मोललता : molality परिभाषा क्या है , मोललता किसे कहते है (molality in hindi) (molalta kya hai in hindi)

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(molality in hindi) (molalta kya hai in hindi) मोललता : molality परिभाषा क्या है , मोललता किसे कहते है : मोललता को भी विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने के लिए बहुत उपयोग में लिया जाता है , विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट जो हम दैनिक जीवन में उपयोग करते है उनमें सांद्रता का बहुत महत्व है जैसे हम कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो यह किस किस पदार्थ से मिलकर बना होता है और कौनसे पदार्थ की कितनी मात्रा है इस आधार पर हम उसे खरीदते है , यही सांद्रता का आधार है।

मोललता की परिभाषा : ” एक किलोग्राम विलायक में विलेय के घुले हुए मोलों की संख्या को उस विलयन की मोललता कहते है। “
इसे m द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
मोललता की परिभाषा के अनुसार इसका सूत्र निम्न होता है –
मोललता = विलेय के मोल /किलोग्राम में विलायक का द्रव्यमान
प्रश्न : जब 1.57 मोल विलेय को 2.35 किलोग्राम जल में मिलाया जाता है तो इस विलयन की मोललता ज्ञात कीजिये।
उत्तर : विलेय के मोल = 1.57 मोल
विलायक (जल) का भार = 2.35 किलोग्राम
मोललता = विलेय के मोल /किलोग्राम में विलायक का द्रव्यमान
सूत्र में दोनों मानों को रखने पर –
मोललता = 1.57/2.35
मोललता = 0.668 मोलल
मोललता का उदाहरण : यदि किसी NaCl विलयन की सांद्रता को 1m द्वारा व्यक्त किया गया है इसका तात्पर्य है कि NaCl के एक मोल अर्थात 58.5 ग्राम NaCl को एक किलोग्राम जल में घोला गया है।
विलयन की सांद्रता को यदि m के साथ व्यक्त किया गया है तो इसका तात्पर्य है कि यह मोललता के रूप में दिया गया है क्यूंकि मोललता को m द्वारा व्यक्त किया जाता है।
नोट : मोललता पर ताप का प्रभाव नहीं पड़ता है।
प्रश्न : यदि 124.2 ग्राम NaOH को एक किलोग्राम जल में घोला जाता है तो इस विलयन की मोललता ज्ञात करो।
उत्तर : चूँकि यहाँ NaOH अर्थात विलेय को ग्राम में दिया हुआ है इसलिए हम पहले इसे मोल के रूप में परिवर्तित करेंगे।
NaOH का अणु भार निम्न होगा –
Na = 22.99
O = 16
H = 1.01
NaOH का कुल अणु भार = 22.99 + 16 + 1.01 = 40
NaOH के मोल = NaOH का ग्राम में भार/अणुभार
NaOH के मोल = 3.105 मोल
अत: NaOH के 3.105 मोल 1 किलोग्राम जल में घुला हुआ है तो इस विलयन के लिए मोललता निम्न होगी –
मोललता = 3.105/1 = 3.105 मोलल

 

मोललता (m) (molality in hindi)

विलायक के 1000 ग्राम (एक किलोग्राम) में घुले हुए विलेय के मोलों की संख्या विलयन की मोललता कहलाती है।

इसे m द्वारा प्रदर्शित करते है।

मोललता की इकाई मोल प्रति किलिग्राम विलायक है।

मोललता का मान ताप द्वारा प्रभावित नहीं होता है।

मोललता = विलेय के मोल / विलायक का द्रव्यमान (किलोग्राम)

अथवा

मोललता = विलेय के मोल x 1000/ विलायक का द्रव्यमान (ग्राम)

अथवा

m = WA x1000 / MA x WB (gm)

WB = विलायक का द्रव्यमान ग्राम में।

1 m NaCl विलयन का अर्थ है कि एक मोल NaCl को एक किलोग्राम (1000 ग्राम) जल में घोला गया है अथवा 58.5 ग्राम NaCl को एक किलोग्राम जल में घोला गया है।

ताप का प्रभाव :

(i) मोललता (m) , द्रव्यमान प्रतिशत (%w/w) , पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) , मोल अंश (X) आदि पर ताप परिवर्तन का प्रभाव नहीं होता।

(ii) मोलरता (M) नार्मलता (N) , आयतन प्रतिशत (%v/v) , द्रव्यमान – आयतन प्रतिशत (%w/v) फार्मलता (F) आदि ताप द्वारा प्रभावित होती है। इनके मान ताप बढाने पर घटते है।

उदाहरण : 4.9 gm H2SO4 को 250 ग्राम जल में घोला गया है। विलयन की मोललता क्या होगी ?

