नेमन से सजातियताएँ बैलेनोग्लोसस की Affinities with Nemertines of balanoglossus in hindi समानताएँ असमानताएँ

जाने नेमन से सजातियताएँ बैलेनोग्लोसस की Affinities with Nemertine of balanoglossus in hindi समानताएँ असमानताएँ ?

नेमन से सजातियताएँ (Affinities with Nemertine ) : नेमीन एक छोटा संघ (minor phyla) है। इस संघ के जन्तुओं तथा बैलेनोग्लोसस में निम्न समानताएँ व असमानताएँ पायी जाती है।

(A) समानताएँ ( Similarities) :

  1. बैलेनोग्लोसस तथा नेमर्टीन जन्तु, दोनों ही लम्बे, कृमिसमान व बाह्य रूप से अखण्डित शरीर वाले होते हैं।
  2. दोनों प्रकार के जन्तुओं में त्वचा चिकनी होती है जिसमें अधिक एक कोशीय ग्रन्थियाँ पायी जाती है।
  3. दोनों की अधिचर्म में तंत्रिका जालक पाया जाता है।
  4. इनमें जनन ग्रन्थियाँ ( gonads ) खण्डीय रूप से विन्यासित होते हैं।

(B) असमानताएँ (Dissimilarities ) :

  1. बैलेनोग्लोसस में पृष्ठ तंत्रिका रज्जु भी पायी जाती है जो नेमींन जन्तुओं में अनुपस्थित होती है।
  2. नेमींन जन्तुओं में पार्श्व तंत्रिकाएँ पायी जाती हैं जिनका बैलेनोग्लोसस में अभाव होता है।
  3. बैलेनोग्लोसस में शुण्डिका बहि: सारी प्रकार की नहीं होती है जबकि नेमर्टीन जन्तुओं में शुण्डिका बहि: सारी प्रकार की होती है।
  4. पोगोनोफोरा से सजातियताएँ (Affinities with Pogonophora) : मार्कस (Marcus) ने 1958 में पोगोनोफोरा इकाइनोडर्मेटा, हैमिकार्डेटा तथा कार्डेटा संघ को मिलाकर एक बड़े समूह ड्यूटेरोस्टोमिया (deuterostomia) का निर्माण किया । इस समूह के जन्तुओं में कोरक रन्ध्र से गुदा का विकास होता है तथा सीलोम का उद्भव आंत्रगुहीय (enterococlic) प्रकार का होता है।

इनके अलावा बैलेनोग्लोसस पोगोनोफोरा जन्तुओं से निम्न समानताएँ प्रदर्शित करता है – (A) समानताएँ (Similarities)

  1. दोनों का शरीर तीन भागों का बना होता है- शुण्डिका (proboscis ), कॉलर (collar ) तथा धड़ (truck) ।
  2. इनमें सीलोम तीन खण्डों में विभक्त रहती है।
  3. दोनों समूहों के जन्तुओं में हृदय आशय पाया जाता है।
  4. दोनों समूह के प्राणियों में तंत्रिका तंत्र की स्थिति समान होती है।
  5. इनमें जनन अंग धड़ में पाये जाते हैं।

(B) असमानताएँ (Dissimilarities)

  1. बैलेनोग्लोसस में पूर्ण विकसित आहारनाल पायी जाती है जबकि पोगोनोफोरा जन्तुओं में आहार नाल अनुपस्थित होती है।
  2. पोगोनोफोरा जन्तुओं में तंत्रिका तन्त्र प्रोटोसोम भाग में स्थित होता है जबकि बैलेनोग्लोसस यह मीजोसोम भाग में स्थित होता है।
  3. पोगोनोफोरा जन्तुओं में प्रोटोसील भाग में वृक्कीय देहगुहीय नलिकाएँ पायी जाती है जो बैलेगोग्लोसस में अनुपस्थित होती है।
  4. फोरोनिडा से सजातियताएँ (Affinities with phoronida): 1897 में मस्टरमेन (Masterman, A. T.) ने बैलेनोग्लोसस की संघ फोरोनिडा के जन्तुओं के साथ सजातियताओं का वर्णन किया था जो निम्न प्रकार हैं

(A) समानताएँ (Similarities)

