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लेन्थेनाइड तत्व क्या है , लैंथेनाइड तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास , नाम , लैंथेनाइड संकुचन (lanthanide elements in hindi)

(lanthanide elements in hindi) लेन्थेनाइड तत्व क्या है , लैंथेनाइड तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास , नाम , लैंथेनाइड संकुचन : वे तत्व जिनका अंतिम इलेक्ट्रॉन 4f कक्षक में प्रवेश करता है ऐसे तत्वों को लेन्थेनाइड श्रेणी के तत्व कहते है , लेन्थेनाइड श्रेणी में कुल 15 तत्वों को रखा गया है , ये 15 तत्व परमाणु क्रमांक 57 से लेकर 71 तक वाले होते है।
लैंथेनाइड तत्वों की संख्या 14 होती है और इस श्रेणी एक तत्वों को आधुनिक आवर्त सारणी में नीचे पैंदे में स्थान दिया जाता है , ये तत्व निम्न है –
आधुनिक आवर्त सारणी में आप देखंगे की नीचे अलग से दो लाइन में तत्व होते है , इन दोनों में से ऊपर वाली लाइन लैंथेनाइड तत्वों की होती है।
ये तत्व लेंथेनम (La) से तुरंत बाद में आते है और यही कारण है कि इन्हें लैंथेनाइड श्रेणी तत्व कहते है इन तत्वों को अंत: संक्रमण तत्व भी कहा जता है।
इन तत्वों को शुरू में दुर्लभ खनिजो जैसे मृदा आदि से प्राप्त किया गया था इसलिए इन त्तवो को दुर्लभ मृदा तत्व भी कहते है।
लैंथेनाइड तत्वों में लेंथेनम , सैरियम , praseodymium , नियोडायिमियम , प्रोमिथियम , सैमरियम , युरोपियम , गैडोलीनियम , टर्बियम , डिस्प्रोसियम , होलमियम , एरबियम , थुलियम , यटेरबियम , लुथियम , इन 15 तत्वों को रखा जाता है। इनका परमाणु क्रमांक क्रमश: 57 से लेकर 71 तक होता है।
लेंथेनाइड को सामान्यतया रासायनिक चिन्ह Ln द्वारा व्यक्त किया जाता है , याद रखे कि f ब्लॉक के तत्वों को दो श्रेणियों में बांटा जाता है पहले लेंथेनाइड श्रेणी और दूसरा एक्टिनाइड श्रेणी के तत्व।
अत: लेंथेनाइड श्रेणी में तत्वों का आखिरी इलेक्ट्रॉन f कक्षक में जाता है लेकिन लेंथेनाइड श्रेणी और एक्टिनाइड श्रेणी के तत्वो में यह अंतर होता है कि लेंथेनाइड श्रेणी के तत्वों का आखिरी इलेक्ट्रॉन 4f ब्लॉक या कक्षक में जाता है लेकिन एक्टिनाइड श्रेणी के तत्वों का अंतिम इलेक्ट्रॉन 5f कक्षक में प्रवेश करता है।
लेंथेनाइड श्रेणी के तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास[Xe]4f1–145d0–16s2होता है।
इस श्रेणी में आने वाले सभी तत्वों का अंतिम इलेक्ट्रॉन 4f कक्षक में भरा जाता है , इन तत्वों के शुरू के तीन कोश पूर्ण भरे हुए रहते है तथा अंतिम तीन कोश आंशिक भरे हुए रहते है।
लैंथेनाइड श्रेणी के तत्वों में सबसे अधिक स्थायी ऑक्सीकरण अवस्था +3 होती है , यही कारण है कि लैंथेनाइड सामान्यतया +3 ऑक्सीकरण अवस्था को प्रदर्शित करते है।
कुछ लैंथेनाइड तत्व ऐसे होते है जो +2 और +4 ऑक्सीकरण अवस्था भी प्रदर्शित करते है इन्हें असंगत ऑक्सीकरण अवस्थाएं भी कहा जाता है।
लैंथेनाइड श्रेणी के सभी तत्वों की रासायनिक क्रियाशीलता प्राय: समान होती है इसका कारण यह है कि सभी तत्वों का अंतिम इलेक्ट्रॉन 4f उपकोश में भरता है।
सभी लैंथेनाइड तत्व चाँदी के समान श्वेत और नरम होते है लेकिन जब ये तत्व वायु के संपर्क में आते है तो अपनी चमक खो देते है।
इनका गलनांक लगभग 1000 से लेकर 1200 के मध्य में होता है , समेरियम का गलनांक 1623K होता है जो सबसे अधिक होता है।
लैंथेनाइड श्रेणी के तत्व धातु होते है और ऊष्मा और विद्युत के सुचालक होते है।

लेन्थेनाइड संकुचन

आवर्त सारणी के सभी तत्वों के साथ परमाणु त्रिज्या और आयनिक त्रिज्या गुण भी एक महत्वपूर्ण गुण होता है , जब वर्ग में ऊपर से नीचे जाया जाए तो आकार बढ़ता है क्यूंकि ऊपर से नीचे जाने पर कोशों की संख्या बढती जाती है।
आवर्त में बाए से दायें जाने पर आकार घटता जाता है क्यूंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश का मान बढ़ता जाता है।
लेन्थेनाइड श्रेणी के तत्वों में आयनिक और परमाण्विक त्रिज्या में बाए से दाए जाने पर कमी होती है इसे लेन्थेनाइड संकुचन के रूप में जाना जाता है।

लेन्थेनाइड के उपयोग

हम यहाँ लेंथेनाइड श्रेणी के तत्वों के कुछ उपयोगो के बारे में अध्ययन करेंगे जो निम्न है –
  • गैस का मेंटल बनाने के लिए सिरिया (CeO2) का प्रयोग किया जाता है।
  • लेन्थेनाइड लवण का उपयोग लेसर में किया जाता है।
  • पेट्रोलियम पदार्थ का भंजन सीरियम फास्फेट के प्रयोग से किया जाता है।
  • नियोडिमियम और प्रोजियोमिडिमियम के ऑक्साइड का उपयोग रंगीन कांच बनाए जाते है।
  • सीरियम पदार्थ ताप और पैराबैंगनी किरणों को अवशोषित करने के गुण रखता है इसलिए इसका उपयोग चश्मा बनाने के लिए किया जाता है।
  • कई रासायनिक अभिक्रियाओं में जैसे हाइड्रोजनीकरण , ऑक्सीकरण आदि में लेन्थेनाइड यौगिको के कई रूपों को उत्प्रेरक के रूप में काम में लिया जाता है।
  • लेन्थेनाइड तत्वों या धातुओं के मिश्रित होकर बनी मिश्र धातुओं को मिश धातु कहते है , और इनका उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है।

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