Monthly Archives: November 2019

जैव प्रोद्योगिकी – सिद्धांत एवं प्रक्रम (biotechnology principles and processes) , जैव प्रोद्योगिकी के सिद्धांत

(biotechnology principles and processes in hindi) जैव प्रोद्योगिकी – सिद्धांत एवं प्रक्रम : अभिप्राय : जीव विज्ञान + प्रोद्योगिकी आनुवांशिक रूप से रूपान्तरित जीवों द्वारा मानव के लिए उपयोगी उत्पादों का अधिक मात्रा में उत्पादन करना ही नवीन जैव प्रोद्योगिकी कहलाता है। यूरोपीय जैव प्रोधोगिकी संध द्वारा जैव प्रोद्योगिकी की परिभाषा निम्नलिखित है – “उत्पाद एवं… Continue reading »

जैव प्रोद्योगिकी एवं इसके उपयोग (Biotechnology and it’s application) , पारजीवी जन्तु (Transgenic animal)

(Biotechnology and it’s application in hindi) जैव प्रोद्योगिकी एवं इसके उपयोग : औद्योगिक स्तर पर जैव प्रोद्योगिकी के तीन विवेचनात्मक अनुसन्धान क्षेत्र है – जैव उत्प्रेरक (एंजाइम): सूक्ष्मजीवो या शुद्ध एन्जाइम के रूप में सर्वोत्तम उत्प्रेरक का निर्माण करना। अनुकुलतम दशाएँ: उत्प्रेरक के लिए उचित ताप , pH आदि उपलब्ध कराना। अध्वोगामी प्रक्रियाएं: उत्पादों जैसे प्रोटीन/कार्बनिक… Continue reading »

गाउस के अनुप्रयोग , गाउस का नियम application of gauss law in hindi , gauss theorem in hindi class 12

application of gauss law in hindi , gauss theorem in hindi class 12 , गाउस के अनुप्रयोग , गाउस का नियम :- कूलॉम नियम द्वारा गाउस के नियम की उत्पत्ति : माना कोई बिंदु O जिस पर q आवेश स्थित है , इस आवेश को स्वेच्छिक बंद पृष्ठ में रखते है , इस q आवेश… Continue reading »

electric flux in hindi , विद्युत फ्लक्स , रेखीय आवेश घनत्व , पृष्ठीय आवेश घनत्व , आयतन आवेश घनत्व

गाउस का नियम एवं उसके अनुप्रयोग : विद्युत फ्लक्स : विद्युत क्षेत्र में स्थित किसी पृष्ठ के तल के लम्बवत गुजरने वाली विद्युत बल रेखाओ की संख्या को ही विद्युत फलस्क कहते है। या विद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा पृष्ठ के क्षेत्रफल सदिश का अदिश गुणनफल पृष्ठ से समद्ध विद्युत फलस्क के बराबर होता है। अर्थात… Continue reading »

बलाघूर्ण : बल आघूर्ण किसे कहते है ? torque in hindi , Torque on an Electric Dipole in a Uniform Electric Field

बलाघूर्ण : बल आघूर्ण किसे कहते है ? torque in hindi ,  Torque on an Electric Dipole in a Uniform Electric Field

(Torque on an Electric Dipole in a Uniform Electric Field) समरूप विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विध्रुव पर बल एवं बलाघूर्ण : माना एक समरूप विद्युत क्षेत्र ‘E’ में एक एक विद्युत द्विध्रुव जिसके आवेश क्रमशः +q व -q है तथा प्रभावकारी लम्बाई ‘2a’ है को θ कोण पर रखा गया है तो इस द्विध्रुव के दोनों आवेशो… Continue reading »

विधुत द्विध्रुव , प्रभावकारी लम्बाई , विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण (p) , अक्षीय रेखा , निरक्षीय रेखा / विषुवतीय

विधुत द्विध्रुव , प्रभावकारी लम्बाई , विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण (p) , अक्षीय रेखा , निरक्षीय रेखा / विषुवतीय

विद्युत द्विध्रुव : जब कोई दो आवेश जो परिमाण में समान व प्रकृति में विपरीत हो तथा अल्प दूरी पर स्थित हो तो इस युग्म को विद्युत द्विधुव कहते है। प्रभावकारी लम्बाई (2a) : विद्युत द्विध्रुव के दोनों आवेशो के बीच की सीधी दूरी को प्रभावकारी लम्बाई कहते है। प्रभावकारी लम्बाई का मात्रक मीटर तथा विमा [M0L1T0]… Continue reading »

समान परिमाण के दो धनावेश के कारण विधुत क्षेत्र रेखायें (electric lines due to two equal positive charge)

समान परिमाण के दो धनावेश के कारण विधुत क्षेत्र रेखायें (electric lines due to two equal positive charge)

एकल आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (electric field due to single point charge) : माना किसी बिंदु पर ‘Q’ आवेश स्थित है इस आवेश से ‘r’ दूरी पर स्थित बिंदु ‘P’ पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की गणना की गयी – आवेश Q व परिक्षण आवेश q0 के मध्य लगने वाला विद्युत क्षेत्र… Continue reading »

परीक्षण आवेश क्या है q0 , परिभाषा , test charge in hindi , विद्युत बल किसे कहते हैं

परीक्षण आवेश क्या है q0 , परिभाषा , test charge in hindi , विद्युत बल किसे कहते हैं

विद्युत बल किसे कहते हैं , test charge in hindi , परीक्षण आवेश क्या है q0 , परिभाषा :- कूलाम का नियम : इस नियम के अनुसार दो स्थिर व बिन्दुवत आवेशों के मध्य लगने वाले विद्युत बल का मान दोनों आवेशो के परिमाण के गुणनफल के समानुपाती तथा बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती… Continue reading »

आवेश का मात्रक क्या होता है , SI पद्धति में , MKS , CGS , esu , विद्युत आवेश के मूलभूत गुण , unit of charge

विद्युतदर्शी (electroscope) : विद्युत दर्शी एक ऐसा उपकरण है जिसकी सहायता से अज्ञात छड पर आवेश की प्रकृति का पता लगाया जाता है। बनावट एवं क्रियाविधि : विद्युत दर्शी उपकरण में एक कांच का जार लेकर कुचालक ढक्कन की सहायता से धात्विक छड चित्रानुसार लगाते है।  धात्विक छड चित्रानुसार लगाते है।  धात्विक छड के ऊपरी सिरे… Continue reading »

बेंजामिन फ्रैंकलिन का प्रयोग , की खोज , benjamin franklin experiment or invention in hindi , विद्युत आवेश

विद्युत क्षेत्र एवं विद्युत आवेश : विद्युत आवेश (electric charge in hindi) : विद्युत आवेश किसी वस्तु का वह अभिलाक्षणिक गुण होता है जो हल्की वस्तुओ को अपनी ओर आकर्षित करता है। विद्युत आवेश का यह गुण वस्तुओ में घर्षण के कारण उत्पन्न होता है। फ्रेंकलिन का प्रयोग (benjamin franklin experiment or invention in hindi)… Continue reading »