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मारवाड़ सेवा संघ की स्थापना किसने की | मारवाड़ सेवा संघ के संस्थापक कौन है marwar seva sangh in hindi
marwar seva sangh in hindi who established and when मारवाड़ सेवा संघ की स्थापना किसने की | मारवाड़ सेवा संघ के संस्थापक कौन है कब और किसने किया ?
प्रश्न : मारवाड़ सेवा संघ ?
उत्तर : मारवाड़ में जनजागृति की चेतना उत्पन्न करने और जन आन्दोलनों को लगातार चलाने के लिए चांदमल सुराणा , जयनारायण व्यास आदि क्रांतिकारियों ने आपस में मिलकर 1920 ईस्वीं में मारवाड सेवा संघ की स्थापना की।
प्रश्न : देश हितैषनी सभा ?
उत्तर : 2 जुलाई 1877 ईस्वीं में महाराणा सज्जनसिंह की अध्यक्षता में उदयपुर में देश हितैषनी सभा का गठन किया गया। इसका उद्देश्य राजपूतों में वैवाहिक समस्याओं को सुलझाना था। देश हितैषनी सभा के अपेक्षित परिणाम निकले।
प्रश्न : वाल्टर हितकारिणी सभा ?
उत्तर : राजपूत समाज में विवाहादि और अन्य सामाजिक कुरीतियों के सुधार के लिए कर्नल वाल्टर ने 22 फरवरी 1889 को अजमेर में वाल्टर हितकारिणी सभा की स्थापना की। इसके प्रयास सराहनीय रहे।
प्रश्न : मेया कॉलेज ?
उत्तर : राजस्थानी शासकों सामन्तों के लड़कों की विद्यावृद्धि , तर्क शैली , रहन सहन और आचार विचार से सर्वथा अंग्रेज बनाने के लिए अक्टूबर 1875 में अजमेर में लार्ड मेयो द्वारा मेयो कॉलेज की स्थापना की गयी।
प्रश्न : 1857 में राजस्थान में ब्रिटिश सैन्य व्यवस्था की स्थिति ?
उत्तर : 1857 के विद्रोह के समय राजस्थान में 6 छावनियाँ थी – 1. बंगाल नेटिव इन्फेंट्री नसीराबाद , 2. मेरवाड़ा बटालियन ब्यावर , 3. कोटा कंटिलजेन्ट देवली , 4. भीलकोर खैरवाड़ा , 5. जोधपुर लिजियन एरिनपुरा तथा 6. नीमच छावनी नीमच और शेखावाटी ब्रिगेड झुंझुनू।
प्रश्न : 1857 में राजस्थान में ब्रिटिश प्रशासनिक की स्थिति ?
उत्तर : यहाँ ए.जी.जी. पेट्रिक लारेन्स था और भारत का गवर्नर जनरल लार्ड कैनिंग था। इस समय राजस्थान में 4 पोलिटिकल एजेंट थे – 1. मैक मोसन – मारवाड़ , 2. मेजर शावर्स – मेवाड़ , 3. कर्नल ईडन जयपुर तथा 4. मेजर बर्टन कोटा।
प्रश्न : आउवा ?
उत्तर : सुगाली देवी के भक्त और मारवाड़ के सामंत कुशाल सिंह चाम्पावत की जागीर आउवा , 1857 की क्रांति का सर्वप्रमुख केन्द्र रही। क्रान्तिकारियो ने पॉलिटिकल एजेंट मैक मोसन का सिर काटकर आउवा किले के दरवाजे पर लटका दिया था।
प्रश्न : सुगाली देवी ?
उत्तर : आउवा के ठाकुरों की कुलदेवी जिसका 9 वीं सदी का मंदिर आउवा में है जो क्रान्तिकारियों के लिए 1857 की क्रांति के विद्रोह , नियंत्रण और क्रियान्वयन का मुख्य केंद्र रहा। कुशलसिंह चंपावत इसके परम भक्त थे। इसे अंग्रेजों ने बाद में तहस – नहस किया।
प्रश्न : कामेश्वर महादेव ?
उत्तर : आउवा में 9 वीं सदी का कामेश्वर महादेव मंदिर 1857 के विप्लव में क्रांतिकारियों की योजना बनाने और क्रियान्वित करने का विशिष्ट केंद्र रहा। बाद में अंग्रेजों ने इसे तहस नहस किया।
प्रश्न : एरिनपुरा ?