हल :   m = WA x1000 / MA x WB (gm)

m = 4.9 x 1000/98 x 250

m = 0.2

विलयन की मोललता 0.2 m है।

उदाहरण : 93% w/v H2SO4 विलयन की मोललता ज्ञात कीजिये। विलयन का घनत्व 1.84 gm/mL है।

हल : 93% w/v विलयन का अर्थ है कि 93 gm H2SO4  100 mL विलयन में उपस्थित है।

विलयन का द्रव्यमान = आयतन x घनत्व

= 100 x 1.84

= 184 gm

जल का द्रव्यमान = WB = 184 – 93 = 91 gm

H2SO4  का द्रव्यमान = WA = 93 ग्राम

H2SO4 का ग्राम अणुभार MA  = 98 ग्राम

m = WA x1000 / MA x WB (gm)

m = 93 x 1000/98 x 91

m = 10.42 या विलयन 10.42 m है |

उदाहरण : 103.65 gm HCl विलयन में 3.65 ग्राम HCl विलेय है। विलयन की मोललता ज्ञात कीजिये।

हल : WA =  3.65 ग्राम

WB = 103.65 gm

MA  = 36.5

m = 3.65 x 1000/36.5 x 100

m = 1

विलयन की मोललता 1 है।

प्रश्न 1 : 2.5 ग्राम एथेनॉइल अम्ल (CH3COOH) के 75 ग्राम बेंजीन में विलयन की मोललता की गणना कीजिये।

उत्तर : CH3COOH का मोलर द्रव्यमान = 60

CH3COOH के मोल = 2.5/60 = 0.0417 mol

बेंजीन का द्रव्यमान = 75 ग्राम = 75 x 10-3 Kg

CH3COOH की मोललता = CH3COOH  के मोल / विलायक (बेंजीन) का द्रव्यमान Kg

M =  0.0417 / 75 x 10-3

M = 0.556 mol Kg-1

मोलरता (M) तथा मोललता (m) में द्रव्यमान

मोलरता/मोललता = विलायक का द्रव्यमान (ग्राम में)/विलयन का आयतन (mL)

M/m = WB(gm)/V(mL)

मोललता = मोलरता / (घनत्व – मोलरता x अणुभार/1000)

m = M/ (d – M x MA/1000)

M = m x d/(1 + m x MA/1000)

विलयन की मोललता (m) तथा विलेय की मोल अंश (XA) में सम्बन्ध

XA = m / 55.5 + m

एक किलोग्राम (1000 ग्राम) जल में मोलों की संख्या

= 1000/18 = 55.5 मोल होती है।

द्रव्यमान प्रतिशत %w/w द्वारा नार्मलता तथा मोलरता ज्ञात करना –

नार्मलता = द्रव्यमान प्रतिशत x घनत्व x 1000/ 100 x ग्राम तुल्यांकी द्रव्यमान

अथवा

N = %w/w x d x 1000/ 100 x EA

अथवा

N = %w/w x d x 10/EA

मोलरता = द्रव्यमान प्रतिशत x घनत्व x 1000 / 100 x ग्राम मोलर द्रव्यमान

या

M = %w/w x d x 1000/100 x MA

प्रश्न 1 : 35 डिग्री सेल्सियस पर H2SO4 विलयन का घनत्व 1.84 gm/mL है | यदि इस विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत 98% हो तो इसकी मोलरता ज्ञात कीजिये |

उत्तर :  M = %w/w x d x 1000/100 x MA

M = 98 x 1.84 x 1000/ 100 x 98

M = 18.4

अत: विलयन 18.4 M है |

प्रश्न 2 : 25% w/w अमोनिया विलयन का घनत्व 0.80 gm/mL है | इस विलयन की नार्मलता ज्ञात कीजिये |

