pest risk analysis in hindi पीड़क जोखिम विश्लेषण क्या होता है ? कीट जोखिम विश्लेषण किसे कहते है

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पीड़क जोखिम विश्लेषण क्या होता है ? कीट जोखिम विश्लेषण किसे कहते है कार्य pest risk analysis in hindi  ? 

पीड़क जोखिम विश्लेषण (Pest-Risk Analysis)
पीड़क जोखिम विश्लेषण को जोखिम स्तर निर्धारण के लिए एक जैविकीय साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस विश्लेषण के आधार पर ऐसे नियम एवं विनियम बनाए जाएं एवं ऐसे साधन काम में लाए जाएं जिनके द्वारा बाह्यदेशी संगरोध महत्वपूर्ण पीड़कों एवं रोगजनकों का प्रवेश रोक कर भारत की कृषि को बचाया जा सके। आयात करने वाला देश विनियम बनाता है, प्रवेश बिंदुओं पर कार्यविधियां विकसित करता है, प्रमुख बंदरगाहों पर निरीक्षण केंद्र बनाता है। सारांश में, विनियमकारी गतिविधियां एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एक-दूसरे के साथ निकटतरू जुड़े-बंधे हैं और इसका आधार है पीड़क जोखिम का विश्लेषण।

जोखिम विश्लेषण एक औपचारिक प्रक्रिया है जिसमें गैर-स्वदेशी जीव की पहचान, उसका मूल्यांकन एवं प्रबंधन किया जाता है जो आयातित सामान के साथ में आ सकता है और ऐसे जीव के आधुनिक जोखिम-विश्लेषण का महत्व बढ़ता जा रहा है। इस काम में लगे नियमनकर्ता अब परस्पर बैठकर के पीड़क सूचना का एक सम्पूर्ण, समनुरूप एवं पारदर्शी रूप में विश्लेषण कर सकते हैं।

जोखिम मूल्यांकन का एक प्राप्तशील उद्देश्य यह है कि किसी विशिष्ट गैर-स्वदेशी जीव अथवा किसी विशिष्ट दिशा मार्ग से संबद्ध गैर-स्वदेशी जीव द्वारा सामने आ सकने वाले समग्र खतरे का तर्कसंगत आकलन प्रदान किया जा सके। खतरा मूल्यांकन में अनिश्चितता भी हो सकती है जो क्रिया में, मूल्यांकन में अथवा जैव विज्ञानीय पृष्ठभूमि की हो सकती है। इन तीन में से जैवविज्ञानीय अनिश्चितता को संभालना सबसे कठिन होता है। तथापि एक अच्छे जोखिम मूल्यांकन में अनिश्चितता के महत्वपूर्ण स्रोत पहचानने में तथा उस अनिश्चितता को एक मात्रात्मक रूप में दर्शाने में सहायता मिल सकती है।

अतिरिक्त पाठय सामग्री
कॉन्सैप्ट्स इन इन्टीग्रेटिड पैस्ट मैनेजमेन्ट । राबर्ट एफ नॉरिस, डी.पी., कैसवेल-चेन एन्ड मारकोस कोगन (2003)। पीयरसन एज्यूकेशन, इन्क, न्यू जर्सी ।

एग्रीकलचरल इन्सैक्ट पैस्टस ऑफ द ट्रॉपिक्स एन्ड देयर कन्ट्रोल्स (सैफिन्ड एडीशन) डैनिस एस. हिल कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस ।

इन्ट्रोडक्शन टू इन्सैक्ट पैस्ट मैनेजमैन्ट । राबर्ट एल-मैटकाल्फ एन्ड डब्ल्यू.एच.लकमैन (थर्ड एडिशन) जॉन विले एन्ड सन्स, इन्क., ए विली इन्टर साइंस पब्लिकेशन ।

इन्सैक्ट पैस्ट मैनेजमैन्ट (टैकिनक्स फॉर एन्वॉयरमैन्टल प्रोटैक्शन) जैक इ. रैचिगल एन्ड नैन्सी ए. रैचिगल (2000). लिडुस पब्लिशर्स, वाशिंगटन, डी.सी।

प्रय छात्र,
इन इकाइयों का अध्ययन करते समय आपको पाठ्यसामग्री के कुछ अंशों को समझने में कठिनाई आई होगी। हम आपकी कठिनाइयों
और सुझावों को जानना चाहते हैं ताकि हम पाठ्यक्रम में सुधार ला सकें। अतः हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप इस खंड से
संबंधित निम्न प्रश्नावली को भर कर हमारे पास अवश्य भेजें।

प्रश्नवाली
APM-01

क्रमांक खण्ड -4

1) इसकी इकाइयों का अध्ययन करने में आपको कितने घंटे लगे?
इकाई संख्या 1 2 3 4
कुल घंटे

2) नीचे दी गयी सारणी में हमने चार प्रकार की कठिनाइयां सूचीबद्ध की हैं जिन्हें हम समझते हैं कि वे आपके सम्मुख आयी होंगी। कृपया कठिनाई के प्ररूप पर सही (√) का निशान लगाइए और संबद्ध स्तम्भों में पृष्ठ संख्या लिखिए :
पृष्ठ संख्या कठिनाई का प्रकार
प्रस्तुतिकरण स्पष्ट नहीं है भाषा कठिन है चित्र स्पष्ट नहीं है शब्दावली को स्पष्ट नहीं किया गया है।

 

3) हो सकता है कि आप कुछ बोध-प्रश्नों अथवा अंत के प्रश्नों का उत्तर न दे पाए हों। निम्नलिखित सारणी में कुछ संभव कठिनाइयां सूचीबद्ध की गयी हैं। कृपया संबद्ध इकाई एवं प्रश्न संख्या आदि के संबंध में कठिनाई-प्ररूप पर सही (√) का निशान लगाएं।
इकाई
संख्या बोध प्रश्न
की संख्या अंत के प्रश्न
की संख्या कठिनाई का प्रकार
ठीक से प्रस्तुत नहीं किये गये दी गयी सूचना के आधार पर उत्तर नहीं दे सकतें दिया गया उत्तर (इकाई के अंत में) स्पष्ट नहीं है। दिया गया उत्तर पर्याप्त नहीं है।

 

4) क्या शब्दावली में सभी कठिन शब्दों को शामिल किया गया है? यदि नहीं, तो नीचे लिखिए :

 

 

 

 

 

5) अन्य कोई सुझाव

 

 

 

 

 

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सेवा में,
पाठ्यक्रम समन्वियका (एपीएम 01 : समाकलित पीड़क प्रबंधन)
विज्ञान विद्यापीठ
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
मैदान गढ़ी
नई दिल्ली-110068
इकाई 19 आई पी एम की भविष्य में संभावनाएं
यदि आपको मालूम नहीं है कि आप कहां जा रहे हैं तो आप को सावधान रहना होगा, क्योंकि शायद आप वहां तक न पहुंच पाएं। भविष्य अब वैसा नहीं है जैसा हुआ करता था।
योगी बेरा