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लम्बे तथा सीधे धारावाही चालक तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र Magnetic Field Due to Long Conductor
Magnetic Field Due to a Long and straight Current Carrying Conductor लम्बे तथा सीधे धारावाही चालक तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र : चुंबकीय क्षेत्र का आधार हम पढ़ चुके है अर्थात यह क्या होता है , परिभाषा , सूत्र इत्यादि।
1. परिमित लम्बाई का सीधा धारावाही चालक तार (Straight current carrying conducting wire of finite length )
यहाँ पहले यह समझ ले की परिमित लम्बाई का मतलब होता है सिमित लम्बाई वाला तार के कारण किसी बिंदु चुम्बकीय क्षेत्र ज्ञात करेंगे।
माना एक चित्रानुसार AB चालक तार है जिसमे I विद्युत धारा A से B की तरफ प्रवाहित हो रही है , चूँकि चालक तार में धारा बह रही है अतः इसके चारो ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जायेगा।
हमें तार AB के लंबवत दुरी R पर किसी बिंदु P पर चुंबकीय क्षेत्र की गणना करनी है।
इसके लिए हम तार पर एक अल्पांश dl की गणना करते है , हम बायो सावर्ट नियम का नियम पढ़ चुके है जिसके अनुसार इस अल्पांश dl के कारण चुंबकीय क्षेत्र निम्न होगा
हम चित्र में स्पष्ट रूप से देख सकते है Idl तथा r वेक्टर के मध्य का कोण (180 – θ) होगा।
अतः सूत्र निम्न प्राप्त होता है
चूँकि हम जानते है की sin(180 – θ) = sinθ
अतः
डाइग्राम से
EG = EF sinθ = dl sinθ तथा EG = EPsin dϕ = rsin dϕ
अतः समीकरण 1 में निम्न मान रखने पर समीकरण निम्न प्राप्त होता है
△EQP से हम देख सकते है की
अतः r का मान रखने पर
यह चुंबकीय क्षेत्र dB मात्र अल्पांश dl कारण बिंदु P पर है अतः सपूर्ण चालक तार AB के कारण बिन्दु P पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान
2.अनंत लम्बाई के सीधे धारावाही चालक तार के कारण चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Field due to straight current carrying wire of infinite length )
अतः यह मान सूत्र में रखने पर हमें अनन्त लम्बाई वाले चालक तार के कारण किसी बिन्दु P पर चुम्बकीय क्षेत्र प्राप्त होता है जिसका मान निम्न होगा
यदि इसकी दिशा भी ज्ञात करनी हो हम चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के बारे में पहले पढ़ चुके है की किस प्रकार चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात की जाती है।
लम्बे ऋजु धारावाही तार के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र (magnetic field due to a long straight current carrying wire) : माना AB एक अनंत लम्बाई का धारावाही ऋजु चालक है जिसमें I धारा प्रवाहित हो रही है। तार से x दूरी पर स्थित बिंदु P पर इसके कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का मान ज्ञात करना है। चालक पर एक छोटा खण्ड ab ले लेते है। इस खण्ड की बिंदु P से दूरी r है तथा इसके द्वारा P पर अंतरित कोण dɸ है। खंड ab का मध्य बिंदु O है तथा रेखा OP चालक AB के साथ θ कोण बनाती है। छोटे चालक खण्ड ab के लिए ∠QOP = ∠QbP = θ होगा।
बायो सावर्ट के नियम से धारावाही चालक खण्ड ab के कारण P पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र
dB = (u0/4π)I.ab.sinθ/r2 . . . . . . . समीकरण-1
चित्र से
चूँकि ac/ab = sinθ
ac = sinθ.ab
अत: समीकरण-1 से –
dB = (u0/4π).I.ac/r2 . . . . . . . समीकरण-2
चूँकि कोण = चाप/त्रिज्या
अत: dɸ = ac/r
ac = r.dɸ
अत: समीकरण-2 से
dB = (u0/4π).I.r.dɸ/r2
या
dB = (u0/4π).I.dɸ/r . . . . . . . समीकरण-3
चूँकि x/r = cosɸ
r = x/cosɸ
अत: समीकरण-3 से –
dB = (u0/4π).I.cosɸ.dɸ./x
अत: सम्पूर्ण चालक AB के कारण P पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र
B = A∫B dB = -ɸ1∫ +ɸ2 (u0/4π).I.cosɸ.dɸ./x
अनंत लम्बाई के चालक के लिए –
ɸ1 = π/2 तथा ɸ2 = π/2
अत:
B = A∫B dB = – π/2 ∫ +π/2 (u0/4π).I.cosɸ.dɸ./x
हल करने पर
B =(u0/4π) .2I/x
प्रश्न 1 : एक चालक में 90 एम्पियर धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। धारा के कारण चालक से 1.5 m नीचे एक बिन्दु P पर चुम्बकीय क्षेत्र की गणना कीजिये।
उत्तर : I = 90A , x = 1.5 m , B = ?
अत: B = 2 x 10-7 .1/x
अत: Bp = 2 x 10-7 .1/1.5
Bp = 1.2 x 10-5 T
दिशा : दायें हाथ की हथेली के नियम से उक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दक्षिण से उत्तर की ओर होगी।
प्रश्न 2 : एक धारा खण्ड जिसकी लम्बाई 2 सेंटीमीटर है और उसमें 16 एम्पियर की धारा है , मूल बिन्दु पर x अक्ष के अनुदिश रखा हुआ है। इसके कारण y अक्ष पर मूलबिन्दु से 0.8 m की दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र कितना होगा ?
हल : I = 16A
y = r = 0.8m
dl = 2 cm = 2 x 10-2 m
बायो सावर्ट के नियम से P पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता –
dB = (u0/4π)I.dl.sinθ/r2
मान रखकर हल करने पर
dB = 0.5 x 10-7 T
या
5 x 10-8 Tesla (z दिशा में)
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