  1. बैलेनोग्लोसस का टॉर्नेरिया लारवा फोरोनिड्स के एक्टीनोट्रोक (actinotroch) लारवा से अनेक समानताएँ प्रदर्शित करता है जैसे दोनों में शीर्षस्थ प्लेट (apical plate ), नैत्र बिन्दु (eye spot), शुण्डिका छिद्र, गुदा तथा सीलोम पाये जाते हैं।
  2. दोनों में समान तंत्रिका तन्त्र पाया जाता है।
  3. दोनों में पुनरुद्भवन (regeneration) की क्षमता पायी जाती है।

(B) असमानताएँ (DIssimilarities)

  1. बैलेनोग्लोसस में उपस्थित क्लोम छिद्रों का फोरोनिड जन्तुओं में अभाव होता है। 2. बैलेनोग्लोसस में उपस्थित युग्मित नेफ्रिडिया का फोरोनिड्स में अभाव होता है। 6. यूरोकॉर्डेटा के साथ सजातियताएँ (Affinities with Urochordates) बैलेनोग्लोसस उपसंघ यूरोकॉर्डेटा के सदस्यों से निम्न सजातियताएँ प्रदर्शित करता है

(A) समानताएँ (Similarities) 1 दोनों ही जन्तुओं में क्लोम छिद्र पाये जाते हैं। , दोनों में केन्द्रीय तंत्रिका तन्त्र का परिवर्धन समान होता है।

  1. दोनों में ग्रसनी की संरचना समान होती है।

(B) असमानताएँ (Dissimilarities):

  1. दोनों ही प्रकार के जन्तुओं में पोषण विधि भिन्न होती है।
  2. यूरोकॉडेटा उपसंघ के प्राणियों की ग्रसनी में एण्डोस्टाइल (endostyle) पायी जाती है जबकि बैलेनोग्लोसस में अनुपस्थित होती है।
  3. युरोकॉर्डेटा उपसंघ के जन्तुओं के लारवा में नोटोकॉर्ड पायी जाती है जबकि बैलेनोग्लोसस में इसका अभाव होता है।
  4. बैलेनोग्लोसस में मुकुलन द्वारा अलैंगिक जनन नहीं पाया जाता है जबकि यूरोकॉडेटा में इस तरह का जनन पाया जाता है।
  5. बैलेनोग्लोसस में पुनरुद्भवन पाया जाता है जबकि यूरोकॉडेटा जन्तुओं में पुनरुद्भवन नहीं पाया जाता है।
  6. बैलेनोग्लोसस में टॉनेरिया लारवा पाया जाता है जो अनुगामी कायान्तरण (progressive metamorphosis) द्वारा वयस्क में कायान्तरित होता है जबकि यूरोकॉर्डेट जन्तुओं में टेडपोल लारवा पाया जाता है जो प्रतिगामी कायान्तरण (retrogressive metamorphosis) द्वारा वयस्क में कायान्तरित होता है।
  7. यूरोकॉर्डेटा उपसंघ के टेडपोल लारवा में मुख्य कॉर्डेट लक्षण पाये जाते हैं जबकि बैलेनोग्लोसस के टॉर्नेरिया लारवा में इनका अभाव होता है।
  8. सिफेलोकॉर्डेटा से सजातियताएँ (Affinities with Cephalochordates) (A) समानताएँ (Similarities)
  9. दोनों की त्वचा में केवल एपिडर्मिस ही पायी जाती है, डर्मिस का अभाव होता है।
  10. दोनों की ग्रसनी में क्लोम छिद्र पाये जाते हैं।
  11. दोनों बिल बनाकर रहते हैं।
  12. दोनों में हृदय अनुपस्थित होता है।
  13. दोनों का परिसंचरण तन्त्र समान प्रकार का होता है।

(B) असमानताएँ (Dissimilarities)

  1. सिफेलोकॉडेटा उपसंघ के जन्तुओं में मुख हुड (oral hood) पाया जाता है जिसका बैलेनोग्लोसस में अभाव होता है। 2. सिफेलोकॉडेटा उपसंघ के जन्तुओं में ग्रसनी सुविकसित हाती है तथा एण्डोस्टाइल पायी जाती है जिसका बैलेनोग्लोसस में अभाव होता है।
  2. सिफेलोकॉडेट जन्तुओं के शरीर की दूरी लम्बाई में नोटोकॉर्ड पायी जाती है जबकि बैलेनोग्लोसस में इसका अभाव होता है।

