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nervous system in human body in hindi तंत्रिका तंत्र किसे कहते हैं मानव का तंत्रिका तंत्र को समझाइए ?

तंत्रिका तंत्र : तंत्रिका तंत्र और अंतस्त्रावी तंत्र शरीर के संचार नियंत्रण और समन्वयन करने वाले तंत्र है | तंत्रिका तंत्र सामान्यतया तीव्र और अंत:स्त्रावी तंत्र सामान्य और धीमा समन्वयन करता है | इनके अतिरिक्त तंत्रिका तंत्र संवेदनाओं को ग्रहण और उनका प्रवर्धन करता है और भविष्य में उपयोग हेतु याददाश्त और ज्ञान के रूप में संग्रहित रखता है | निम्न अकशेरुकियों में तंत्रिका तंत्र अल्प विकसित होता है | स्पंज में तंत्रिका तंत्र नहीं होता है | सिलेन्ट्रेट में तंत्रिका कोशिका के जाल के रूप में आध्य तंत्रिका तंत्र होता है | चपटे कृमियों में दो लम्बवत तंत्रिका रज्जु (nerve cords) युक्त मस्तिष्क होता है | गोलकृमि में भी तंत्रिका रज्जु पाया जाता है | ऐनेलिडा और आर्थोपोडा में यह आहारनाल के अग्र भाग में तंत्रिका वलय और तंत्रिका गुच्छक (ganglia) युक्त एक दोहरा अधर ठोस तंत्रिका रज्जु पाया जाता है | मोलस्का में तंत्रिका गुच्छक (ganglia) , commissures और connectives युक्त होता है | इकाइनोडर्मेटा में aboral nerve rings और radial nerves होती है | कॉर्डेटा में पृष्ठीय खोखला तंत्रिका तंत्र होता है |

मानव का तंत्रिका तंत्र (Nervous system of humans)

तंत्रिका तंत्र के भाग : तंत्रिका तंत्र उत्तेजनशील तंत्रिका कोशिका और अउत्तेजनशील सहायक न्यूरोग्लियल कोशिकाओं के विशिष्ट उत्तक से बना होता है | इसके संघटक निम्न में विभाजित किये गए है |

  • केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) : इसमें मस्तिष्क और तंत्रिका रज्जु शामिल होते हैं |
  • परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) : इसमें कपालीय (Cranial) और मेरुरज्जु (spinal) तंत्रिकाएं और CNS के बाहर स्थित तंत्रिका कोशिकीय पिण्ड (गुच्छक) (CNS – के अन्दर तंत्रिका कोशिकीय गुच्छक Nucleus कहलाता है) होते है |
  • स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) : यह आंतरिक अंगों तक विस्तारित तंत्रिका तंतुओं से बना होता है और शरीर के अनैच्छिक कार्य जैसे ह्रदय संकुचन , क्रमाकुंचन आदि को नियंत्रित करता है | यह अनुकम्पी (sympathetic) और परानुकम्पी (parasympathatic) तंत्र का बना होता है |

तंत्रिका तंत्र निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है –

  • कायिक तंत्रिका तंत्र (somatic nervous system) – जो केवल कायिक अंगों जैसे कंकालीय पेशी को उत्तेजित करता है और इसमें स्वायत्त खण्ड के अलावा CNS और PNS दोनों सम्मिलित होते हैं |
  • आंतरिक और स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Visceral or autonomic nervous system) : जो आंतरिक अंग जैसे चिकनी पेशी , ह्रदय पेशी और ग्रंथीय उत्तकों को उत्तेजित करते है |

मस्तिष्क और मेरूरज्जु के आवरण :

  • अस्थिल आवरण : कपालीय अस्थियाँ मस्तिष्क के चारों तरफ और कशेरुकाएं मेरुरज्जु के चारों तरफ होती है |
  • झिल्लीमय आवरण (= meninges) – तीन आवरण
  • Dura mater – बाह्यतम आवरण , अस्थिल आवरण के ठीक नीचे स्थित होती है | सघन और अत्यधिक संवहनीय सफेद तंतुमय ऊतक की बनी होती है | मस्तिष्क और तंत्रिका रज्जु को सहारा प्रदान करती है और रक्त के शिरा प्रवाह (Venous dranage) के लिए उत्तरदायी होती है |
  • Arachnoid membrane : मध्य , नाजुक , तंतुमय आवरण होता है और subdural cavity द्वारा ड्यूरामेटर से पृथक होता है जो एक serous fluid की पतली परत के रूप में विभक्त रिक्त स्थान होता है |
  • Piamater : आंतरिक , अत्यधिक संवहनीय , मस्तिष्क और मेरूरज्जू से समीपस्थ आसंजित परत होती है | यह एक Arachnoid membrane से subarachnoid space द्वारा पृथक रहती है जो स्पंजी संयोजी ऊत्तक और सेरेब्रोस्पाइनल तरल से भरी होती है |

Meninges का inflammation घातक रोग है जिसे meningitis कहते हैं |

मस्तिष्क के विभिन्न भागों की संरचना और कार्य : सामान्य तंत्रिका तंत्र का विशिष्टीकरण और स्तनधारियों में विशेषतया मस्तिष्क का विशिष्टीकरण अत्यधिक महत्वपूर्ण लक्षण हैं | प्राइमेट्स में यह अधिक होता है | मानव में यह अत्यधिक विकसित होता है | इसलिए मानव मस्तिष्क शरीर आकार की तुलना अत्यधिक बड़ा होता है | वयस्क आदमी में इसका औसत भार 1380 ग्राम और वयस्क औरत में 1250 ग्राम होता है | यह निम्न प्रकार विभाजित किया जाता है –

  • अग्रमस्तिष्क (प्रोसेन सिफेलोन) : इसमें घ्राण पिण्ड (rhinencephalon) , सेरेब्रम (telencephalon) और Diencephalon शामिल किया जाता है |
  • मध्य मस्तिष्क (मिसेनसिफेलोन) : इसमें प्रमस्तिष्क पेडन्कल्स (cerebral peduncles ) , चार गोल eminences क्वाड्रीजेमिना और Crura cerebrii शामिल होते हैं |
  • पश्च मस्तिष्क (Rhombencephalon) : इसमें अनुमस्तिष्क (cerebellum) , पोन्स (pons) और मेड्युला ऑबलोगेटा (medulla oblongata) शामिल हैं |