उत्तर : जोधपुर लीजियन का मुख्यालय एरिनपुरा 1857 की क्रान्ति के दौरान सिपाही विद्रोह का एक मुख्य केंद्र रहा। एरिनपुरा छावनी के विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व आउवा का ठाकुर कुशालसिंह चंपावत ने किया।
प्रश्न : चेलावास का युद्ध ?
उत्तर : 1857 की क्रान्ति के समय क्रांतिकारियों के नेता कुशालसिंह चंपावत और ए.जी.जी. की सेना के मध्य 18 सितम्बर 1857 को चेलावास नामक स्थान पर युद्ध हुआ। अंग्रेजी सेना परास्त हुई और अंग्रेजी सेना के पॉलिटिकल एजेंट मैक मोहन का सिर काटा गया।
प्रश्न : करमा मीणा और लोटिया जाट ?
उत्तर : धावडिया करमा मीणा और लोटिया जाट डूंगजी जवार के प्रमुख सहयोगी रहे। इन्होने क्रान्तिकारियों की सेना बनाकर अंग्रेजी राज और सामन्तशाही के खिलाफ मोर्चा खोला और 1857 की क्रांति में विद्रोहियों की धन से सहायता की।
प्रश्न : दलजी कवि ?
उत्तर : डूंगरपुर के दलजी कवि ने अपनी व्यंग्य कविताओं से शासकों , सामन्तों और जनता में 1857 की क्रांति के समय ब्रिटिश विरोधी भावना का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सशस्त्र क्रांति के प्रयास / कृषक और जनजातीय आन्दोलन।
प्रश्न : राजस्थान के प्रमुख चार क्रांतिकारियों के बारे में बताइए ?
उत्तर : राजस्थान के प्रमुख चार क्रांतिकारी थे – कुशालसिंह चम्पावत , ज्वाला प्रसाद शर्मा , विजयसिंह पथिक तथा अर्जुनलाल सेठी। जिन्होंने सशस्त्र क्रांति के जरिये देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया। (स्पष्टीकरण – क्रांतिकारी तथा स्वतंत्रता सेनानी में अंतर कर सकते है क्रान्तिकारी सशस्त्र क्रान्ति के जरिये देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाते है जबकि स्वतंत्रता सेनानी आंदोलन के जरिये देश को स्वतंत्र कराना चाहते है। )
प्रश्न : वीर भारत सभा ?
उत्तर : राजस्थान के राजाओं , सामन्तों और नवयुवकों को क्रान्तिकारी गतिविधियों से जोड़ने हेतु केसरी सिंह बारहठ , विजयसिंह पथिक और राव गोपाल सिंह खरवा और उनके सहयोगियों ने 1910 ईस्वीं में ” वीर भारत सभा ” की स्थापना की।
प्रश्न : अभिनव भारत समिति ?
उत्तर : क्रांतिकारी युवकों की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए 1907 ईस्वीं में अर्जुन सेठी , केसरी सिंह बारहठ और उनके सहयोगियों ने ‘अभिनव भारत समिति’ नामक क्रान्तिकारी संस्था की स्थापना की जिसने सराहनीय कार्य किया।
प्रश्न : राजपूताना मध्य भारत सभा ?
उत्तर : रियासतों की जनता को कांग्रेस की गतिविधियों से परिचित करवाकर राजनैतिक चेतना जागृति हेतु 1919 ईस्वीं में विजयसिंह पथिक , गणेश शंकर विद्यार्थी आदि के सहयोग से कानपुर में इस सभा की स्थापना की। इसका प्रथम अधिवेशन दिल्ली में हुआ।
प्रश्न : राजस्थान मध्य भारत सभा ?
उतर : राजस्थान की जनता में राष्ट्रीय चेतना जागृति हेतु 1919 ईस्वीं में पथिक जी , सेठी जी , जमनालाल बजाज , नरसिंह देव आदि ने आमेर में इसकी स्थापना की। इसका प्रथम अधिवेशन मारवाड़ी पुस्तकालय भवन में हुआ।
प्रश्न : मारवाड़ हितकारिणी सभा ?
उत्तर : मारवाड़ में जनजागृति पैदा करने और जन आंदोलनों के निरंतर सञ्चालन के लिए चांदमल सुराणा और उनके सहयोगियों द्वारा 1918 ईस्वीं में जोधपुर में ‘मारवाड़ हितकारिणी’ की स्थापना की।
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