डीएनए प्रतिकृति करण क्या है | DNA Replication in hindi डीएनए प्रतिकृति की परिभाषा किसे कहते है

By  

DNA Replication in hindi डीएनए प्रतिकृति करण क्या है  डीएनए प्रतिकृति की परिभाषा किसे कहते है ?

डीएनए के प्रमुख गुण
1. डीएनए केन्द्रक के अन्दर गुणसूत्रों में पाया जाता है। अधिकांशतः यह केन्द्रक में ही पाया जाता है।
2. डीएनए अणु द्विसूत्रीय तथा कुण्डलित होता है। इसके दोनो सूत्र विपरीत दिशा में सर्पिल कुण्डल (spiral coil) बनाते हैं।
3. डीएनए में डीऑक्सी राइबोस शर्करा मिलती है।
4. डीएनए में चार नाइट्रोजन क्षारक होते हैं। एडीनीन, ग्वानीन, प्यूरीन क्षारक तथा साइटोसिन, थाइमिन पिरीमिडीन क्षारक मिलते हैं।
5. डीएनए में क्षारकों का अनुपात A/T = G/C = 1 (चारगॉफ का नियम)
6. डीनएन आनुवंशिकी पदार्थ है। कोशिका की विभिन्न जैविक तथा कोशिकीय क्रियाओं की सूचनाएँ डीनएन के अणुओं में निहित होती हैं।
डीएनए प्रतिकृतिकरण (DNA Replication)

वाटसन एवं क्रिक द्वारा सुझायी गई संरचना से यह भी पता चलता है कि DNA के दोनों सत्र एक दूसरे से कमजोर हाइड्रोजन बन्धों द्वारा बंधे रहते हैं। इसलिये ये दोनों सूत्र आसानी से अलग हो सकते हैं तथा प्रत्येक सूत्र में दूसरे सूत्र के निर्माण के लिए आवश्यक सूचनायें उपस्थित होती हैं। इसका तात्पर्य
यह है कि दोनों सूत्रों के पृथक होने के बाद प्रत्येक सूत्र एक टैम्पलेट (template) या प्रारूप का कार्य करता है जो कि पूरक सूत्र के निर्माण को निर्देशित करता है और पुनः द्विसूत्री अवस्था में आ जाता है अर्थात् यह स्वयं को द्विगुणित कर सकता है । वाटसन तथा क्रिक की इस खोज के पश्चात् डीनएन की पुनरावृत्ति (replication) से सम्बन्धित महत्वपूर्ण खोज मेसल्सन तथा स्टाहल ने आगे जाकर की जिससे सिद्ध हो पाया कि वास्तव में डीनएन की पुनरावृत्ति अर्द्धसंरक्षी (semi & conservative) प्रकार की होती है जिसमें प्रत्येक पुत्री कोशिका के पास एक पैतृक डीनएन हेलिक्स का एकल सूत्र उपस्थित होता है।
मेसल्सन तथा स्टाहल का पुनरावृति प्रयोग
(Meselson and Stahl’s Replicaiton Experiment)

कैल्फिोर्निया तकनीकी इन्स्टीट्यूट के मैथ्यू मेसल्सन व फ्रेंकलिन स्टॉल (Mathew Meselson and Franklin stahl) ने जीवाणु (bacteria) में पुनरावृत्ति के सही प्रकार को समझने के लिए 1957 में शोध किया। उन्होंने रेडियोसमस्थानिक 15N एवं हल्के 14N (N= नाइट्रोजन) का प्रयोग पैतृक और नये बने DNA (भारी) में विभेद करने के लिए किया । बैक्टीरिया को 15N अमोनियम क्लोराइड वाले संवर्धन माध्यम (culture medium) पर संवर्धित किया गया इसके परिणामस्वरूप DNA के नाइट्रोजन युक्त क्षारकों में अब केवल भारी नाइट्रोजन का समस्थानिक उपस्थित था । 15N वाले इस बैक्टीरिया को पुराने कल्चर मीडियम से पूर्णतया रहित करने के लिए अच्छी प्रकार से धोया गया । अब इन ‘भारी‘ बैक्टीरिया को नये कल्चर मीडियम में रखा गया जिसमें कि 14N युक्त यौगिक था। कल्चर मीडियम से नमूनों (samples) को एक अन्तराल बाद निरन्तर हटाया जाता रहा । कल्चर के लिये दिया जाने वाला समय बढ़ाया गया ताकि कई पीढ़ियों के बैक्टीरिया माध्यम पर विकसित हो सके। कल्चर मीडियम से बैक्टीरिया को हटाने के बाद उनके DNA को निष्कर्षित (extract) किया गया और क्छ। को साम्य घनत्व प्रवणता अवसादन (Equilibrium density gradient centrifugation) के लिए रखा । इस प्रक्रिया के दौरान DNA युक्त विलयन को तब तक सेन्ट्रीफ्यूज किया गया जब तक कि द्वि-सूत्रों DNA अपने घनत्व के आधार पर साम्य पर नहीं पहुँच गये। DNA अणु का घनत्व इसमें उपस्थित 15N एवं 14N परमाणुओं के प्रतिशत का सीधा समानुपाती होता है।