 

  1. सिफेलोकॉर्डेट जन्तुओं में फिन्स (fins) पाये जाते हैं जिनका बैलेनोग्लोसस में अभाव होता. है।
  2. सिफेलोकॉर्डेट जन्तुओं में उत्सर्जन के लिए सोलेनोसाइट (solenocytes) पाये जाते हैं जबकि बैलेनोग्लोसस में ग्लोमेरुलस (glomerulus) पाये जाते हैं।
  3. सिफेलोकॉर्डेट जन्तुओं का परिवर्धन प्रत्यक्ष होता है व लारवा अवस्था नहीं पायी जाती है। जबकि बैलेनोग्लोसस में परिवर्धन अप्रत्यक्ष होता है तथा टॉर्नेरिया लारवा पाया जाता है।

पूर्व में यूरोकॉर्डेटा सिफेलोकॉर्डेटा तथा हैमिकॉर्डेटा को एक ही प्रभाग प्रोटोकॉर्डेटा (protochordata) . में वर्गीकृत किया जाता था । उपरोक्त समानताओं व असमानताओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि इनका विकास समान पूर्वज से हुआ है।

  1. संघ कॉर्डेटा से सजातियताएँ (Affinities with phylum chordata) : बेटसन (Bateson) ने 1885 में सबसे पहले समूह हैमिकॉर्डेटा तथा कॉर्डेटा संघ के जन्तुओं के बीच गहरा सम्बन्ध बताते हुए इस समूह को संघ कॉर्डेटा में सम्मिलित किया था। बेटसन का इस समूह का कॉर्डेटा संघ में सम्मिलित करने के पीछे यह तर्क था कि इस समूह में प्राणियों में संघ कॉर्डेटा के प्रमुख लक्षण जैसे- नोटोकॉर्ड की उपस्थिति, क्लोम छिद्र तथा पृष्ठतलीय खोखला नलिकाकार केन्द्रीय तन्त्रिका तन्त्र पाये जाते हैं। लेकिन आधुनिक वैज्ञानिक इस विचारधारा से सहमत नहीं हैं। आगे इस बैलेनोग्लोसस की संघ कॉर्डेटा के सदस्यों के साथ समानताओं व असमानताओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

(A) समानताएँ (Similarities) :

  1. बैलेनोग्लोसस की शुण्डिका में उपस्थित मुखीय अन्ध प्रवर्ध (buccal diverticulum) की तुलना कॉर्बेट जन्तुओं में उपस्थित नोटोकॉर्ड से की जा सकती है।
  2. बैलेनोग्लोसस में पायी जाने वाली क्लोम दरारों (gill slits) की तुलना कॉर्बेट जन्तुओं में पाये जाने वाले क्लोम छिद्रों से की जा सकती है। हैमिकॉर्डेटा समूह के गिल छिद्र एम्फिऑक्सस के समान ही होते हैं। हैमिकॉर्डेटा समूह के क्लोम उपकरण में जिव्हा छड़ें ( tongue bars), संयोजनियाँ (synapticulae) तथा “m” आकृति की कंकाल छड़ें पायी जाती हैं जो एम्फिओक्सस के गिल उपकरण में पायी जाने वाली संरचनाओं के समान होती हैं, जो इनके समान पूर्वज से उत्पत्ति की पुष्टि करता है।
  3. बैलेनोग्लोसस के कॉलर भाग में उपस्थित खोखली पृष्ठ तन्त्रिका रज्जु की तुलना कॉर्बेट जन्तुओं की पृष्ठतलीय खोखली नलिकाकार तंत्रिका रज्जु से की जा सकती है। कॉर्बेट जन्तुओं की तरह इसका उद्भव भी एपिडर्मिस से होता है। यही नहीं इनमें कभी-कभी तंत्रिका छिद्र (neuropore) भी पाया जाता है।
  4. बैलेनोग्लोसस में कॉर्डेट जन्तुओं के समान सीलोम की उत्पत्ति आंत्र गुहीय (enterocoelic) प्रकार की होती है तथा कॉर्बेट जन्तुओं के समान सीलोम त्रिखण्डीय होती है ।
  5. बेलनोग्लोसस में मीजोडर्म की उत्पत्ति कॉर्बेट जन्तुओं के समान ही होती है।

