संवेग और न्यूटन का गति का द्वितीय (दूसरा) नियम ,momentum and newton’s second law of motion

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(momentum and newton’s second law of motion) संवेग और न्यूटन का गति का द्वितीय (दूसरा) नियम : पहले हम बात करते है , संवेग क्या होता है इसके बाद हम न्यूटन के द्वितीय नियम के बारे में अध्ययन करेंगे।
संवेग (momentum) :  वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते है।
यदि वस्तु का द्रव्यमान m है और वेग V है तो वस्तु का संवेग p है तो संवेग (p) निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है।
p = mv
यहाँ संवेग (p) एक सदिश राशि होती है।
सामान्यत: वस्तु का द्रव्यमान नियत रहता है अत: संवेग में परिवर्तन के लिए वेग में परिवर्तन करना पड़ता है , या दूसरे शब्दों में कहे तो यदि किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन हो रहा है इसका तात्पर्य है वस्तु के वेग में परिवर्तन हो रहा है।
और चूँकि हम जानते है की वस्तु के वेग में परिवर्तन के लिए बाह्य बल की आवश्यकता होती है।

चित्रानुसार दो वाहनों की कल्पना करते है एक कार और एक ट्रक , जब दोनों वाहनों को समान बल समान समय के लिए धक्का दिया जाता है तो हम देखते है की ट्रक कम वेग प्राप्त करता है जबकि कार अधिक वेग प्राप्त कर लेती है।
अत: समान समय के लिए लगाया गया समान बल , समान संवेग परिवर्तन करता है इससे न्यूटन को अपना दूसरा नियम प्राप्त हुआ।

न्यूटन का द्वितीय (दूसरा) नियम (newton second law of motion)

यदि किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन हो रहा है तो वस्तु में संवेग के परिवर्तन की दर उस वस्तु पर लगाये गए बल के अनुक्रमानुपाती होता है इसकी दिशा वही होती है जिस दिशा में बल कार्यरत है।
माना पहले वस्तु का संवेग p था फिर F बल △t  समय के लिए लगाया गया जिससे वस्तु के वेग में v से △v हो परिवर्तन हो जाता है जिससे संवेग △p परिवर्तित हो जाता है।
अत: न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार
F ∝ △p/△t
F = k △p/△t
यहाँ क एक आनुपातिक स्थिरांक है।
न्यूटन के गति का द्वितीय नियम एक सदिश नियम है।
यदि न्यूटन के नियम को निम्न प्रकार लिखा जाए
F =  p/t
यहाँ p = mv
मान रखने पर
F = mv/t
चूँकि v/t = a , मान रखने पर
F = k ma
यहाँ a = त्वरण
नोट : यदि न्यूटन के द्वितीय नियम F = ma को देखे , यहाँ F = 0 हो तो a = 0 होगा , अर्थात किसी बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु अपरिवर्तनशील (विराम अवस्था या एक समान गतिशील अवस्था) रहती है , इसे न्यूटन का पहला नियम कहा था।
अत: हम कह सकते है की यह नियम भी न्यूटन के प्रथम नियम का सत्यापन करता है।