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protoplast fusion in hindi definition , प्रोटोप्लास्ट संलयन किसे कहते हैं , परिभाषा क्या है

पढ़िए protoplast fusion in hindi definition , प्रोटोप्लास्ट संलयन किसे कहते हैं , परिभाषा क्या है ?

प्रोटोप्लास्ट संलयन (Protoplast fusion)

पृथक्कित प्रोटोप्लास्ट प्लाज्मा कला से घिरी कोशिका होती है। कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ऐसी दो प्रोटोप्लास्ट इकाइयाँ निकट आने पर परस्पर आंसजन कर संगलित हो जाती है। यह क्रिया प्रोटोप्लास्ट संलयन कहलाती है।

इस विधि से दो सम्पूर्ण जीनोम का मिश्रण होता है। स्पष्ट है इस विधि से सामान्यत: संकरण न करने वाले पादपों में भी कायिक संकरण (somatic hybridization) की क्रिया करायी जा सकती है। इस प्रकार इस विधि से जीन स्थानान्तरण एवं जीन अभिव्यक्ति (gene transfer gene expression) तथा अनेक लक्षणों के स्थायी होने की अनेक सम्भावनाएँ विकसित हो गयी है। इस तकनीक से कायिक रूप से संचरित होने वाले पादपों जैसे केला, गन्ना व आलू की किस्मों में सुधार किया गया है।

प्रोटोप्लास्ट संलयन की क्रिया आकस्मिक (spontaneous) हो सकती है जब प्रोटोप्लास्ट का पृथक्करण किया जा रहा हो अथवा इसे प्रेरित भी किया जा सकता है।

(i) आकस्मिक संलयन ( Spontaneous fusion ) : आकस्मिक संलयन की क्रिया उस समय होती है जब प्रोटोप्लास्ट को निलम्बन (suspension) माध्यम में पृथक्करण हेतु रखा जाता है। कोशिकाओं के मध्य प्लाज्मोडेस्मेटा निकटतः उपस्थित कोशिकाओं के प्रोटोप्लास्ट से संलयन कर बहुकेन्द्रकीय पिण्ड बना लेते हैं। इन्हें होमोकेरयोन्स (homokaryons ) या होमोकेरयोसाइट्स (homokaryocytes) कहते हैं। प्रत्येक पिण्ड में 2-40 केन्द्रिकाएं हो सकती हैं। इन कोशिकाओं में विभाजन भी होता है किन्तु यह क्रिया अनियन्त्रित होती है एवं इन बहुकेन्द्रीय पिण्ड का पूर्णपादप में विकास नहीं हो पाता।

(ii) प्रेरित संलयन (Induced fusion ) : यह क्रिया नियन्त्रित प्रकार की करायी जाती है एवं इस विधि से प्रजनन शील पिण्ड विकसित होता है जो सम्पूर्ण पादप में विकसित होता है। यह क्रिया निम्नलिखित विधियों से करायी जाती है-

  • यान्त्रिक विधि (Mechanical method) : इस विधि में दो भिन्न जातियों के अथवा समान जाति के प्रोटोप्लास्ट को माइक्रोपिपेट से गुजारा जाता है जिसका दूरस्थ सिरा अंशत: अवरूद्ध होता है। अत: दो भिन्न इकाईयों के प्रोटोप्लास्ट परस्पर निकटतः सम्पर्क बनाते हैं एवं माध्यम के तरल द्वारा दबाये जाते हैं अतः इनमें संलयन की क्रिया हो जाती है।

(b) रासायनिक विधि (Chemical method) : इस विधि से प्रोटोप्लास्ट संलयन की क्रिया

प्रेरित किये जाने हेतु उपयुक्त रासायनिक कारकों जिन्हें फ्यूसोजन (fusogen) कहते हैं का उपयोग किया जाता है। मुख्य फ्यूसोजन सोडियम नाइट्रेट, पॉलीविनाइल एल्कोहल, डेक्ट्रॉन एवं पॉलीइथाइलीन ग्लाइकॉल हैं। इनमें से पॉलीइथाईलीन ग्लाइकॉल PEG सर्वाधिक श्रेष्ठ पाया गया है। इसमें दो भिन्न जातियों के प्रोटोप्लास्ट से संलयन करा कर द्विकेन्द्रीय हेटरोकेरियोन (heterokaryon) प्राप्त किया जाता है। इस क्रिया हेतु cah की उच्च सान्द्रता एवं 10.5 pH तथा 1540 से 6000 अणुभार का 23-30% सान्द्रता PEG काम में लाया जाता है। इस विधि को ओर अधिक प्रभावी बनाने हेतु फ्यूसोजन में कोन्कावेलिन A तथा डाइमिथाइल सल्फोक्साइड (DMSO4) मिलाया जाता है।