हल : N = %w/w x d x 1000/ 100 x EA

N = 25 x 0.8 x 1000/ 100 x 17

N = 11.76

अत: विलयन 11.76 N है |

H2O2 विलयन की आयतनी सान्द्रता (volume strength of h2o2)

H2O2 विलयन की सांद्रता को आयतनी सांद्रता के रूप में व्यक्त किया जाता है | H2O2 विलयन का विघटन निम्नलिखित प्रकार होता रहता है |

2H2O2 → 2H2O + O2

अत: H2O2 विलयन की सांद्रता निरंतर परिवर्तित होती रहती है | इसलिए किसी क्षण पर H2O2 द्वारा उपरोक्त समीकरण के अनुसार प्राप्त हुई ऑक्सीजन के NTP पर आयतन के रूप में उसकी सान्द्रता व्यक्त की जाती है |

अत: एक आयतन H2O2  विलयन द्वारा विघटित होकर NTP पर दी गयी ऑक्सीजन का आयतन उसकी आयतनी सान्द्रता कहलाती है |

10 आयतन H2O2 (10 vol H2O2) का अर्थ है कि 1 आयतन H2O2  विलयन विघटित होकर NTP पर 10 आयतन ऑक्सीजन देता है |

या एक लीटर H2O2 विलयन विघटित होकर 10 लीटर O2 NTP पर देगा |

अथवा एक mL  H2O2 विलयन विघटित होकर 10 mL O2 NTP पर देगा |

आयतनी सान्द्रता द्वारा मोलरता तथा नार्मलता ज्ञात करना

H2O2 विलयन की आयतनी सांद्रता को उसकी मोलरता तथा नार्मलता में निम्न सूत्र द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है |

आयतनी सांद्रता को नार्मलता तथा नार्मलता में व्यक्त करना –

माना कि H2O2 विलयन की आयतनी सांद्रता = V आयतन है | अत: 1 लीटर H2O2 विलयन देता है = V लीटर O2 (NTP)

H2O2 का विघटन निम्न प्रकार होता है |

2H2O2 → 2H2O   +    O2

2 mol        2 mol      1 mol

2 x 34gm           22.41 L (NTP पर)

अर्थात 22.4 लीटर ऑक्सीजन (O2) प्राप्त होती है = 2 x 34 gm H2O2  से

चूँकि V लीटर ऑक्सीजन (O2) प्राप्त होती है | = 2 x 34 x V gm/22.4 H2O2 से अत: एक लीटर H2O2 विलयन में H2O2 का द्रव्यमान

= 2 x 34 x V gm / 22.4 gm है |

विलयन की नार्मलता =  H2O2 का द्रव्यमान प्रति लीटर / H2O2 का तुल्यांकी द्रव्यमान

= 2 x 34 x V / 22.4 x 17  ( H2Oका तुल्यांकी द्रव्यमान = 17)

N = V/5.6

या

नार्मलता =  आयतनी/5.6

विलयन की मोलरता = H2O2 द्रव्यमान प्रति लीटर / H2O2 का मोलर द्रव्यमान

= 2 x 34 x V/ 22.4 x 34

M = V/11.2

या

मोलरता = आयतनी सान्द्रता / 11.2

उदाहरण : 10 आयतन H2O2 विलयन के 100 mL द्वारा दी गयी ऑक्सीजन का NTP पर आयतन क्या होगा ?

हल : परिभाषा के अनुसार –

1 mL H2O2 द्वारा दी गयी O2 का आयतन = 10 mL

अत: 100 mL  H2O2 द्वारा दी गयी O2 का आयतन = 10 x 100 = 1000 mL

उदाहरण : 20 आयतन H2O2 विलयन की नार्मलता और मोलरता ज्ञात कीजिये ?

हल : नार्मलता = आयतनी सांद्रता / 5.6

= 20/5.6 = 3.57 तुल्यांक प्रति लीटर

मोलरता = आयतनी सान्द्रता/11.2

= 20/11.2 = 1.785 मोल प्रति लीटर