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Chemical Composition of muscle fibre in hindi , पेशी तंतु का रासायनिक संगठन क्या है समझाइये
जानिये Chemical Composition of muscle fibre in hindi , पेशी तंतु का रासायनिक संगठन क्या है समझाइये ?
पेशी तंतु का रासायनिक संगठन (Chemical Composition of muscle fibre)
कंकाल पेशी तंतु का रासायनिक संगठन निम्न प्रकार का होता है-
- जल ( Water ) – 75-0%
- प्रोटीन्स (Proteins) – 20.0%
(a) मायोसिन (myosin) (b) एक्टिन (actin)
(c) ट्रोपोमायोसिन (tropomyosin) (d) ट्रोपोनिन (troponin)
(e) एक्टिनिन (actinin)
- अन्य पदार्थ (Other substances) – 5.0%
(a) ग्लाइकोजन (glycogen)
(b) लवण (salts)
(c) स्वतंत्र अमीनों अम्ल (free amino acids)
(i) फॉस्फोक्रिएटिन (phosphocreatine ) (कशेरुकियों की पेशियों में उपस्थित) (ii) फॉस्फोआर्जीनिन ( phosphoarginine) (कशेरुकियों की पेशियों में उपस्थित पेशी तंतु में उपस्थित प्रोटीन्स का विस्तृत विवरण निम्न है-
- मायोसिन (Myosin)
यह प्रोटीन पेशी तंतुक (mycofibril) में उपस्थित प्राथमिक अथवा मोटे तंतुओं का निर्माण करती है। मायोसिन अणु की आकृति टेड्पोल समान होती है। प्रत्येक अणु की लम्बाई लगभग 1500 तथा व्यास लगभग 20-40 A होता है। इसका आण्विक भार (molecular weight) 50000 होता हैं मायोसिन अणु को प्रोटीन अपघटनीय एंजाइम ट्रिप्सिन (trypsin) द्वारा दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। एक भाग भारी मेरोमायोसिन (heary meromyosin) कहलाता है। यह भाग 300 A लम्बाई का होता है। जिस पर एक ग्लोब्यूलर सिर (globular head) पाया जाता है जो लगभग 40A व्यास का होता है। भारी मेरोमायोसिन का आण्विक भार 3,50,000 होता है। इस भाग में दो क्रियास्थल (action sites) पाये जाते हैं जो अनुप्रस्थ सेतु (cross bridge) के रूप में प्रदर्शित किये जाते हैं। अनुप्रस्थ सेतु का दूरस्थ भाग (distal end) ATP अणु से जुड़ा रहता है तथा एक एक्टिन के साथ बन्धुता दर्शाता हैं यह भाग एक्टिन के साथ मिलकर एक एक्टोमायोसिन सम्मिश्र (actomysin complex) का निर्माण करता है। अनुप्रस्थ सेतु का समीपस्थ भाग (proximal end) ATPase एंजाइम का क्रियास्थल होता है जो ATP को अपघटित करने की क्षमता रखता है। पेशीय संकुचन के समय का इस स्थान पर ATP से ADP एवं अकार्बनिक फॉस्फेट (inorganic phosphate) का निर्माण होता है।
मायोसिन का दूसरा भाग हल्का मेरोमायोसिन (light meromyosin) कहलाता है। यह छड़ की आकृति का होता है। इसकी लम्बाई 1000 A तथा 15-20 Å तथा आण्विक भार 1,50,000 होता है। हल्के मेरोमायोसिन में भारी मेरोमायोसिन के गुण अनुपस्थित होते हैं।
- एक्टिन (Actin)
पेशीय तंतुओं में उपस्थित द्वितीयक सूत्र एक्टिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। एक्टिन का आण्विक भार लगभग 60000 होता है। एक्टिन का अणु एक गोलाकार ग्लोब्यूलर प्रोटीन (G-प्रोटीन) के रूप में होता है जिसका व्यास 55 À होता है। यह प्रोटीन कैल्शियम आयन्स (Ca2+ ) के प्रति बंधुता दर्शाता है। लवण एवं ATP की उपस्थिति में G- एक्टिन के अणु एक दूसरे के साथ मिलकर F-एक्टिन (fibrcus actin) में परिवर्तित हो जाते हैं। F-एक्टिन एक उच्च बहुलक (high polymer) है जो G-एक्टिन के बहुलीकरण (polymerization) से बनता है।
G-action-ATP—Factin – ADP + Pi
हेन्सन (Hanson ; 1963) एवं लोवी (Loewy; 1963) के अनुसार F-एक्टिन में दो लम्बी श्रृंखलाएँ होती हैं जो एक-दूसरे को चारों ओर लिफ्ट का एक हैलिक्स बनाती है। स्तनियों की कंकाल पेशियों में उपस्थित पेशी तंतुओं में मायोसिन एवं F- एक्टिन अणुओं का विन्यास चित्र 75
अनुसार होता है।
चित्र 7.7 – रेखित पेशी तंतुक में एक्टिन एवं मायोसिन अणुओं को विन्यास
- ट्रोपोमायोसिन (tropomyosin)
यह प्रोटीन पेशीय तंतु में उपस्थित समस्त प्रोटीन का लगभग 3 से 8 प्रतिशत भाग बनाती है। इसका आण्विक भार 70000 होता है। यह 400 A लम्बाई तथा 20A व्यास का होता है। इनमें ATPase एंजाइम की क्रियाशीलता नहीं देखी जाती है तथा प्रोलीन (proline) एवं ट्रिप्टोफेन (tryptophan) एंजाइम अनुपस्थि रहते हैं। ट्रोपोमोयोसिन के दो सामान्य प्रकार होते हैं। इनमें एक ट्रोपामायोसिन A अमोनियस सल्फेट विलयन में तथा ट्रोपोमायोसिन B जल में घुलनशील होती है। ट्रोपामायोसिन को एक्टोमायोसिन विलयन में मिलाने पर यह केल्शियम सक्रिय ATPase सक्रियता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- ट्रोपोनिन ( Troponin)
इस प्रोटीन में भी ग्लोब्यूलर अणु उपस्थित रहते हैं। यह प्रोटीन भी एक्टिन एवं ट्रोपोमायोसिन के साथ द्वितीय सूत्रों में उपस्थित रहती है। ट्रोमोनिन के अणु द्वितीयक सूत्रों पर लगभग 400 A के नियमित अंतराल पर समविष्ट (incorporated) होते हैं। इन प्रोटीन के जैविक कार्य का अभी पूर्ण ज्ञान नहीं है।
- एक्टिनिन (Actinin)
इस प्रोटीन का आण्विक भार लगभग 1,60,000 होता है। यह Z रेखा पर उपस्थित रहती है। यह एक्टिन के साथ तेजी से क्रिया दर्शाती है तथा F-एक्टिन सूत्रों के साथ अनुप्रस्थ सहलग्नता प्रदर्शित करती है।
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