ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने की चार विधियाँ (4 methods of producing polarized light in hindi)

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(4 methods of producing polarized light in hindi) ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने की चार विधियाँ : जैसा कि हम सब जानते है कि सामान्य प्रकाश को अध्रुवित प्रकाश कहते है क्यूंकि सामान्य प्रकाश की विद्युत चुम्बकीय तरंगे एक से अधिक तल में कम्पन्न करती है , जब सामान्य प्रकाश को किसी विशेष विधि द्वारा ध्रुवित प्रकाश में बदला जाता है तो अब यह ध्रुवित प्रकाश केवल एक तल में कम्पन्न करता है अर्थात ध्रुवित प्रकाश की तरंगे केवल एक तल में कम्पन्न करती है।

अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदलने की विधि को ध्रुवण कहते है।

हम यहाँ अध्रुवित प्रकाश (सामान्य प्रकाश) को ध्रुवित प्रकाश में बदलने के चार तरीकों का अध्ययन करेंगे।

1. पोलेरॉइड के द्वारा प्रकाश का ध्रुवण (Polarization by using Polaroid Filter)

यह सबसे अधिक काम में ली जाने वाली विधि है अर्थात इस विधि द्वारा सबसे अधिक अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में परिवर्तित किया जाता है , जैसा कि हम जानते है कि अध्रुवित (सामान्य) प्रकाश की तरंगें दो तलों में कम्पन्न करती है।  पोलेरॉइड फ़िल्टर एक तल के कम्पन्न को ब्लाक कर देता है जो पोलेरॉइड के लम्बवत होता है और दुसरे तल की कम्पन्न की तरंगों को गुजरने देता है जो इस पोलेरॉइड के तल के समान्तर होती है।  इस प्रकार इस पोलेरॉइड से निकलने वाली तरंगे केवल तल में कम्पन्न करती है अर्थात अध्रुवित प्रकाश ध्रुवित प्रकाश में परिवर्तित हो जाता है।

2. परावर्तन द्वारा ध्रुवण (Polarization by Reflection)

अधातु की सतह का उपयोग परावर्तन विधि द्वारा ध्रुवण के लिए किया जाता है , इसके अलावा पारदर्शी माध्यम के द्वारा भी ध्रुवण संभव है। जब किसी अधातु सतह पर कोई प्रकाश आपतित होता है और यदि यह एक विशेष कोण पर आपतित हो तो परावर्तन के बाद जो प्रकाश प्राप्त होता है वह ध्रुवित प्रकाश होता है , इस विधि को परावर्तन द्वारा ध्रुवण कहते है।

3. अपवर्तन द्वारा ध्रुवण (Polarization by Refraction)

इस विधि में प्रकाश की अपवर्तन विधि का प्रयोग किया जाता है , जब कोई प्रकाश तरंगें किसी एक सतह से दूसरी सतह में प्रवेश करता है तो प्रकाश अपना मार्ग परिवर्तित कर लेती है इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते है। जब प्रकाश की तरंगे किसी विशेष सतहों से अपवर्तित होती है तो निर्गत प्रकाश ध्रुवित प्रकाश होता है।
कुछ विशेष क्रिस्टल होती है जैसे केल्साईट , जब कोई प्रकाश इन पर गिरता है तो इसके कारण प्रकाश में द्वि अपवर्तन की घटना घटित होता है जिससे निर्गत प्रकाश दो भागों में बंट जाता है जो ध्रुवित प्रकाश की तरंगे है।

4. द्विवर्णता विधि (Polarization by dichroism)

यह विधि है जो हमने पोलेरॉइड द्वारा ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने में काम में ली , इसमें विशेष प्रकार के क्रिस्टल का उपयोग किया जाता है जिसमे यह गुण होता है कि यह विशेष प्रकार के प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और एक विशेष प्रकार के प्रकाश को इससे गुजरने देता है , यह निर्गत होने वाला प्रकाश ध्रुवित प्रकाश होता है और इस विधि को द्वि वर्णता विधि द्वारा प्रकाश को ध्रुवित करना कहलाता है।