विद्युत फ्लक्स की परिभाषा क्या है , सूत्र , विमा , मात्रक electric flux in hindi , वैद्युत फ्लक्स विमीय सूत्र

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वैद्युत फ्लक्स विमीय सूत्र , SI मात्रक , विद्युत फ्लक्स की परिभाषा क्या है , सूत्र , विमा , मात्रक electric flux in hindi ?

विद्युत फ्लक्स (electric flux) : किसी विद्युत क्षेत्र में स्थित किसी पृष्ठ के लंबवत गुजरने वाली वैधुत बल रेखाओं की संख्या को उस पृष्ठ से सम्बद्ध विद्युत फ्लक्स कहते है।

वैधुत फ्लक्स को Φ से प्रदर्शित किया जाता है , यह एक अदिश राशि है अर्थात इसको व्यक्त करने के लिए सिर्फ परिमाण की आवश्यकता होती है दिशा की नहीं।
विद्युत बल रेखाओं की दिशा के लंबवत एकांक क्षेत्रफल से गुजरने वाली बल रेखाओ की संख्या को फ्लक्स क्षेत्र की तीव्रता या फ्लक्स घनत्व (E) कहा जाता है।
माना एक विद्युत क्षेत्र E में एक पृष्ठ स्थित है जिसका कुल क्षेत्र S है तथा अल्पांश का क्षेत्रफल dA है अतः पृष्ठ से गुजरने वाले वैद्युत फ्लक्स का मान E तथा dS के गुणन के बराबर होगा।
dΦ = E.dA = E.dA.Cosθ
यदि θ = 0  है तो  Cosθ = 1
अतः  dΦ = E.dA
यदि θ = 90  है तो  Cos90 = 0
अतः  dΦ = 0 
θ = 90 पर dΦ का मान न्यूनतम होता है। 
यदि पृष्ठ किसी असमान विद्युत क्षेत्र में स्थित है तो पृष्ठ से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए पृष्ठ को अनेक अल्पांशो में बांटा जाता है तथा कुल विद्युत फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए इन सभी ल्पांशो का योग किया जाता है। 

  

 

यदि

तो  के स्थान पर समाकलन का उपयोग करते है।

समाकलन का चिन्ह यह बताता है की क्षेत्र A को अनेक छोटे छोटे टुकड़ो (ल्पांशो) में बाँटा गया है।
विद्युत फ्लक्स का मान धनात्मक , ऋणात्मक या शून्य कुछ भी हो सकता है।
यदि
θ < 90 तो फ्लक्स धनात्मक 
θ = 90 तो फ्लक्स शून्य 
θ > 90 तो फ्लक्स ऋणात्मक 
वैद्युत फ्लक्स का मात्रक =  N.m2.C-1
dΦ की विमा = M1L3T-3A-1

वैद्युत फ्लक्स : अल्प क्षेत्रफल ds से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स , विद्युत तीव्रता सदिश और क्षेत्रफल सदिश के अदिश गुणनफल के तुल्य होता है।

E = E.dS = EdScosθ अर्थात ΘE =∫E.dS यहाँ θ → E एवं dS बीच का कोण है।

यह दिए गए क्षेत्रफल से गुजरने वाली कुल बल रेखाओ को व्यक्त करता है। यहाँ क्षेत्रफल को सदिश माना गया है।

क्षेत्रफल सदिश की दिशा सतह पर अभिलम्बवत होती है।

विद्युत फ्लक्स से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु :-

1. विद्युत फ्लक्स एक वास्तविक अदिश राशि है।

विद्युत फ्लक्स की इकाई = वोल्ट x मीटर होती है।

विद्युत फ्लक्स की विमा या विमीय सूत्र = ML3T-3A-1 होती है।

2. यह अधिकतम होगा जब cosθ अधिकतम = 1 (θ = 0) , अत: विद्युत क्षेत्र तीव्रता सदिश सतह के क्षेत्रफल पर अभिलम्बवत होगा एवं (E)max = E.dS

3. विद्युत फ्लक्स न्यूनतम होगा यदि cosθ न्यूनतम = 0 , (θ = 90) , अत: यदि विद्युत क्षेत्र , सतह के सामानांतर होगा एवं  (E)min = 0

4. किसी बंद वस्तु से बाहर निकलने वाला फ्लक्स धनात्मक तथा अन्दर प्रविष्ठ होने वाला फ्लक्स ऋणात्मक माना जाता है।

