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इंगन हॉज का प्रयोग experiment of ingen hauz in hindi

By   September 12, 2018
experiment of ingen hauz in hindi इंगन हॉज का प्रयोग : इस प्रयोग में अलग अलग धातुओं की उष्मीय चालकताओं की तुलना की जाती है और ज्ञात भी की जाती है यदि किसी एक धातु की चालकता का मान ज्ञात हो।

इस प्रयोग को करने के लिए इंगन हॉज ने कुछ अलग अलग चालकता वाली धातुओ की छड़े ली , इन धातुओं की छड़ो की लम्बाई और अनुप्रस्थ क्षेत्र समान होना चाहिए।
माना हमने सिल्वर , कॉपर और आयरन की छड ली , अब इन छड़ो पर हम एक पतली मोम की लेयर का लेप कर देते है तथा इन छड़ो को एक टैंक में चित्रानुसार आधा रख देते है।
टैंक में या तो गर्म पानी भरा हुआ है या तेल , जब चित्रानुसार छड़ो को इसमें आधा डाला जाता है तो हम देखते है प्रत्येक छड पर मोम अलग अलग लम्बाई तक पिघल जाता है अर्थात किसी छड पर मोम अधिक दूरी तक पिघल जाता है और किसी छड पर मोम बहुत कम दूरी तक पिघलता है।
निष्कर्ष : जिस छड की ऊष्मा चालकता अधिक है उस छड में गर्म पानी से चलने वाली ऊष्मा छड में अधिक दूरी तक चलती है जिससे मोम अधिक दूरी तक पिघल जाती है तथा जिस छड में ऊष्मा चालकता का मान कम होता है उनमे गर्म पानी से आने वाली ऊष्मा छड से होती हुई अधिक दूरी तक चल नही पाती क्योंकि वह ऊष्मा की अच्छी चालक नही है जिससे इस पर मोम कम दूरी तक ही पिघलती है।
माना छड पर लगी मोम के पिघलने की लम्बाई l1
, l2 , l3 है। तथा इन छड़ो की चालकता क्रमशः K1 , K2 , Kहै।
अत: इंगन हॉज के अनुसार इनकी चालकताओं का अनुपात निम्न प्रकार दर्शाया जाता है –
K: K: K= l12 : l22 : l32
अत: इंगन हॉज के प्रयोग से निष्कर्ष निकलता है की उष्मीय चालकता K , पिघली हुई मोम की लम्बाई के वर्ग के समानुपाती होता है।