सरीसृप वर्ग क्या होता है ? | सरीसर्प परिभाषा reptiles meaning in hindi , सबसे हल्का सरीसृप , दिल कक्षों

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(reptiles meaning in hindi ) सरीसृप वर्ग क्या होता है ? | सरीसर्प परिभाषा किसे कहते है ? सबसे हल्का सरीसृप , दिल कक्षों ?

सरीसर्प वर्ग

* रेंगकर चलने वाले जन्तु, अनियततापी।

* इनकी त्वचा में एपिडर्मल शृंगी शल्क पाये जाते हैं।

* इनमें आरबीसी पायी जाती हैं।

* मुख के अन्दर एक विषदंत पाया जाता है। इनमें अन्तः निषेचन होता है।

उदाहरणः घड़ियाल, मगरमच्छ, अजगर, करैत, नाग, घरेलू छिपकली, कछुआ, स्फेनोडॉन, यूरोमैस्टिक्स, डयनासोर, घड़ियाल पायथन एक विषहीन सांप है जिसे ‘अजगर’ भी कहा जाता है।

* नाग को कोबरा, बंगेरस को करैत और हेमीडेक्टिलस को घरेलू छिपकली के नाम से जाना जाता है।

* ड्रैको को उड़ने वाली छिपकली कहते हैं।

* करैत सबसे विषैला सांप होता है।

पक्षी वर्ग

* ये नियततापी जंतु होते हैं।

* जबड़ों में दांत नहीं होते, ये शृंगी होते हैं।

* हृदय में चार वेश्म होते हैं। दो अलिंद और दो निलय ।

* इन जंतुओं के हृदय में केवल दाहिना महाधमनी चाप ही पाया जाता है।

* आमतौर पर नर में मैथुन अंग नहीं होता है।

* ये अण्डज होते हैं।

उदाहरणः मैना, कबूतर, मोर, तोता, कीवी, आर्किओप्टेरिक्स, ऑस्ट्रिच, कबूतर आदि।

* ऑस्ट्रिच को शुतुरमुर्ग कहा जाता है जो एक दौड़ने वाला पक्षी है।

* कीवी भी दौड़ने वाला पक्षी है।

* हमिंग बर्ड सबसे छोटा पक्षी है।

* अवावील सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है।

* सबसे बड़ा अण्डा शुतुरमुर्ग का होता है।

स्तनधारी वर्ग

* ये उच्चतापी एवं नियततापी होते हैं यानी इनके शरीर का ताप बाह्य वातावरण के तापमान परिवर्तन के साथ नहीं बदलता है।

* त्वचा में स्वेद एवं तैल ग्रंथियां होती हैं।

* मादा में पाई जाने वाली स्तन ग्रन्थियां (डंउउंतल हसंदके) रूपांतरित त्वचीय ग्रंथियां होती हैं।

* स्तनधारी जन्तु द्विवारदंती होते हैं। इनके हृदय में चार कोष्ठ होते हैं।

* स्वरयंत्र में स्वर रज्जु होता है व अंडाशय छोटे होते हैं।

* स्तनधारी वर्ग को तीन उपवर्गों में बांटा गया हैः

  1. प्रोटोथीरिया
  2. मेटाथीरिया
  3. थूथीरिया

* प्रोटोथीरिया: इनमें कई लक्षण सरीसृपों की तरह होते हैं। बाह्य कर्ण अनुपस्थित होते हैं । अण्डे देने वाले स्तनधारी होने की वजह से इन्हें ओवीपेरस कहा जाता है।

उदाहरणः ऑर्निथोरिंकस, एकिडना, डकबिल, प्लैटिपस आदि।

* मेटाथीरियाः ऐसे जन्तु न तो अण्डे देते हैं और न ही पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म देते हैं। ऐसे बच्चे का विकास माता के उदर में स्थित मार्क्सपियल थैली में होता है। इनके शरीर का तापमान हमेशा एक समान रहता है। ये एकदंती होते हैं।

उदाहरणः कंगारू, डाइडेल्फिस आदि।

* थूथीरियाः इसमें उच्चवर्ग के स्तनधारी सम्मिलित होते हैं। इनके मस्तिष्क में महासंयोजक होता है। इनमें आंतरिक निषेचन होता है। इनमें खोपड़ी की अस्थियों के बीच की धारियां स्पष्ट होती हैं।

उदाहरणः चूहा, खरगोश, कुत्ता, हाथी, ब्लू व्हेल, मनुष्य, गिनी पिग, छछूदर (डवसम), पैंगोलिन आदि ।

यूथीरिया उपवर्ग (स्तनधारी)

इसको भी कई उपवर्गों में बांटा गया हैः

उपवर्ग    उदाहरण

इडेण्टेटा    आर्मेडिलो

लेगोमोर्फ    खरगोश

प्राइमेट्स    वनमानुष, चिंपांजी, मनुष्य

आर्टिओडेक्टाइला   भेड़, बकरी, नीलगाय, बकरी

सिटेशिया    हवेल मछली

प्रोबोसीडिया    हाथी

साइनेरिया    समु्रदी गाय

रोडेशिया    गिलहरी, चूहा

इन्सेक्टिवोरा   झाऊ चूहा

काइरोप्टेरा   चमगादड़

पेरिसोडेक्टाइला  इक्वस (घोड़ा)

कार्निबोरा   पैंथर, सील

कुछ प्रमुख समुद्री जन्तु एवं उनके संघ

समुद्री एनीमोन   निडेरिया

समुद्री खरहा   मोलस्का

समुद्री खीरा   इकाइनोडर्म

समुद्री पंखा   निडेरिया

समुद्री गाय   स्तनधारी

समुद्री घोड़ा   पीसेज

समुद्री कुमुदनी   इकाइनोडर्म

समुद्री सेही   इकाइनोडर्म

समुद्री चूहा   एनीलिडा

समुद्री पेन   निडेरिया