(B) असमानताएँ (Dissimilarities)

  1. समूह हैमिकॉर्डेटा के सदस्य बैलेनोग्लोसस में नोटोकॉर्ड की उपस्थिति ही सबसे अधिक सन्देहास्पद है। बेटसन ने बैलेनोग्लोसस में पाये जाने वाले मुख अन्धप्रवर्ध (buccal diverticulum) को नोटोकॉर्ड के समान माना था जबकि आधुनिक वैज्ञानिक इसे वास्तविक नोटोकॉर्ड नहीं मानते हैं क्योंकि

(i) यह मुख गुहा की अग्र पृष्ठ भित्ति से एक बर्हिवृद्धि के रूप में विकसित होती है जबकि वास्तविक नोटोकॉर्ड आद्यान्त्र ( archenteron) की छत से एक ठोस छड़ के रूप में विकसित हो है।

(ii) यह मुख अन्ध प्रवर्ध सामान्य उपकला कोशिकाओं का बना होता है जबकि नोटोकॉर्ड बड़ी-बड़ी रिक्तिका युक्त कोशिकाओं की बनी होती है।

(iii) मुख अन्ध प्रवर्ध, नोटोकॉर्ड के समान संयोजी ऊत्तक के आवरण से नहीं ढ़का रहता है। (iv) मुख अन्ध प्रवर्ध मुख्य पृष्ठ रक्त वाहिका की अधर सतह पर स्थित होता है जबकि नोटोकॉर्ड पृष्ठ रक्त वाहिका की पृष्ठ सतह पर स्थित होती है।

(v) मुख अन्ध प्रवर्ध केवल शुण्डिका तक ही सीमित रहता है जबकि नोटोकॉर्ड शरीर की पूरी लम्बाई में फैली रहती है।

अत: यह कहा जा सकता है कि मुख अन्ध प्रवर्ध नोटोकॉर्ड न होकर केवल शुण्डिका को सहारा देने वाली संरचना होती है।

  1. बैलेनोग्लोसस में अकशेरूकी जन्तुओं के समान अधर तंत्रिका रज्जु तथा परिआंत्र – तंत्रिका- वलय पाया जाता है जो कॉर्डेट जन्तुओं में नहीं पाया जाता है।
  2. बैलेनोग्लोसस में पश्च गुदीय पूंछ नहीं पायी जाती है।
  3. कॉर्बेट जन्तु विखण्डित रूप से खण्डित (metamerically segmented) होते हैं जबकि बैलेनोग्लोसस में विखण्डता का अभाव होता है।
  4. बैलेनोग्लोसस का परिसंचरण तन्त्र अकशेरुकी जन्तुओं के समान होता है।
  5. संघ कॉर्डेटा के सदस्यों में बैलेनोग्लोसस की तरह समान सीलोमी प्रदेश नहीं पाये जाते हैं। उपरोक्त वर्णित सजातियताओं के अध्ययन से स्पष्ट हो जाता है कि हैमिकॉर्डेटा समूह एक तरफ तो अकशेरूकी जन्तुओं के अनेक समूहों से समानताएँ प्रदर्शित करता है। यही कारण है कि हेमिकॉर्डेटा का वर्गीकरण में स्थान विवादास्पद बना हुआ है। जैसा पूर्व में यह बताया जा चुका है कि बेटसन (Bateson) ने इसे संघ कॉर्डेटा में सम्मिलित किया था तथा यंग (Young) ने भी इसका समर्थन किया था। किन्तु आधुनिक वैज्ञानिकों जैसे वानडेर होस्ट (Vander Host, 1939) डेवीडॉफ (Dawydoff, 1948), मार्कस ( Marcus, 1958), तथा हाइमेन ( Hymen, 1959) ने यह निर्णय किया कि इसे संघ कॉर्डेटा से हटाकर अकशेरूकी जन्तुओं के एक स्वतन्त्र संघ के रूप में वर्गीकृत किया जाये। अतः अब समूह हैमिकॉर्डेटा को अकशेरूकी प्राणियों के स्वतन्त्र संघ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

