चिन्तामणि किसकी रचना है chintamani kiski rachna hai kriti hai चिन्तामणि किसकी कृति है

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chintamani kiski rachna hai kriti hai चिन्तामणि किसकी कृति है अथव चिन्तामणि किसकी रचना है ?

विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गये प्रश्न
2. ‘काव्य-प्रकाश‘ किसका ग्रन्थ है?
(अ) मम्मट का (ब) विश्वनाथ का
(स) भट्टलोल्लट का (द) दण्डी का
उत्तर-(अ) मम्मट का
ज्ञान-काव्य प्रकाश – आचार्य मम्मट का ग्रंथ है। विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण, दण्डी ने काव्यादर्श की रचना की । भट्टलोल्लट का कोई ग्रंथ नहीं मिलता।
3. दण्डी किस प्रकार के आचार्य थे?
(अ) अलंकारवादी (ब) रसवादी
(स) ध्वनिवादी (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(अ) अलंकारवादी
ज्ञान-दण्डी अलंकारवादी आचार्य थे क्योंकि वे काव्यादर्श में लिखते हैं काव्य शोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते । अर्थात् अलंकार काव्य शोभा को उत्पन्न करने वाले तत्व हैं जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है अलंकार काव्य शोभा में वृद्धि तो करते हैं पर काव्य शोभा उत्पन्न नहीं कर सकते।
4. ‘काव्यमीमांसा‘ के रचयिता हैं-
(अ) विश्वनाथ (ब) पण्डितराज जगन्नाथ
(स) राजशेखर (द) आचार्य मम्मट
उत्तर-(स) राजशेखर
ज्ञान-काव्यमीमांसा – राजशेखर द्वारा रचित है। पण्डितराज जगन्नाथ ने रस गंगाधर, विश्वनाथ ने साहित्य दर्पण और मम्मट ने काव्य प्रकाश नामक ग्रंथ लिखा।
5. ‘भूषन बिनु व विराजई कविता बनिता मित्त‘ किसका कथन है?
(अ) चिन्तामणि (ब) भिखारीदास
(स) केशवदास (द) देव
उत्तर-(स) केशवदास
ज्ञान-दी गयी पंक्ति रीतिकालीन आचार्य केशवदास की है जिसमें वे अलंकार को काव्य का अनिवार्य तत्व मानते हैं।
6. ‘साहित्य दर्पण‘ के रचनाकार हैं-
(अ) रामचन्द्र शुक्ल (ब) मम्मट
(स) राजशेखर (द) विश्वनाथ
उत्तर-(द) विश्वनाथ
ज्ञान-साहित्य दर्पण आचार्य विश्वनाथ (14वीं सदी) की कृति है, मम्मट ने काव्यप्रकाश, राजशेखर ने काव्यमीमांसा, रामचन्द्र शुक्ल ने चिंतामणि और रसमीमांसा की रचना की है।
7. ‘रस गंगाधर‘ के रचयिता हैं-
(अ) विश्वनाथ (ब) पण्डितराज जगन्नाथ
(स) राजशेखर (द) गुलाबराय
उत्तर-(ब) पण्डितराज जगन्नाथ
ज्ञान-रस गंगाधर के रचयिता हैं पण्डितराज जगन्नाथ विश्वनाथ के ग्रंथ का नाम है – साहित्य दर्पण
राजशेखर के ग्रंथ का नाम है – काव्यमीमांसा
गुलाबराय के ग्रंथ का नाम है – सिद्धान्त और अध्ययन
8. ‘सिद्धान्त और अध्ययन‘ किसकी रचना है?
(अ) गुलाबराय (ब) रामविलास शर्मा
(स) रामचन्द्र शुक्ल (द) गोविन्द त्रिगुणायत
उत्तर-(अ) गुलाबराय
ज्ञान-सिद्धान्त और अध्ययन – गुलाबराय की कृति है।
रामचंद्र शुक्ल का ग्रंथ है – चिंतामणि
डॉ. नगेन्द्र के ग्रंथ का नाम है – रस सिद्धान्त
डॉ. गोविन्द त्रिगुणायत के ग्रंथ का नाम है – शास्त्रीय समीक्षा के सिद्धान्त
9. ‘रस सिद्धान्त‘ के रचयिता हैं-
(अ) रामचन्द्र शुक्ल (ब) डॉ. नगेन्द्र
(स) गुलाबराय (द) रामस्वरूप चतुर्वेदी
उत्तर-(ब) डॉ. नगेन्द्र
ज्ञान-रस सिद्धान्त डॉ. नगेन्द्र की रचना है।
रामचंद्र शुक्ल के ग्रंथ का नाम है – चिन्तामणि, रसमीमांसा
गुलाबराय के ग्रंथ का नाम है – सिद्धान्त और अध्ययन तथा काव्य के रूप रामस्वरूप चतुर्वेदी के ग्रंथ का नाम है – भाषा और संवेदना
10. ‘चिन्तामणि‘ के रचनाकार हैं-
(अ) रामचन्द्र शुक्ल (ब) गुलाबराय
(स) डॉ. नगेन्द्र (द) हजारीप्रसाद द्विवेदी
उत्तर-(अ) रामचन्द्र शुक्ल
ज्ञान-चिन्तामणि के रचनाकार हैं – आचार्य रामचंद्र शुक्ल
गुलाब राय का ग्रंथ है – सिद्धान्त और अध्ययन
डॉ. नगेन्द्र के ग्रंथ का नाम है – रस सिद्धान्त
हजारीप्रसाद द्विवेदी की कृति है – नाथ सम्प्रदाय