इलेक्ट्रिक फ्लक्स या वैद्युत फ्लक्स

विद्युत क्षेत्र में रखे किसी पृष्ठ के लम्बवत गुजरने वाली वैधुत बल रेखाओं की संख्या को उस पृष्ठ से सम्बद्ध वैधुत फ्लक्स कहते है। इसे Θ से व्यक्त करते है और यह एक अदिश राशि है।
विद्युत बल रेखाओं की दिशा के लम्बवत एकांक क्षेत्रफल से गुजरने वाली वैद्युत बल रेखाओं की संख्या को फ्लक्स घनत्व या विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (E) कहते है अत: वैद्युत क्षेत्र E में स्थित किसी पृष्ठ के क्षेत्रफल के अल्पांश dS से सम्बद्ध वैद्युत फ्लक्स वेक्टर E व dS के डॉट गुणन से प्राप्त होगा , अर्थात
dΘ = E.dS
dΘ = E.dScosθ  समीकरण-1
यदि θ = 0 डिग्री हो तो cosθ = 1
अत: dΘ = E.dS
जो की वैद्युत फ्लक्स का अधिकतम मान है।
यदि θ = 90 डिग्री हो तो cosθ = 0
अत: dΘ = 0
जो कि वैद्युत फ्लक्स का न्यूनतम मान है।
यदि कोई पृष्ठ असमान वैद्युत क्षेत्र में रखा है तो पृष्ठ से सम्बद्ध वैद्युत फ्लक्स ज्ञात करने के लिए अनेक अल्पांश में बाँटकर उनसे सम्बद्ध विद्युत फ्लक्स के मानो को जोड़कर कुल फ्लक्स ज्ञात करेंगे।
 Θ = ∮E.dS  समीकरण-2
इस समीकरण-2 में समाकलन ∮ को विद्युत क्षेत्र E का पृष्ठ समाकलन (surface integral ) कहते है। यह समाकलन यह बताता है कि क्षेत्रफल S को ds क्षेत्रफल के सूक्ष्म पृष्ठों में विभाजित किया जाता है और अदिश राशि E.dS की गणना प्रत्येक सूक्ष्म क्षेत्रफल के लिए करके उनका योग लिया जाता है जो सम्पूर्ण पृष्ठ से सम्बद्ध वैद्युत फ्लक्स को व्यक्त करता है।
पुन: समीकरण-1 लिखने पर –
dΘ = E.dScosθ  समीकरण-1
समीकरण-1 से स्पष्ट है कि वैद्युत फ्लक्स एक अदिश राशि है तथा किसी सूक्ष्म पृष्ठ से सम्बद्ध विद्युत फ्लक्स dΘ का मान धनात्मक , शून्य या ऋणात्मक हो सकता है जो E व dS के मध्य कोण θ पर निर्भर करता है। यदि कोण θ न्युन कोण अर्थात 90 डिग्री से कम हो तो फ्लक्स धनात्मक होता है , यदि θ = 90 डिग्री हो तो फ्लक्स शून्य होता है और यदि θ अधिक कोण हो तो फ्लक्स ऋणात्मक होता है।
विद्युत फ्लक्स का मात्रक :-

dΘ = E.dS

अत: वैद्युत फ्लक्स का मात्रक = E का मात्रक x ds का मात्रक

= (न्यूटन/कुलाम) x मीटर2  = N.m2C-1 अर्थात न्यूटन.मीटर2कुलाम-1

या 

E का मात्रक वोल्ट/मीटर भी लिया जा सकता है , इस स्थिति में –

dΘ का मात्रक =  (वोल्ट/मीटर ) x मीटर2  = वोल्ट x मीटर

विद्युत फ्लक्स का विमीय सूत्र :

dΘ = E.dS

dΘ = F.dS/q

dΘ = F.dS/it

अत: विमीय सूत्र = [M1L1T-2][L2]/[A1T1]

विमीय सूत्र = ML3T-3A-1 होती है।

विद्युत फ्लक्स

परिभाषा : विद्युत क्षेत्र में रखी हुई सतह से , सतह के अभिलम्ब दिशा से गुजरने वाली विद्युत बल रेखाओं की कुल संख्या को विद्युत फ्लक्स कहते है। यह विद्युत क्षेत्र का गुण है।
विद्युत फ्लक्स एक अदिश राशि है। यह धनात्मक , ऋणात्मक या शून्य हो सकती है।
विद्युत फ्लक्स का SI मात्रक N.m2C-1  या गाउस होता है अथवा J.m.C-1  हो सकता है।
विद्युत क्षेत्र E में कोई सतह मानी जाए एवं इस सतह पर छोटे क्षेत्रफल dS का अल्पांश चुना जाए तो इस अल्पांश से सम्बंधित फ्लक्स dΦE = E.dS है।
dS की दिशा तल के लम्बवत होती है n के अनुदिश है।
या
E = E.dS cosθ
या
E = En.dS
जहाँ En , dS की दिशा में विद्युत क्षेत्र का घटक है।
सम्पूर्ण क्षेत्रफल से गुजरने वाला फ्लक्स dΦE = S∫ E.dS = S∫ En.dS
यदि सम्पूर्ण क्षेत्रफल में विद्युत क्षेत्र एक समान हो तो ΦE = E.dS
विशेष स्थितियाँ :-
स्थिति-1
यदि विद्युत क्षेत्र सतह के लम्बवत है ,
तब विद्युत क्षेत्र E का लम्ब के साथ कोण शून्य है अत: cos0 = 1
 Φ = E.dS cosθ
 Φ = E.S
स्थिति-2
यदि विद्युत क्षेत्र सतह के समान्तर है।
E लम्ब के साथ बना कोण = 90 होगा।
अत: cos90 = 0
 Φ = E.dS cos90
Φ = 0