प्रश्न (Questions)

लघुउत्तरात्मक प्रश्न

  1. बेलानोग्लोसस को कॉर्डेटा में क्यों रखा जाता है ?
  2. बेलानोग्लोसस का वर्गीकरण लिखिये ।
  3. बेलानोग्लोसस को एकॉर्न कृमि क्यों कहते हैं ?
  4. बेलानोग्लोसस के आवास के बारे में बताइये ।
  5. बेलानोग्लोसस के शरीर को कितने भागों में बांटा जा सकता है, उनके नाम लिखिये ।
  6. बेलानोग्लोसस के कॉलर की विशेषताएँ लिखिये ।
  7. बेलानोग्लोसस के धड़ को कितने भागों में विभेदित किया जाता है।
  8. बेलानोग्लोसस के क्लोम जनन क्षेत्र की विशेषताएँ लिखिये ।
  9. बेलानोग्लोसस की देह भित्ति की संरचना बताइये ।
  10. बेलानोग्लोसस में कौन-कौन सी कंकाली संरचना पायी जाती है व कहाँ-कहाँ पायी जाती है।
  11. बेलानोग्लोसस की ग्रसनी की विशेषता बताइये ।
  12. बेलालोग्लोसस में भोजन ग्रहण करने की विधि समझाइये |
  13. बेलानोग्लोसस के क्लोम की संरचना बताइये ।
  14. बेलानोग्लोसस में पाये जाने वाले लारवा का नाम लिखिये व उसका नामांकित चित्र बनाइये । 15. बेलानोग्लोसस की वर्गीकीय स्थिति स्पष्ट कीजिए ।

दीर्घउत्तरात्मक प्रश्न

  1. संघ हैमिकॉर्डेटा का वर्णन कीजिए तथा बैलेनोग्लॉसस की वर्गिकीय स्थिति स्पष्ट कीजिए ।
  2. बैलेनोग्लोसस किस प्रकार के आवास में रहता है ? इसकी बाह्य संरचना का वर्णन कीजिए।
  3. बैलेनोग्लोसस में देहगुहा के विषय में विस्तार से निबन्ध लिखिए ।
  4. बैलेनोग्लोसस का भोजन क्या है ? इसे कैसे ग्रहण किया जाता है व इसका पाचन कैसे होता है ? लिखिए |
  5. बैलेनोग्लॉसस में श्वसन की क्रिया विधि को स्पष्ट कीजिए ।
  6. बैलेनोग्लॉसस के परिसंचरण तन्त्र का सचित्र वर्णन कीजिए ।
  7. बैलेनोग्लॉसस व लार्वा व वयस्क कौन से संवेदी अंग पाए जाते हैं ? वर्णन कीजिए।
  8. बैलेनोग्लॉसस के प्रजनन व परिवर्द्धन का वर्णन कीजिए।
  9. निम्न पर लघु टिप्पणियाँ लिखिए

(i) स्टोमोकॉर्ड या मुखीय अंधवर्ध

(ii) टोर्नेरिया लार्वा

(iii).ग्लोमेरुलस

(iv) शुण्डगुहा

(v) मुख पूर्वी पक्ष्माभी अंग

  1. बैलेनोग्लोसस किस प्रकार के आवास में रहता है ? इसकी बाह्य संरचना का वर्णन कीजिए।
  2. हैमिकॉर्डेटा समूह की वर्गीकरण में स्थिति स्पष्ट कीजिये ।
  3. बैलेनोग्लोसस की विभिन्न समूहों से सजातियताओं का वर्णन कीजिये ।
  4. बैलेनोग्लोसस की संघ इकाइनोडर्मेटा व कॉर्डेटा संघ से समानताओं व असमानताओं का वर्णन कीजिये ?
  5. बैलेनोग्लोसस की विभिन्न अकशेरूकी प्राणियों से सजातियताओं का वर्णन करते हुए यह स्पष्ट कीजिये कि इसे अकशेरूकी में सम्मिलित किया जाना क्यों उचित है।