भारत के उद्योग कौन कौनसे हैं नाम लिस्ट सूची पीडीएफ industries of india in hindi short notes information

By   July 13, 2021

industries of india in hindi short notes information भारत के उद्योग कौन कौनसे हैं नाम लिस्ट सूची पीडीएफ ?

भारत के उद्योग

वस्त्र उद्योग
रोजगार एवं निर्यात की दृष्टि से यह भारत का एक महत्त्वपूर्ण उद्योग है। यह भारत में कृषि के बाद रोजगार प्रदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। यह देश के उन उद्योगों में है जिसका सर्वाधिक विकेन्द्रीकरण हुआ है।
सूती वस्त्र उद्योग
ऽ इस उद्योग की स्थापना का पहला प्रयास 1818 में कलकत्ता के समीप फोर्ट ग्लास्टर में किया गया ।
ऽ पहला आधुनिक सूती वस्त्र कारखाना 1854 में पारसी उद्योगपति काबस जी डाबर नानाभाई द्वारा मुंबई में स्थापित हुआ।
ऽ चीन के बाद भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है।
ऽ महाराष्ट्र सूती वस्त्र का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है और उसके बाद गुजरात का स्थान है।
ऽ कोयंबटूर में भारत के सबसे अधिक सूती वस्त्र उद्योग केन्द्र हैं।
चमड़ा उद्योग
ऽ यह उद्योग लगातार निर्यात अर्जित करने के लिए जाना जाता है।
ऽ भारत में विश्व की 21% गाय व भैसें और 11% बकरी व भेड़ें हैं जिससे इस उद्योग हेतु प्रचुर मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध होता है।
ऽ भारत विश्व में फुटवियर और चमड़े के वस्त्रों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
ऽ आगरा और कानपुर प्रमुख फुटवियर उत्पादन केन्द्र है।
ऊनी वस्त्र उद्योग
ऽ पहला ऊनी वस्त्र उद्योग 1876 में कानपुर में स्थापित किया गया।
ऽ भारत ऊन का छठा सबसे बड़ा उत्पादक है और विश्व के कुल उत्पादन में इसका योगदान 3 प्रतिशत है।
रेशमी वस्त्र उद्योग
ऽ भारत चीन के बाद प्राकृतिक रेशम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है और रेशम के चारों प्रकार-मलबरी, तसर (टॉपिकल तसर व ओक तसर), दूरी और मूंगा का उत्पादन करने वाला एकमात्र देश है। इनमें से भारत का गोल्डेन येलो तसर विशिष्ट है।
नोट: एक समय में प्रसिद्ध रेशम मार्ग (ेपसा त्वनजम) भारत से होकर ही गुजरता था, क्योंकि भारतीय रेशम को विश्वभर की बाजारों में एक विशिष्ठ स्थान मिला हुआ था।
ऽ कर्नाटक देश का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक है जो कुल उत्पादन में 70 प्रतिशत का योगदान करता है। इस राज्य के प्रमुख रेशम उत्पादन केन्द्र तुमकुर, डोडबल्लापुर, बैंगलोर व मैसूर हैं।
जूट उद्योग
ऽ 1859 ई. में पश्चिम बंगाल के रिशरा में जूट की प्रथम फैक्ट्री स्थापित की गई थी।
ऽ जूट को ‘‘बंगाल का स्वर्णिम रेशा‘‘ कहा जाता है।
ऽ विश्व में जूट के उत्पादान में भारत का हिस्सा 85 प्रतिशत है।
ऽ भारत जूट का सबसे बड़ा उत्पादक और जूट उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।
ऽ भारत में कुल 79 जूट मिलें हैं जिनमें से 62 अकेले पश्चिम बंगाल में हैं।
चाय उद्योग
ऽ भारत में चाय की खेती 19 वीं शताब्दी के मध्य में दार्जिलिंग, असम और नीलगिरि में शुरू की गई थी।
ऽ चाय उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल से आता है जबकि शेष कर्नाटक, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा से आता है।
ऽ भारत चीन के बाद चाय का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
ऽ भारत काली चाय का सबसे बड़ा उत्पादक व उपभोक्ता है।
कागज उद्योग
ऽ यह वन आधारित उद्योग है। देश का पहला आधुनिक कागज कारखाना 1832 में पश्चिम बंगाल के सेरामपुर में स्थापित हुआ था जो विफल रहा। फिर 1870 में नया उद्योग कलकत्ता के निकट बल्लिगंज में शुरू किया गया।
ऽ वर्तमान समय में कागज उद्योग के सर्वाधिक कारखाने पश्चिम बंगाल में हैं जहां टीटागढ़, नैहाटी, हावड़ा, बांबेरिया आदि प्रमुख केन्द्र हैं।
ऽ आन्ध्र प्रदेश देश के कुल उत्पादन में 18ः हिस्से के साथ अग्रणी राज्य है जिसके बाद महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल आते हैं।
ऽ मध्य प्रदेश का नेपानगर अखबारी कागज के लिए प्रसिद्ध है।
भारत में कागज के प्रमुख कारखाने
ऽ नेशनल न्यूजप्रिंट एण्ड पेपर मिल्स लि. मध्य प्रदेश के नेपानगर में स्थित है।
ऽ हिन्दुस्तान पेपर निगम, वेल्लोर
ऽ मैसूर पेपर मिल, भद्रावती
ऽ आंध्र प्रदेश: राजमुंदरी और सिरपुर
ऽ महाराष्ट्र: मुम्बई, पुणे, बल्लारपुर और कांपटी
ऽ पश्चिम बंगाल: टीटागढ़, रानीगंज, नैहाती, बारनगर, कोलकता
नोट: बल्लारपुर (महाराष्ट्र) देश की सबसे बड़ी पेपर मिल है जिसकी
क्षमता 85,000 टन सालाना है।