(c) विद्युत आवेश द्वारा (By electric charge) : इस विधि में विद्युत क्षेत्र का उपयोग किया जाता है। प्रोटोप्लास्ट को उच्च आवृत्ति वाले प्रत्यावर्ती विद्युत क्षेत्र में प्रवेश कराने पर कोशिकाएं परस्पर निकट आकर चिपक जाती है एवं संलयन करती है। कोशिकाओं की प्लाज्मा झिल्ली में संगलन हो जाता है जिससे कोशिका द्रव्यी नाल (cyloplasmic channel) का निर्माण होता है तथा प्रोटोप्लास्ट संलयन द्वारा हेटरोकेरयोन या होमोकेरयोन बनता है।

(vi) कोशिकाद्रव्यी साइब्रिड एवं हाइब्रिड (Cytoplasmic hybrid or cybrid) : दो भिन्न जातियों के प्रोटोप्लास्ट के संलयन से हेटरोकेरयोन तथा समान जातियों के प्रोटोप्लास्ट के संलयन से होमोकेरयोन बनता है। यह आवश्यक नहीं कि तुरन्त ही इनमें केन्द्रक (nuclei) भी युग्मित हो जाये। किन्तु जब इनके केन्द्रक परस्पर मिल जाते हैं तो संकर (hybrid) या सिनकैरियोसाइट (synkaryocyte) बनता है। यदि संलयित इकाई में से एक के केन्द्रक का संदेश लुप्त हो जाता है तो इसे साइब्रिड (cybrid) कहते हैं। अर्थात् इसमें कोशिकाद्रव्यी सन्देश एक प्रजाति से तथा केन्द्र दूसरी जाति से प्राप्त होता है।

संवर्धन के दौरान साइब्रिड का निर्माण निम्नलिखित प्रकार से संभव है-

  • हेटरोकेरियान के निर्माण के पश्चात एक केन्द्रक को हटा दिया जाये ।
  • सामान्य प्रोटोप्लास्ट का संलयन केन्द्रक विहीन प्रोटोप्लास्ट से कराया जाये ।
  • सामान्य प्रोटोप्लास्ट का संलयन अक्षम केन्द्रकयुक्त प्रोटोप्लास्ट से संलयन कराया जाये।
  • प्रोटोप्लास्ट संलयन के दौरान एक केन्द्रक में चयनात्मक रूप से क्षति हो ।

कार्लसन एवं इनके साथियों (Carlson et al 1972) ने सर्वप्रथम निकोटिआना ग्लोका (Nicotiana glauca) तथा निकोटिआना लेग्सडार्फी (N. langsdorffi) में प्रोटोप्लास्ट का अध्ययन. किया। इसके पश्चात् अनेक जातियों में यह क्रिया सम्पन्न करायी गयी है।

चयन प्रक्रिया (Selection procedure) प्रोटोप्लास्ट संलयन के दौरान यह आवश्यक नहीं कि शतप्रतिशत कोशिकाओं में संलयन हो ही जाये। अतः निलम्बन माध्यम में संलयित कोशिकाओं की पहचान एवं चयन किये जाने हेतु विशिष्ट विधियाँ अपनाई जाती है। इसके लिए चयनित मार्कर (marker) का उपयोग किया जाता है उदाहरणतः तम्बाकू व गाजर के पादप की कोशिकाओं में संलयन हेतु तम्बाकू के प्रोटोप्लास्ट का हरा रंग व गाजर का लाल वर्णक एन्थोसायनिन मार्कर का कार्य करते हैं। कुछ संलयित कोशिकाएं नष्ट भी हो जाती है। अतः इनकी पहचान आवश्यक है जिनमें केन्द्रकों का संलयन हो चुका है, संकर कोशिकाओं का चुनाव मिश्रित संवर्धन में से निम्न बिन्दुओं के आधार पर किया जाता है।