कोशिकानुवंशिकी के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार (छवइमस च्तप्रम)
1 दीर्घ अणुओं का संरचनात्मक विश्लेषण तथा उनकी पहचान
विकसित करना (Structual analysis of macromolecules and their identification by mass and resonance spectrospcopy) 2002 (i) जान बी फेन (John B.k~ Fenn) तथा कोची तनाका।
(ii) कर्ट वुथरिच (Kurt Wuthrich)
2 (i) एटीपी (ATP) का सवंर्धन (Eæymatic Mechanism of Synthesis of ATP)
(ii) ऑयन स्थानान्तरण एन्जाइम
(Na़ K़-ATPase) 1997 (i) पॉल बायर, जॉन वाकर (Paul D.k~ Boyer and John E.k~ Walker)
(ii) जेन्स सी. स्कू (Jens C.k~ Skou)

3 (i) पोलिमरेज चेन प्रक्रिया
(Polymerase Chain reaction)
(ii) ओलिगोन्यूक्लियोटाइंड 1993 (i) केरी बी मुलिस (Kary B.k~ Mullis)
(ii) माइकल स्मिथ (Michael Smith)
4 आरएनए के केटेलिटिक गुण 1989 सिडनी अल्टमेन तथा थामस (Sidney Altman and Thomas)
5 जम्पिंग जीन (jumping gene) 1983 बारबरा मेक्लिनटाक (Barbara Maclintock)
6 (i) न्यूक्लि अम्ल की बायोरसायनिक अध्ययन तथा पुनर्योजित डीएनए (Fundamental studies on biochemistry of nucleic acid and recombinent DNA)
(ii) न्यूक्लिक अम्ल के अनुक्रमों को ज्ञात किया (Determination of base sequence in nucleic-acids-) 1980 (i) पॉल बर्ग (Paul Berg)
(ii) वाकर गिल्बर्ट (Walker Gilbert) तथा तथा फ्रेडरिक सेंगर (Frederick Sanger)
7 राइबोन्यूक्लिएज तथा इसकी रासायनिक संरचना (Ribonuclease and its chemical nature) 1972 (i) क्रिस्चियन बी अफिनसेन (Christian B.Afinsen) तथा
(ii) स्टेनफोर्ड मूरे तथा विलियम एच स्टेन (Stanford Moore and william H.k~ Stein)
8 न्यूक्यिोटाइड व कार्बोहाइड्रेड की बायो संवर्धन में भूमिका इनकी भूमिका 1970 लुइस लेलोर (Luis Leloir)
9 आनुवंशिक कूट (Genetic Code) 1968 एम. डब्लू. नीरेनबर्ग (M.W.k~ Nirenberg)
10 न्यूक्लिक अम्ल व आनुवंशिक कूट (Genetic code) 1968 हरगोविंद खुराना (Hargovind Khorana)
11 जीन नियमन ऑपरान अवधारणा
(Gene regulation operon concept) 1965 एफ. जैकब व जे. मोनाड (F.k~ Jacob and J.k~ Monad)
12 डीएनए की द्विकुण्डलीय संरचना
(Double helical structure of DNA) 1962 जे. डी. वाट्सन तथा फे. एच. सी. क्रिक
(J.D.Watson and F.H.C.k~ Crick)
13 डीएनए का पात्रे संश्लेषण
(In vitro synthesis of DNA) 1959 एस ओकोआ व ए. कोर्नबर्ग (S.k~ Ochoa and A.k~ Kornberg)
14 न्यूक्लियोटाइड व इसके कोएन्जाइम्स
(Nucleotide and its Coeæymes) 1957 लार्ड एलेक्जेडंर तथा आर टोडल (Lord Alexander and R.k~ Todel)
15 न्यूरोस्पोरा का एक जीन एक एन्जाइम सिद्धान्त
(One gene one eæyme theory) 1958 जी. डब्ल्यू. बीडल तथा ए. एल. टेटम
(G.W.k~ Beadle and E.L.Tatum)
16 ड्रोसोफिला में जीन उत्परिवर्तन (Mutation) 1946 एच.जे. मुलर (H.J.k~ Muller)
17 ड्रोसोफिला में X- गुणसूत्र पर श्वेताक्ष जीन की उपस्थिति। 1943 टी.एच.मोर्गन (T.H.Morgan)

सामान्य B-डीएनए तर्था -डीएनए की डूप्लेक्स (duplex) की तुलना
क्र.सं. लक्षण सामान्य ठ-डीनएनएर् -डीएनए
1.
2.
3.
4.

5.

6.
7.
8.
9. संरचना
क्षार युग्म
द्विकुण्डलन की दिशा
द्विकुण्डलन

आसन्न शर्करा अणुओं
का अभिविन्यास
पॉलीन्यूक्लियोटाइड इकाई
व्यास
प्रतिचक्कर शर्करा अणु
केन्द्रिय अक्ष से फॉस्फेट
की दूरी
D-GPC
(Distance Guinine phosphate cytosin)
D-CPG
(Distance cytosine phosphate Guinine) द्विकुण्डलित (डुप्लेक्स)
G=C
दाहिनी ओर
नियमित
समानं

मोनोन्यूक्लियोटाइड
्2.0 nm
10

0.9 nm

0.9 nm
द्विकुण्डलित (डुप्लेक्स)
G=C
बायीं ओर
जिग जेग (zig&zag) तथा
अनियमित
उल्टा (opposite)
अभिविन्यास
डाइन्युक्लियोटाइड
्1.8 nm
12 (6डाइमर (dimer))

0.8 nm

0.69 nm