कागज उद्योग के लिए कच्चा माल
बास 70%
सलाई लकड़ी 12%
सबाई घास 9%
बगासेस 4%
बेकार कागज और कूड़ा 5%

रबड़ उद्योग
ऽ रबड़ के उत्पादन में केरल का एकाधिकार है। देश के कुल उत्पादन का 90ः हिस्सा केरल से और शेष तमिलनाडु व कर्नाटक से आता है।
ऽ भारत विश्व का चैथा सबसे बड़ा रबड़ उत्पादक देश है। 2010 के कुल उत्पादन में भारत का योगदान 8ण्2ः था।

एल्युमिनियम उद्योग
ऽ बॉक्साइट अयस्क एवं विद्युत की उपलब्धता इस उद्योग की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
ऽ 1937 में जेके नगर में देश का प्रथम एल्युमिनियम संयंत्र स्थापित किया गया। दूसरा उद्योग 1938 में बॉक्साइट के खनन क्षेत्र मुरी में स्थापित किया गया।
ऽ नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी (NALCO) हीराकुण्ड, ओडिशा में अपने समेकित संयंत्र सहित एल्युमिनियम की सबसे बड़ी उत्पादक कम्पनी है।
ऽ वर्तमान में एल्युमिनियम संयंत्र निम्नलिखित स्थानों पर हैं रू मुरी (झारखण्ड), अलवाये (केरल), रेणुकूट (उत्तर प्रदेश), मेटूर (तमिलनाडु), कोरबा (छत्तीसगढ़), कोयना (महाराष्ट्र), एवं बेलगांव (कर्नाटक)।

