भौतिक और रासायनिक परिवर्तन (physical and chemical changes in hindi)

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(physical and chemical changes in hindi) भौतिक और रासायनिक परिवर्तन : जब किसी पदार्थ के भौतिक या रासायनिक गुणों में बदलाव होता है तो इसे परिवर्तन कहते है। उदाहरण के लिए यदि किसी पदार्थ के रंग , अवस्था , प्रकृति आदि में बदलाव आना परिवर्तन कहलाता है।
किसी भी पदार्थ की भौतिक या रासायनिक परिवर्तन का अभिप्राय होता है उसमें क्रिया हो रही है और इसी क्रिया के कारण इसके भौतिक और रासायनिक गुणों में परिवर्तन संपन्न हो रहा है।
हम इसे एक उदाहरण द्वारा समझ सकते है –
जब हम किसी बर्फ को गर्म करते है या ताप देते है तो यह बर्फ पानी में बदलने लगता है और जब इस पानी को और अधिक ताप दिया जाता है तो यह पानी उबलने लगता है और वाष्प में बदलने लगता है और यदि इस वाष्प को यदि दोबारा ठंडा किया जाए तो यह जल में पुन: परिवर्तित होने लगता है और अधिक ठंडा करने पर यह जल पुन: बर्फ में परिवर्तित होना लगता है इस प्रकार किसी पदार्थ के भौतिक या रासायनिक गुणों में परिवर्तन होना ही परिवर्तन कहलाता है।
यह परिवर्तन दो प्रकार का हो सकता है –

  1. भौतिक परिवर्तन (Physical Changes)
  2. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

अब हम इन दोनों प्रकार के परिवर्तनों को विस्तार से अध्ययन करते है।

  1. भौतिक परिवर्तन (Physical Changes)

जब किसी पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन होता है लेकिन रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नही होता है तो इस प्रकार के परिवर्तन को भौतिक परिवर्तन कहा जाता है। पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन का तात्पर्य होता है उसके आकार , आकृति , रंग , अवस्था आदि गुणों में परिवर्तन होना। याद रखिये कि भौतिक परिवर्तन का अभिप्राय एक नए पदार्थ का निर्माण होना बिल्कुल भी नहीं है। भौतिक परिवर्तन की घटना का उदाहरण निम्न है –

बर्फ को गर्म करने पर यह जल में बदल आता है अर्थात इसकी अवस्था बदल जाती है पहले बर्फ ठोस अवस्था में होता है फिर गर्म करने पर यह ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाता है लेकिन इसके रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता है अर्थात इसका अणुसूत्र ठोस और द्रव दोनों अवस्था में समान बना रहता है।
भौतिक परिवर्तन के कुछ अन्य उदाहरण –
  • किसी पदार्थ का टुकडो में टूटना
  • चीनी या नमक का जल में घुलना
  • गर्म करने पर धातु में विस्तार होना।

2. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

ऐसा परिवर्तन जिसमें पदार्थ के रासायनिक गुणों में परिवर्तन होता है ऐसे परिवर्तन को रासायनिक परिवर्तन कहते है। 

इस परिवर्तन में दो या दो से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करते है और क्रिया के फलस्वरूप एक नए पदार्थ का निर्माण करते है , इस नए पदार्थ के रासायनिक गुण क्रिया कारक पदार्थ से कुछ भिन्न प्राप्त होते है इसलिए ही इसे रासायनिक परिवर्तन कहते है।
अर्थात रासायनिक परिवर्तन में एक नए पदार्थ का ही निर्माण हो जाता है।
इसे निम्न उदाहरण से समझ सकते है –
जब कार्बन की क्रिया ऑक्सीजन के साथ की जाती है तो क्रिया के फलस्वरूप कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस प्राप्त होती है अर्थात यहाँ कार्बन और ऑक्सीजन , कार्बन डाइ ऑक्साइड में परिवर्तन हो जाती है।
यहाँ प्रारंभ में कार्बन ठोस अवस्था में होता है और ऑक्सीजन गैस अवस्था में लेकिन क्रिया के बाद अर्थात रासायनिक परिवर्तन के बाद हमें कार्बन डाइ ऑक्साइड पदार्थ गैस अवस्था में प्राप्त होता है अत: इसमें अवस्था भी परिवर्तित हो सकती है।
इस परिवर्तन में पदार्थ के रासायनिक गुण पूर्ण रूप से परिवर्तित हो सकते है।
रासायनिक परिवर्तन के अन्य उदाहरण –
  • उष्माक्षेपी अभिक्रिया में ऊष्मा का उत्सर्जन रासायनिक परिवर्तन के कारण ही होता है।
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण रासायनिक परिवर्तन के कारण होता है।
  • कई अभिक्रिया में प्रकाश उत्पन्न होता है यह भी रासायनिक परिवर्तन के कारण होता है।