ऊर्जा बैण्ड की परिभाषा क्या है , चालक , अर्धचालक , कुचालक को समझाइये

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प्रश्न 1 : ऊर्जा किसे कहते है ऊर्जा बैण्ड के आधार पर पदार्थों का वर्गीकरण कीजिए?

उत्तर :  ऊर्जा बैण्ड (Energy band):- जब एक परमाणु दूसरे परमाणु के सम्पर्क में आता है तो अन्योण क्रिया के करण प्रत्येक ऊर्जा स्तर दो ऊर्जा स्तरों में विभाजित हो जाता है। एक ऊर्जा स्तर मूल ऊर्जा स्तर के नीचे और एक थोड़ा ऊपर होता है। किस्टलीय सरंचना में एक परमाणु का सम्बद्व n – परमाणुओं से होता है। इसलिए प्रत्येक ऊर्जा स्तर n – ऊर्जा स्तरों में विभाजित हो जाता है। ये ऊर्जा स्तर इतने नजदीक नजदीक होते है कि इनमें विभेद करना सम्भव नहीं है। इसलिए ये एक बैण्ड बनाते है। जिसे ऊर्जा बैण्ड कहते है। संयोजकता ऊर्जा स्तर से सम्बन्धित बैण्ड को संयोजकता बैण्ड कहते है। संयोजकता बैण्ड से ऊपर के ऊर्जा स्तर से सम्बन्धित बैण्ड को चालान बैण्ड से ऊपर के ऊर्जा स्तर से सम्बन्धित बैण्ड को चालान बैण्ड कहते है जो साधारणतया रिक्त होता है ऊर्जा बैण्ड के आधार पर पदार्थों का वर्गीकरण निम्न प्रकार से करहते है।

1. चालक (conductor):- ये ऐसे पदार्थ है जिनमें वर्जित ऊर्जा अन्तराल Eg का मान शून्य होता है या तो चालान बैण्ड और संयोजकता बैण्ड में कोई गेप नहीं होता है या इनमें अतिव्यापन हो जाता है। जैसे Na , Mg आदि।

डाईग्राम

2. अर्धचालक (Semiconductor):- ये ऐसे पदार्थ हैं जिनमें वर्जित ऊर्जा अन्तराल 3ev से कम होता है। साधारण ताप पर कुछ इलेक्ट्रॉन तापीय ऊर्जा ग्रहण करके चालान बैण्ड में पहुॅच जाते है इसलिए इनमें स्वतंत्र ele की संख्या चालकों से कम होकती है जैसे – सिलिकन के लिए Eg का मान 1.1  ev और जर्मनियम के लिए .72 ev होता है।

डाईग्राम

अर्द्धचालक दो तत्व है – Si व Ge

आकार्बनिक यौगिक – InP , CdS , GaAs

कार्बनिक यौगिक –  एन्थ्रासीन , मादित थैलोश्यानीस

कार्बनिक बहुलक – पाॅली पाइराॅल, पाॅली एनीलीन, पाॅली थायोपिफन

3. कुचालक (insulator):- ये ऐसे पदार्थ है जिनमें वर्जित ऊर्जा अन्तराल Eg का मान 3ev से अधिक होता है जैसे हीरे के लिए 5.4 ev होता है।

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प्रश्न 2 :  प्रतिरोधकता के आधार पर पदार्थों का वर्गीकरण कीजिए?

उत्तर : प्रतिरोधकता के आधार:-

1. चालक:- ये ऐसे पदार्थ है जिनकी प्रतिरोधकता का मान 10-2 से 10-8 ΩXm होता है।

2. अर्द्धचालक:- ये ऐसे पदार्थ है जिनकी प्रतिरोधकता का मान 10-5 से लेकर 10 ΩXm होता है।

3. कुचालक:- ये ऐसे पदार्थ है जिनकी प्रतिरोधकता का मान 1011  से 1019  ΩXm होता है।