आवेशित अचालक गोले के कारण विद्युत विभव potential non conducting sphere

(electrical potential due to charged non conducting sphere ) आवेशित अचालक गोले के कारण विद्युत विभव  : हम यह पढ़ चुके है की जब अचालक गोले को आवेशित किया  जाता है अर्थात आवेश दिया जाता है तो वह वही ठहरा रहता है जहाँ इसे दिया जाता है अर्थात पृष्ठ पर या अन्य जगह पर विस्थापित नहीं होता क्योंकि अचालक में आवेश गति नहीं कर पाते है।

हम मान रहे है की अचालक को आवेशित करने पर आवेश उसके अंदर चित्रानुसार स्थित है अब इस आवेशित अचालक गोले के कारण हम विद्युत विभव का मान ज्ञात करेंगे।
हम गोले के केंद्र O से r दुरी पर एक बिंदु P पर विद्युत विभव ज्ञात करेंगे , इस बिन्दु P की तीन स्थितियां संभव है।

1. जब P बिंदु अचालक गोले के बाहर स्थित हो (r > R )

जब P बिंदु अचालक गोले से r दुरी पर स्थित है अर्थात गोले के बाहर स्थित है तो इस दशा में r > R होगा।
हम विभव की परिभाषा से जानते है की
V = rE.dr
हम आवेशित अचालक गोले के कारण बाहर स्थित बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कर चुके है।
विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (E) का मान रखने पर
हल करने पर
सूत्र से हम स्पष्ट रूप से देख सकते है की अचालक गोले के बाहर स्थित बिन्दु पर विभव 1/r के समानुपाती होता है।

2. जब P बिन्दु अचालक गोले की सतह पर स्थित हो (R = r )

इस स्थिति में r का मान R (गोले की त्रिज्या) के बराबर होगा
हमने अभी ज्ञात किया था
इस सूत्र में r के स्थान पर R रखने पर हमें पृष्ठ पर विद्युत विभव का मान प्राप्त होता है
अतः

3. जब P बिंदु अचालक गोले के अन्दर स्थित हो अर्थात r < R

जब P बिन्दु अचालक गोले के भीतर होगा तो इसके कारण उत्पन्न विभव को दो भागो में विभक्त कर सकते है
अ. अनंत से पृष्ठ तक
ब. पृष्ठ से बिंदु P तक
अ. अनंत से पृष्ठ तक
V = – RE.dr
हम ज्ञात कर चुके है यह निम्न प्राप्त होगा 
ब. पृष्ठ से बिंदु P तक 
पृष्ठ से P बिंदु तक विभव
पृष्ठ के अंदर स्थित बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
V = – RrE.dr
निम्न समीकरण में E का मान रखकर हल करने पर 
आवेशित अचालक गोले के अन्दर कुल विभव 
प्राप्त सूत्रों से यह बात स्पष्ट है की आवेशित अचालक गोले के केंद्र से सतह तक विद्युत विभव r2 से घटता है तथा गोले के बाहर r-1 से घटता हुआ अनंत तक शून्य हो जाता है।
तथा गोले के केंद्र पर विभव पृष्ठ की तुलना में 1.5 गुना होता है।
अतः दूरी r व विभव V के मध्य ग्राफ खींचने पर वह निम्न प्रकार प्राप्त होता है।

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