दोलन गति की परिभाषा क्या है , सरल आवर्त गति , एक समान वृत्ताकार पथ पर सरल आवर्त गति oscillation class 11 in hindi

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oscillation class 11 in hindi , दोलन गति की परिभाषा क्या है , सरल आवर्त गति , एक समान वृत्ताकार पथ पर सरल आवर्त गति , वेग , त्वरण :-

दोलन :

आवर्त गति : किसी पिण्ड या वस्तु की होने वाली ऐसी गति जिसमे पिण्ड निश्चित समयान्तराल में बार बार अपने निश्चित पथ को बार बार दोहराता है , आवर्त गति कहलाती है।

अनाआवर्त गति : किसी वस्तु या पिण्ड की होने वाली ऐसी गति जिसमे पिण्ड निश्चित समयान्तराल में पुनः निश्चित पथ को नहीं दोहराता है तो ऐसी गति को अनाआवर्त गति कहते है।

दोलन या कम्पन्न गति : ऐसी गति जिसमे कोई कण या पिण्ड अपनी साम्य अवस्था के आस पास गति करता है , दोलन या कम्पन्न गति कहलाता है।

सरल आवर्त गति : सरल आवर्त गति में ऋणायन बल का मान विस्थापन के समानुपाती तथा विपरीत दिशा में रहता है।

F ∝ -g

F = -Kg

यहाँ एक स्थिरांक है जिसे प्रत्यानयन बल स्थिरांक कहते है।

(-) चिन्ह विपरीत दिशा को व्यक्त करता है।

एक समान वृत्ताकार पथ पर सरल आवर्त गति  : –

माना कोई कण A त्रिज्या के वृताकार पथ पर w कोणीय वेग से गति कर रहा है। प्रारंभ में यह कण x अक्ष पर स्थित है। t समय बाद θ कोण बनाकर P बिंदु पर पहुँच जाता है।

अत:

W2 =  θ/t

Θ = wt  समीकरण-1

ΔOPM से –

sinθ = PM/OP

PM = OP sinθ

y = A sinθ समीकरण-2

PM = op sinθ

Y = A. sinθ  समीकरण-3

समीकरण-1 व समीकरण-2

Y = A sinθwt

Y = A sinθ(w + Φ)

ΔOPN से –

Cosθ = NP/OP

NP = OPcosθ

x = opcosθ

x = Acosθ

x = Acos(wt)

x = Acost (wt + θ)

सरल आवर्त गति का ग्राफीय निरूपण –

(i) विस्थापन का ग्राफीय निरूपण –

(1) Y = Asin(wt)

W = 2π/T

Y = Asin (2π/T  x t)

यदि t = 0

Y = Asin (2π/T  x 0)

Y = Asin0

Y = 0

(ii) यदि t = T/4

Y = Asin (2π/T  x t)

Y = Asin (2π/T  x T/4)

Y = Asinπ/2

y = A

(iii) यदि t = T/2

Y = Asin (2π/T  x t)

Y = Asin (2π/T  x T/2)

Y = Asinπ

y = 0

(iv) यदि t = 3T/4

Y = Asin (2π/T  x t)

Y = Asin (2π/T  x 3T/4)

Y = Asin3π/2

y = -A

(v) यदि t = T

Y = Asin(2π/T  x t)

Y = Asin (2π/T  x T)

Y = Asin (2π)

Y = 0

(2) x = Acos(wt)

W = 2π/T

x = Acos(2π/T x t)

(i) यदि t = 0

x = Acos(2π/T x 0)

x = Acos(0)

x = A

(ii) t = T/4

x = Acos(2π/T x t)

x = Acos(2π/T x T/4)

x = Acos(π/2)

x = 0

(iii) यदि t = T/2

x = Acos(2π/T x t)

x = Acos(2π/T x T/2)

x = Acos(π)

x = -A

(iv) यदि t = 3T/4

x = Acos(2π/T x t)

x = Acos(2π/T x 3T/4)

x = Acos(3π/2)

x = 0

(v) यदि t = T

x = Acos(2π/T x t)

x = Acos(2π/T xT )

x = Acos(2π )

x = A

सरल आवर्त गति में कण का वेग

Y = Asin(wt)  समीकरण-1

समीकरण-1 t के सापेक्ष अवकलन करने पर –

dy/dt = d/dt Asin(wt)

V = Ad/dt(sinwt)

V = A x coswt x w

V = Aw coswt

V = Aw coswt  समीकरण-1

w = 2π/T

V = Aw cos ( 2π/T x t)

(i) यदि t = 0

V = Aw cos ( 2π/T x t)

V = Aw cos ( 2π/T x 0)

V = Aw cos(0)

V = Aw

(ii) यदि t = T/4

V = Aw cos ( 2π/T x T/4)

V = Aw cos(π/2)

V = 0

(iii) यदि t = T/2

V = Aw cos ( 2π/T x t)

V = Aw cos ( 2π/T x T/2)

V = Aw cos(π)

V = Aw(-1)

V = -Aw

(iv) यदि t = 3T/4

V = Aw cos ( 2π/T x t)

V = Aw cos ( 2π/T x  3T/4)

V = Aw cos ( 3π/2)

V = 0

(v) यदि t = T

V = Aw cos ( 2π/T x t)

V = Aw cos ( 2π/T x T)

V = Aw cos ( 2π)

V = Aw (1)

V = Aw

सरल आवर्त गति कर रहे कण का त्वरण :-

V = Aw cos(wt)  समीकरण-1

समीकरण-1 का t के सापेक्ष अवकलन करने पर –

dV/dt = d/dt (Aw coswt)

a = Aw d/dt coswt

a = Aw (-sin wt x w)

a = -Aw2sin wt

a = -wAsin wt

चूँकि y = Asinwt

a = -wy

त्वरण का ग्राफीय निरूपण –

a = -wAsin wt

चूँकि w = 2π/T

a = -Aw2sin (2π/T x t )

(i) यदि t = 0

a = -Aw2sin (2π/T x 0)

a = -Aw2sin (0)

a = 0

(ii) यदि t = T/4

a = -Aw2sin (2π/T x t )

a = -Aw2sin (2π/T xT/4 )

a = -Aw2sin (π/2 )

a = -Aw2

(iii) t = T/2

a = -Aw2sin (2π/T x t )

a = -Aw2sin (2π/T x T/2 )

a = -Aw2sin (π)

a = 0

(iv) यदि t = 3T/4

a = -Aw2sin (2π/T x 3T/4 )

a = -Aw2sin (3π/2 )

a = -Aw2 (-1)

a = Aw2

(v) t = T

a = -Aw2sin (2π/T x t )

a = -Aw2sin (2π/T x T )

a = 0