(i) पादप की आकारिकी

(ii) भिन्न प्रकाश संवेदनशीलता

(iii) औषधियों व परिस्थितियों हेतु प्रतिरोध क्षमता

(iv) वृद्धि स्वरूप

(v) पोषणीय चयन

प्रोटोप्लास्ट संलयन की उपयोगिताएं (Applications of protoplast fusion ) प्रोटोप्लास्ट प्राप्त कर संलयन करने की विधि के विकसित होने से जीवों में इच्छित जातियों के आनुवंशिक लक्षणों में इच्छित चयन का युग आरम्भ हुआ है। इस विधि से-

(i) लैंगिक रूप से अक्षम प्रजातियों में कायिक संकरण द्वारा हाइब्रिड का निर्माण सम्भव है। (ii) कायिक प्रजनन करने वाली जातियों में विषयुग्मजी पादप प्राप्त किये जाते हैं।

(iii) चयनित जीनोम को ग्रहण कर रोग प्रतिरोधक जातियाँ प्राप्त की जाती है।

इस विधि से कीट प्रतिरोधी, रोगाणु रोधी, शीत रोधी, फसलें तैयार की गयी है। अतः उत्पादन में वृद्धि स्पष्ट दिखाई देती है।

(iv) पादपों में बाह्य हरितलवक ( chloroplast) के प्रतिरोपण द्वारा पादप की प्रकाश संश्लेषण क्षमता में वृद्धि होती है।

(v) पादप प्रोटोप्लास्ट में आनुवंशिक पुनर्योजन (genetic recombination) एवं आनुवंशिक परिवर्तन (genetic manipulation) की विपुल संभावनाएं हैं।

(vi) एक जाति के जीनोम को दूसरी जाति के जीनोम से प्रोटाप्लास्ट द्वारा संलयन कराकर पादपों की नयी जातियाँ विकसित की गयी है। आलू व टमाटर के पौधे में प्रोटोप्लास्ट संलयन कराकर संकर पादप (hybrid plant) प्राप्त करने में सफलता हासिल की है चित्र 20.3 में इसका रेखाचित्र प्रदर्शित किया गया है।

इसी प्रकार धतूरा, पिट्निया, सोलेनम (बैंगन, आलू आदि) व एट्रोफा, जौ व चावल, गेहूं व औट, जौ व गेहूं, गन्ना व ज्वार के संकर प्राप्त किये गये हैं।

(vii) प्रोटोप्लास्ट में बाह्य जीन प्रवेशित कराने हेतु बायोलिस्टिक (biolistic) machine का उपयोग किया जाता है। इस विधि से ऊत्तकों में सीधे बाह्य जीन प्रवेशित कराये जाते हैं। इसके लिये जीन्स को स्वर्ण या टंगस्टन से आवरित जीन जिन्हें गोलियाँ (bullets) कहा जाता है, पादप ऊत्तक में दागी जाती है। इस प्रकार पादपों के प्रोटोप्लास्ट या ऊत्तकों में बाह्य जीन्स सफलता पूर्वक प्रवेशित करायी जाती है। आनुवंशिक अभियांत्रिकी द्वारा पादपों में बाह्य जीन प्रवेशित कराने की यह विधि युनाटेड किंगडम प्रचलित है किन्तु इसके लिये तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है।

प्राणी कोशिकाओं में संलयन द्वारा संकर कोशिका प्राप्त करने में भी सफलता मिली है। इस जैव प्रौद्योगिकी में काफी महत्व है। मायोब्लास्ट (myoblast) के संलयन से बहुकेन्द्रीय क्रिया

पेशीय तन्तु प्राप्त किये जा रहे हैं । लसिकाणु या फेगोसाइट कोशिकाएं मेक्रोफेजेज (macrophages) बाह्य काय या जीवाणुओं से संलयन करती है। अस्थि कोशिकाओं में भी यह लक्षण पाया जाता है। संवर्धन माध्यम में संवर्धन कर रही कोशिकाओं में संलयन की क्रिया में विषाणुओं को प्रेरक (inducer) पाया गया है। सेन्डाई विषाणु अक्रियित (inactivated) का उपयोग दो भिन्न प्रकार की कोशिकाओं में संलयन हेतु किया गया है। इस प्रकार निर्मित हेटरोकेरयोन समसूत्री विभाजन कर एक कोशीय संकर कोशिकाएं उत्पन्न करता है।

