अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना किसने की कब की akhil bhartiya desi rajya lok parishad established

By   February 8, 2021

akhil bhartiya desi rajya lok parishad established in hindi अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की स्थापना किसने की कब की ?

प्रश्न : अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् ?

उत्तर : देशी राज्यों की जनता को एक सूत्र में बांधकर उनके आंदोलनों को समन्वित रूप देकर शासकों के तत्वाधान में ‘उत्तरदायी शासन’ की स्थापना के लिए बहादुर रामचन्द्र राव की अध्यक्षता में 1927 ईस्वीं में बम्बई में इस परिषद् की स्थापना की गयी।

प्रश्न : प्रजा परिषद् / लोक परिषद् / प्रजामण्डल ?

उत्तर : देशी रियासतों के नेताओं ने अपने अपने राज्यों में उत्तरदायी शासन और राजनितिक आन्दोलन को समन्वित रूप देने के लिए ‘अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद्’ की इकाईयों के रूप में जो राजनितिक संगठन स्थापित किये , वे प्रजामण्डल कहलाये।

प्रश्न : मारवाड़ लोक परिषद् ?

उत्तर : जोधपुर के महाराजा की अध्यक्षता में उत्तरदायी शासन और संवैधानिक सुधारों के लिए 1938 ईस्वीं में रणछोड़दास गट्टानी की अध्यक्षता में जोधपुर मारवाड़ लोक परिषद् की स्थापना की गयी। यह अपने उद्देश्यों में सफल रही।

राजस्थान में प्रजामंडल :

 प्रजामण्डल का नाम 

स्थापना वर्ष  

अध्यक्षता , गठनकर्त्ता  

प्रमुख नेता / उद्देश्य कार्य सहयोगी  

 जयपुर प्रजामण्डल 

1931  

1936 

कपूरचन्द्र पाटनी 

चिरंजीलाल मिश्र 

हीरालाल शास्त्री , जमनालाल बजाज 

संवैधानिक अधिकारों और उत्तरदायी शासन की स्थापना मुख्य उद्देश्य। (ये उद्देश्य सभी प्रजा मण्डलों में आयेंगे।)

 हाड़ौती प्रजामण्डल 

1934  

पं. नयनूराम शर्मा  

प्रभुलाल शर्मा , उपरोक्त उद्देश्य  

 बूंदी प्रजामण्डल 

1931  

1934 

1944 

कांतिलाल  

पं. नयनूराम शर्मा 

हरिमोहन

 

बृज सुन्दर शर्मा

 बीकानेर प्रजामण्डल 

1936  

1942 

मेघाराम वैध  

रघुवर दयाल गोपाल

लक्ष्मणदास स्वामी  

 कोटा प्रजामण्डल 

1938  

पं. नयनू राम शर्मा  

पं. अभिन्न हरि , तनसुखलाल मित्तल 

 मेवाड़ प्रजामंडल 

1938  

बलवंतसिंह मेहता  

माणिक्य लाल वर्मा , भूरेलाल बयां  

 अलवर प्रजामण्डल 

1938  

पं. हरिनारायण शर्मा  

कुञ्ज बिहारी मोदी  

 भरतपुर प्रजामण्डल 

1938  

गोपीलाल यादव  

किशन लाल जोशी , जुगलकिशोर चतुर्वेदी  

 शाहपुरा 

1938  

रमेशचन्द्र ओझा  

लादूराम व्यास  

 धौलपुर प्रजामंडल 

1938  

ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु  

जौहरी लाल इन्दु  

 सिरोही प्रजामण्डल 

1939  

गोकुल भाई भट्ट  

धर्मचन्द्र सुराणा , रामेश्वरदयाल  

 किशनगढ़ प्रजामण्डल 

1939  

कांतिलाल चौथानी  

जमालशाह  

 करौली प्रजामण्डल 

1939  

त्रिलोकचन्द माथुर 

चिरंजीलाल शर्मा , कु. मदन सिंह  

 जैसलमेर राज्य प्रजा परिषद् 

1939  

शिवशंकर गोपा  

 

 जैसलमेर राज्य प्रजामण्डल 

1945  

मीठालाल व्यास  

 

 डूंगरपुर प्रजामण्डल 

1944  

भोगीलाल पंड्या  

शिवलाल कोटडिया  

 बाँसवाड़ा प्रजामण्डल 

 1945  

विनोद चन्द्र कोठारी  

भूपेन्द्र नाथ द्विवेदी  

 प्रतापगढ़ प्रजामण्डल 

1945  

चुन्नीलाल और अमृतलाल  

 

 झालावाड़ प्रजामण्डल 

1946  

मांगी लाल मित्तल  

कन्हैया लाल मित्तल 

 

 

प्रश्न : मारवाड़ प्रजामण्डल ?

