C 99 – Error Handling Macro in c language in hindi , errno , sterror () , assert , Bounce Checking 

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errno , sterror () , assert , Bounce Checking , C 99 – Error Handling Macro in c language in hindi :-
जब किसी statement के excute होता है अगर कभी error आ जाती है |उस error को handel करने के लिए error macro का use किया जाता है | error macro का use करने के लिए error.h header file को  प्रोग्राम मे add करना पड़ता है |error.h मे include सभी macro निन्म है :-

1. errno
errno एक preprocessor होते जो अलग अलग error को expand करता करता है |उन error के लिए विशेष code निधारित किया गया है |जिसे प्रोग्राम मे direct use किया जा सकता है |प्रोग्राम मे किसी variable की value को उन error code से check करके error को find कर सकते है |सबसे errno को ‘0’ से set करते है |अगर प्रोग्राम मे कोई error नहीं आती है तब errno की value ‘0’ होती है अन्यथा इसकी value पूर्व निधारित error code की होती है |
Error code :
1.i- errno== EDOM : डोमेन error आ जाती है |
1.ii-errno== EILSEQ : illegal sequence की error आ जाती है |
1.iii- errno== ERANGE : range error आ जाती है |
सभी error code header file error.h मे define होते है |सभी error code के लिए एक निधारित integer value होती है |और उनकी पूर्व निधरित statement भी होते है |जैसे
1. EDOM  : arithmetic argument out of domain
2. EILSEQ : illegel bytes code
3. ERANGE : result too large
उदाहरण के लिए :
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
#include<error.h>
void error ();
void main()
{
pritnf(“Mathematics Error “);
errno = 0 ;
1/0;
error();
errno=0;
log(0);
error();
errno=0;
acos(2.1);
error();
errno= 0;
sin(0);
error();
getch();
}
void error()
{
if(errno== EDOM);
printf(“Domain Error “);
if(errno== EILSEQ)
printf(“Illegal sequence error”);
if ( errno== ERANGE )
printf(” Range error”);
if(errno==0)
printf(“No error”);
}
इस उदहारण में ,
अगर ‘1’ को ‘0’ से डिवाइड करते है तब range error की facility होती है |
अगर sin(0) की value infinite होती है तब domain error आ जाती है |
आउटपुट होगा :-
Mathematics Error
Range error
Illegal sequence error
Domain Error
2. sterror ()
इस macro का use , error code की pre set statement को use करने के लिए किया जाता है |इसका syntax होता है :-
sterror();
इसका उदाहरण है :
इस उदाहरण मे error() function को use नहीं किया गया है क्योकि इसमें error की pre set statement को use किया जाता है |
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
#include<error.h>
void main()
{
pritnf(“Mathematics Error “);
errno = 0 ;
1/0;
sterror();
errno=0;
log(0);
sterror();
errno=0;
acos(2.1);
sterror();
errno= 0;
sin(0);
sterror();
getch();
}
आउटपुट होगा :
Mathematics Error
result too large
illegal bytes code
arithmetic argument out of domain
3. assert
Assert macro की value NDEBUG की value पर निर्भर करते है |और NDEBUG की definition statndard library मे define नहीं होती है |इसलिए NDEBUG को प्रोग्राम के header part मे include करना होता है |अगर NDEBUG को declare नहीं किया तो assert भी काम नही करता है |
अगर NDEBUG को define नहीं किया तो और assert बकी value ‘0’ के equal हो जाती है तब प्रोग्राम code related error message देता है |और abort () को call कर देता है |code related error message मे कई सारी standard value जैसे file name , variable size, no ऑफ़ argument आदि include होते है |
इसका उदाहरण है :
#include<stdio.h>
#include<conio.h>
#include<math.h>
#include<assert.h>
#define NDEBUG
void main()
{
int a,b,c;
printf(“data”);
c=a-b;
pritnf(“Mathematics Error “);
assert (c>=0)
printf(“sqrt(c)= %d”, sqrt(c));
getch();
}
इस उदाहरण का आउटपुट होगा :-
अगर NDEBUG  को define नहीं किया तो
data 23 45
a.out sub.c: main: assertion ‘c>=0’ failed
अगर NDEBUG को define किया गया है तो
data 23 45
sqrt(c)= -nan
4. Bounce Checking
Bounce Checking  error कुछ specific function की error को check करने के लिए किया जाता है | वे function string related होते है जैसे
gets() , strcpy() , wcscpy() होते है |
इसके अलावा fopen() के लिए bouce check करता है |इसका मतलब है file name की existence को check करता है |
इसके अलावा quick sort algorithm मे use होता है |जिसमे no of pass को check किया जाता है |
ये function को main() प्रोग्राम मे declare करना जरुरी नहीं है |ये उसी condition लागु होता है जब STDC_LIB_EXT1 occur होता है |इस function मे , निन्म macro include होते है :-
(i) error_t 
यह एक typedef है जिसका type integer होता है ये macro check file की existence को check करता है |इसमें अलग अलग pre set error message होते है जो error के occur होने पर print होते है |
(ii) rsize_t
यह एक typedef है जिसका type integer होता है ये macro check string की size  को check करता है |इसमें अलग अलग pre set error message होते है जो error के occur होने पर print होते है |
(iii) RSIZE_MAX
ये सबसे बड़ी bouce value को check करता है |ये variable की size और constant की value को check करता है जब ये run time पर allocate होते है |
(iv) Set _ constraint_handler_s ,constraint_handler_t
ये statement handler को define करता है जब bounds check function error_t , rsize_t और RSIZE_MAX run time पर occur होते है |और handler variable का type constraint_handler_t होना चाहिए |जैसे
constraint_handler_t ( const char *message ,void *p , error_t error);
यहा पर
const char *message : ये pointer charecter string को point करता है जो की error आने पर print होगा |
void *p : यर pointer implementation defined object को point करता है |
error_t error : ये function से आने वाली error को define करने के लिए किया जाता है |लेकिन ये तब होगा जब function से error_t occur होता है |
(v) abort_handler_s()
 जब bounds check function error_t , rsize_t और RSIZE_MAX run time पर occur होते है तब इस handler से प्रोग्राम त्येर्मिनाते हो जाता है | और handler variable का type abort_handler_s होना चाहिए |लेकिन जैसे
abort_handler_s ( const char *message ,void *p , error_t error);
यहा पर
const char *message : ये pointer charecter string को point करता है जो की error आने पर print होगा |
void *p : यर pointer implementation defined object को point करता है |
error_t error : ये function से आने वाली error को define करने के लिए किया जाता है |लेकिन ये तब होगा जब function से error_t occur होता है |
ये सभी error macro को क९९ मे include किया गया है जो की कई दुसरे programming language से include किया गया है |