लोहा एवं इस्पात उद्योग
ऽ भारत में लौह एवं इस्पात उद्योग का प्रारंभ 1870 में हुआ था जब बंगाल आयरन वर्क्स कंपनी ने झरिया के निकट कुल्टी (पश्चिम बंगाल) में अपने संयंत्र की स्थापना की।
ऽ इसका वृहत् पैमाने पर उत्पादन 1907 में जमशेदपुर में (तत्कालीन साक्षी) टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी (TISCO) की स्थापना के साथ हुआ।
ऽ द्वितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तीन इकाईयां स्थापित की गयीं-
(1) भिलाई (छत्तीसगढ़) में सोवियत संघ के सहयोग से ।
(2) दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) में ब्रिटेन के सहयोग से।
(3) राउरकेला (ओडिशा) में जर्मनी के सहयोग से।
ऽ तृतीय पंचवर्षीय योजना में सोवियत संघ के सहयोग से बोकारो स्टील प्लांट स्थापित किया गया।
ऽ 1973 ई. में स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया (ै।प्स्) की स्थापना की गयी। यह भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला, बोकारो व बर्नपुर स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों के लिए उत्तरदायी है।
ऽ चैथी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत और तीन संयंत्रों की स्थापना की गई। ये संयंत्र सलेम (तमिलनाडु), विशाखापटनम (आंध्रप्रदेश) और विजय नगर में हैं।
भारत के प्रमुख इस्पात संयंत्र
1. राष्ट्रीय इस्पात निगम लि.
2. एस्सार स्टील लि.
3. जिंदल स्टील लि.
4. केवीएस इस्पात
5. दैत्री स्टील संयंत्र
6. डॉल्वी स्टील संयंत्र
7. मोन्नेट इस्पात एंड एनर्जी लि.
8. पोस्को (पोहांग स्टील कं., कोरिया)
9. भूषण स्टील लिमिटेड
10. नेवेली संयंत्र
नोट: कोरिया की पॉस्को कंपनी ने ओडिशा सरकार के साथ पारादीप में 51,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ स्टील परियोजना लगाने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। इसकी क्षमता 12 मिलियन टन सालाना है और यह परियोजना 2016 में पूरी होगी। इसे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है।

उर्वरक उद्योग
ऽ भारतीय उर्वरक उद्योग की शुरुआत 1906 में चेन्नई के निकट रानीपेट में सिंगल सुपर फॉस्फेट की इकाई स्थापित होने के साथ हुई।
ऽ सिंदरी (झारखण्ड) में भारतीय उर्वरक निगम (ब्प्) की स्थापना पहले बड़े उर्वरक उद्योग के रूप में हुई थी।
ऽ आज भारत चीन व अमेरिका के बाद नाइट्रोजन उर्वरक का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
भारत के उर्वरक संयंत्र
नोट: अपनी पोटाश (ज्ञ) और फॉस्फेट (च्) उर्वरकों की जरूरत को पूरा करने के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर है।

सीमेन्ट उद्योग
ऽ इस उद्योग के पहले सफल सीमेंट संयंत्र की स्थापना 1914 में पोरबंदर में हुई थी।
ऽ अधिकांश सीमेन्ट उद्योग का संकेन्द्रण मध्य प्रदेश में विन्ध्य पर्वत श्रृंखला की एक पट्टी में है।
ऽ मध्य प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात आदि महत्त्वपूर्ण सीमेन्ट उत्पादक राज्य हैं।
1. मध्य प्रदेश: कटनी, जर्नुल, मैहर, सतना, जबलपुर, दुर्ग, रतलाम आदि।
2. आन्ध्र प्रदेश: विजयवाड़ा, गुन्टूर, मसुलीपट्टनम्, करीमनगर, सिमेंटनगर, कृष्णा, अदिलाबाद आदि ।
3. झारखण्ड: झिकपानी, सिन्दरी, कल्याणपुर, चाइबासा आदि ।
4. तमिलनाडु: डालमियापुरम, त्रिणेवेली आदि।
5. गुजरात: जामनगर, द्वारका, पोरबन्दर, बड़ौदा, आदि ।
6. कर्नाटक: बंगलोर, भद्रावती, बीजापुर, गुलबर्गा आदि।
7. राजस्थान: सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, चुरु, उदयपुर आदि ।

शीशा उद्योग
उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद (चूड़ियां), बहजोई, हाथरस, नैनी, शिकोहाबाद
महाराष्ट्र: मुम्बई, तालेगांव, पुणे, सीतारामपुर
तमिलनाडु: तिरुवोत्तियर

चीनी उद्योग
ऽ उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन में सबसे अग्रणी राज्य है।
ऽ बिहार में दरभंगा, सारण, चंपारण और मुजफ्फरपुर चीनी उत्पादन में अग्रणी हैं।
नमक उद्योग
ऽ भारत नमक उत्पादन में चीन व अमेरिका के बाद तीसरा स्थान रखता है। इसका औसत सालाना उत्पादन 200 लाख टन है। यह चीन के बाद आयोडीनयुक्त नमक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक (60 लाख टन) देश है।