उत्तर : मारवाड़ राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना और नागरिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए 1934 ईस्वीं में जोधपुर में भँवरलाल सर्राफ की अध्यक्षता में मारवाड़ प्रजामंडल की स्थापना की गयी।

प्रश्न : मत्स्य संघ ?

उत्तर : 18 मार्च 1948 ईस्वीं को अलवर , भरतपुर , करौली और धौलपुर रियासतों का समूहन कर मत्स्य संघ का निर्माण कर राजस्थान का एकीकरण का प्रारंभ किया। अलवर को राजधानी और महाराजा धौलपुर को राजप्रमुख और शोभाराम कुमावत को मत्स्य संघ का प्रधानमंत्री बनाया गया।

प्रश्न : संयुक्त वृहद् राजस्थान ?

उत्तर : 15 मई 1949 ईस्वीं को वृहद राजस्थान में मत्स्य संघ के विलय से 18 रियासतों और 3 ठिकानों के समूहन से संयुक्त वृहद राजस्थान का निर्माण कर राजस्थान के एकीकरण का पाँचवा चरण पूरा हुआ।

प्रश्न : स्वतंत्रता प्राप्ति के समय राजस्थान की राजनितिक स्थिति और एकीकरण का वर्णन कीजिये। 

उत्तर : स्वतंत्रता प्राप्ति के समय राजस्थान 19 रियासतों , 3 ठिकानों और एक केन्द्रशासित प्रदेश में विभक्त था। जिसका एकीकरण 18 मार्च 1948 ईस्वीं में प्रारंभ होकर 1 नवम्बर 1956 तक 7 चरणों में पूरा हुआ। इसमें 8 वर्ष , 5 माह तथा 4 दिन का समय लगा।

प्रश्न : पूर्व राजस्थान / राजस्थान संघ ?

उत्तर : 25 मार्च 1948 को कोटा , बूंदी , डूंगरपुर , किशनगढ़ , टोंक , प्रतापगढ़ , शाहपुरा , झालावाड और बांसवाडा रियासतों और ठिकाने कुशलगढ़ और लावा का समूहन कर ‘पूर्व राजस्थान’ बनाया। कोटा को राजधानी और महाराव कोटा राजप्रमुख और गोकुल लाल असावा को राजस्थान संघ का प्रधानमंत्री बनाया।

प्रश्न : संयुक्त राजस्थान ?

उत्तर : 18 अप्रैल 1948 ईस्वीं को पूर्व राजस्थान में मेवाड़ का विलय कर संयुक्त राजस्थान बनाया। उदयपुर को राजधानी और मेवाड़ महाराणा राजप्रमुख और माणिक्य लाल वर्मा को संयुक्त राजस्थान का प्रधानमंत्री बनाया गया।

प्रश्न : सज्जन कीर्ति सुधाकर , उदयपुर ?

उत्तर : महर्षि दयानंद की प्रेरणा से 1879 ईस्वीं में उदयपुर से निकलने वाला हिंदी साप्ताहिक ‘सज्जन कीर्ति सुधाकर’ मेवाड़ राज्य का सरकारी गजट था। इसमें केवल प्रशासनिक समाचार प्रकाशित होते थे , जिससे प्रजा को राजकीय नियमों तथा शासकीय परिवर्तनों की जानकारी मिलती थी। यह महाराणा सज्जनसिंह ने प्रकाशित किया था।

प्रश्न : तरुण राजस्थान ?

उत्तर : 1920-30 ईस्वीं के दशक में श्री शोभालाल गुप्ता और रामनारायण चौधरी के सम्पादकत्व में निकले इस पत्र ने नीमूचणा , (1925 ईस्वीं) जोधपुर आदि हत्याकांडो का भण्डाफोड़ किया।

प्रश्न : नवीन राजस्थान ?

उत्तर : 1922 ईस्वीं में राजस्थान सेवा संघ द्वारा प्रकाशित यह समाचार पत्र भीलों तथा कृषकों पर होने वाले अत्याचारों को प्रकाशित करता था। इसका प्रकाशन विजयसिंह पथिक ने भी किया।