औद्योगिक लाभ हेतु कवक के प्रभेदों में प्रोटाप्लास्ट संलयन कर उन्नत जातियाँ प्राप्त की गयी है। सिफेलोस्पोरियम एक्रिमोनियम के दो प्रभेदों में क्रास कराकर सिफेलोस्पोरिन C प्रतिजैविक प्राप्त किया गया है।

प्रश्न (Questions)

  1. निम्नलिखित के अतिलघु

Give very short answer of the following

  1. वनस्पति जगत् में कोशिकाएँ जिनकी कोशिका भित्ति घोल दी जाती है, किस नाम से जानी जाती है ?

The cells in plant kingdom whose cell wall is dossolved, by which name they are called ?

  1. साइब्रिड क्या है ?

What is cybrid ?

3.कवक कोशिकाओं से प्रोटोप्लास्ट प्राप्त करने की विधि किस वैज्ञानिक ने प्रस्तुत की ?

Which scientist described the method of getting protoplast from fungi cells?

  1. संलयन हेतु प्रोटोप्लास्ट को किस रसायनिक तरल में रखते हैं ?

For fusion in which chemical substance the protoplast in kept?

  1. आलू व टमाटर के प्रोटोप्लास्ट से संलयन कर कौन सा पादप प्राप्त किया गया है ?

Which plant is produced by protoplast fusion of potato and tomato ?

  1. प्रोटोप्लास्ट संलयन हेतु लाइसोजाइम एन्जाइम किन जीवों से प्राप्त होता है ?

From which organisms lysozyme enzyme is obtained for protoplast fusion?

  1. सूरजमुखी व सोयाबीन के प्रोटोप्लास्ट संलयन से जो पादप प्राप्त किया गया है उसका नाम बताइये।

The plant obtained from protoplast fusion of sunflower and soyabeen, write the name of it.

  1. यूकैरियोटिक कोशिकाओं से प्रोटोप्लास्ट प्राप्त करने की यान्त्रिक विधि हेतु परासरण की कौनसी विधि का उपयोग किया जाता है ?

Which method of osmosis is applied to get potoplast from eukaryotic cells for mechanical method?

  1. प्रोटोप्लास्ट के संवर्धन के दौरान पेराफिन या तेल की वलय का उपयोग किस लिये किया जाता है ? बताइये ।

Use of parafin or oil ring is why necessary for culture of protoplast, explain.

  1. पादपों में कायिक संकरण की एक विधि बताइये ।

Write the name of one method of somatic hybridization in plants.

  1. लघु उत्तर वाले प्रश्न

Short answer questions

लघु टिप्पणी लिखिये (Write short notes on)

  1. प्रोटोप्लास्ट (Protoplast )
  2. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं से प्रोटोप्लास्ट पृथक्करण

(Isolation of protoplast from prokaryotic cells)

3.यूकैरियोटिक कोशिकाओं से प्रोटोप्लास्ट पृथक्करण

(Isolation of protoplast from eukaryotic cells)

  1. संवर्धन विधियां (Culture methods)
  2. प्रोटोप्लासट संलयन (Protoplast fusion)
  3. प्रोटोप्लास्ट संलयन की उपयोगिताएँ

(Applications of protoplast fusion)

  1. प्रोटोप्लास्ट को परिभाषित कीजिये ।

Define protoplast.

III. दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न

Long answer questions

  1. प्रोटोप्लास्ट संलयन की विधियों का उल्लेख कीजिये ।

Write an account on methods of protoplast fusion.

  1. प्रोटोप्लास्ट संवर्धन पर लेख लिखिये ।

Write an assay on protoplast culture.

  1. प्रोटोप्लास्ट संलयन क्या है यह कैसे किया जाता है ? इसकी उपयोगिताएं भी बताइये।

What is protoplast fusion it is conducted ? also discuss its applications.

  1. प्रोटोप्लास्ट संवर्धन के बारे में विस्तार लिखिये ।

Write in detail about protoplast culture.

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