन – न्याय, सांख्य, वैशेषिक, योग, वेदान्त, मीमांसा

ऋतु – बसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त, शिशिर ।

वेदाड्ग –  ज्योतिष, व्याकरण, छन्द, निरुक्त, कल्प, शिक्षा ।

सात शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

द्वीप -जम्बू, शाक, कुश, कौंच, शाल्मली, गोमेद, पुष्कर

तल – अतल, वितल, सुतल, महातल, तलातल, रसातल, पाताल

अंग –  ( राज्य के ) हाथी, घोड़ा, मंत्री, कोश, शस्त्र, देश, किला

रंगहरा, नीला, पीला, लाल, आसमानी, बैगनी, नारंगी

सागर –  लवण, दधि, क्षीर, मधु, इक्षु, मदिरा, घृत

आठ शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

सिद्धियाँ – अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व,

अंगवशित्व (योग के) यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि ।

पहर –  पूर्वान्ह, मध्याह्न, अपराह, सायं, प्रदोष, निशीथ, त्रियामा, ऊषा

नाग – अनंत, तक्षक, कर्कोटक, वासुकि, पद्म, कुलिक, महोयन, शेष

वसुसूर्य, चन्द्र, नक्षत्र, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, कुबेर

दिग्पाल –  इन्द्र, अग्नि, यम, नैऋत्य, वरुण, वायु, कुबेर, ईशान ।

नव शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

रस -करुण, शान्त, वीर, वीभत्स, रौद्र, हास्य, भयानक, श्रृंगार, अद्भुत ।

निधि –  महापद्म, पद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुन्द, कुन्द, नील, खर्व ।

नवधाभक्ति –   श्रवण, कीर्तन, स्मरण, चरणसेवा, दास्य, अर्चन, वन्दना, सख्त, आत्मनिवेदन ।

दश शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

लक्षण -(धर्म के) धृति, क्षमा, दम, अस्तेय, शौच, इन्द्रिय, निग्रह, धी, विद्या, सत्य, अक्रोध ।

अवतार –  कच्छप, वराह, मत्स्य, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि ।

दिशाएँ –  उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, नैऋत्य, ईशान, वायव्य, आग्नेय, आकाश, पाताल ।

ग्यारह शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

उपनिषद् – केन, कठ, ईश, मुण्डक, प्रश्न, माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, बृहदारण्यक, श्वेताश्वतर, छान्दोग्य ।

बारह शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

राशिसिंह, धनु, मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन, कर्क, मकर ।

चैदह शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

रत्न – श्री, रम्भा, वारुणी, अमृत, शंख, ऐरावत, धनुष, धन्वन्तरि, कामधेनु, कल्पवृक्ष, चन्द्रमा,

उच्चैःश्रवा, स्यमन्तक मणि ।

सोलह शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

संस्कार -गर्भाधान, पुंसवन, सीमन्त, जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, मुण्डन, कर्णवेध,

उपनयन, वेदारम्भ, समावर्तन, विवाह, वानप्रस्थ, संन्यास, अन्त्येष्टि ।

आठरह शब्दो वाले सांकेतिक शब्द :-

पुराण – ब्रह्म, पद्म, विष्णु, शिव, भागवत, नारद, अग्नि, मार्कण्डेय, वाराह, स्कन्द, वामन,

कूर्म, मत्स्य, गरुड़, भविष्य, ब्रह्मवैवर्त, लिंग, ब्रह्माण्ड ।

तैंतीस –  देवता 8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्य, इन्द्र, प्रजापति ।