Monthly Archives: June 2018

मूल मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय परिभाषा, international definition of fundamental units in hindi

मूल मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय परिभाषाएँ (international definitions of fundamental units) : भौतिक राशियाँ मापने के लिए एक अन्तर्राष्ट्रीय सभा आयोजित की गई जिसमे यह तय हुआ की किस प्रकार की राशि को मापने के लिए कौनसा मात्रक काम में लिया जायेगा , साथ ही इस सभा में मूल , व्युत्पन्न , और पूरक मात्रकों को… Continue reading »

मात्रकों की पद्धतियाँ , मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति , अंतर्राष्ट्रीय पद्धति के मूल मात्रक , व्युत्पन्न

(systems of unit in hindi ) मात्रकों की पद्धतियाँ : भौतिक राशियों के मापन के लिए जो मात्रक काम में लेते है उनके निर्धारण के लिए जिन पद्धतियों को काम में लिया जाता है उन्हें मात्रक की पद्धति कहते हैं। मात्रकों की तीन पद्धतियाँ काम में ली जाती है – 1. सेन्टीमीटर – ग्राम – सेकण्ड… Continue reading »

मात्रक क्या है , परिभाषा व मानक मात्रक unit and standard unit in hindi

मात्रक (unit) : हमने पिछले टॉपिक में पढ़ा की हमारे दैनिक जीवन में मापन की आवश्यकता बहुत अधिक है और हमें भौतिक राशियाँ मापने के लिए विभिन्न प्रकार के पैमाने की आवश्यकता होती है। मात्रक की परिभाषा : किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए एक मान नियत किया गया है , राशियों के मापन के लिए किये गए… Continue reading »

मापन की आवश्यकता requirement of measurement in hindi

(requirement of measurement in hindi ) मापन की आवश्यकता : हमने देखा है की जब बच्चे छोटे होते है तो उनको गणित ठीक से नहीं आती फिर भी वे चीजो को दूसरी चीजो से तुलना करके यह पता लगाते है की उस दूसरी चीज की तुलना में उसके पास वो चीज अधिक है या नहीं।… Continue reading »

भौतिक राशियाँ , मूल और व्युत्पन्न राशि क्या है , परिभाषा , प्रकार physical quantities in hindi

(physical quantities in hindi) भौतिक राशियाँ : वे राशियाँ जिनका मापन और तौलन संभव हो अर्थात जिन राशियों को मापना या तौलना संभव हो उन्हें भौतिक राशियाँ कहलाती है। भौतिक राशि को दो भागों में लिखा जाता है , पहले राशि का संख्यात्मक मान लिखा जाता है और फिर राशि का मात्रक लिखा जाता है।… Continue reading »

प्रौद्योगिकी एवं समाज में भौतिकी का योगदान contribution of physics in technology and society

(contribution of physics in technology and society) प्रौद्योगिकी एवं समाज में भौतिकी का योगदान : भौतिक विज्ञान , विज्ञान की सभी शाखाओं में से एक महत्वपूर्ण शाखा मानी जाती है क्योंकि भौतिकी ने मानव का जीवन बहुत अधिक सुविधाजनक बना दिया है।  हमारे पूर्वजों की तुलना में हमने प्रोद्योगिकी में बहुत अधिक विकास किया है… Continue reading »

भौतिकी का कार्यक्षेत्र एवं विस्तार scope and expansion of physics in hindi

(scope and expansion of physics) भौतिकी का कार्यक्षेत्र एवं विस्तार : यहाँ हम अध्ययन करेंगे की भौतिक विज्ञान क्या है और इसका विस्तार हमारे दैनिक जीवन में कितना फैला हुआ है तथा इसके विस्तार में हम इसकी विभिन्न शाखाओं के बारे में जानेंगे। तो सबसे पहले हम बात करते है की भौतिक विज्ञान (भौतिकी) क्या है तथा… Continue reading »

दृष्टि दोष , नेत्र या आँख के रोग , कर्ण – श्रवणों – संतुलन संवेदांग के कार्य , क्रियाविधि , संरचना defects of vision

defects of vision in hindi  दृष्टि दोष 1. दूर दृष्टि दोष : इस दोष के दौरान निकट की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देती है क्योंकि प्रतिबिम्ब रेटिना पर न बनकर रेटिना के पीछे बनता है।  यह लैंस का चपटा हो जाने के कारण होता है , उत्तल लेंस के चश्मे का उपयोग कर इस दोष… Continue reading »

नेत्र की कार्य विधि , संरचना चित्र , लेंस , आँख की क्रियाविधि / देखने की प्रतिक्रिया eye working in hindi

नेत्र (eye) : बाह्य संरचना : मानव में एक जोड़ी नेत्र होते है , मानव में नेत्र कोठर स्थित होते है , नेत्र गोलक को कोठर में घूमने के लिए 6 प्रकार की पेशियाँ होती है।  नेत्र 2.5 व्यास के नेत्र गोलक के रूप में होते है।  नेत्र से संभावित सहायक संरचनाएँ पलकों बोरोनिया असरव… Continue reading »

प्रतिवर्त एवं प्रतिवर्ती क्रिया क्या है , परिभाषा , कार्य , प्रकार , क्रियाविधि , Reflexes and reflex action

(Reflexes and reflex action in hindi )प्रतिवर्त एवं प्रतिवर्ती क्रिया  : किसी उद्दीपन या बाहरी वातावरण में अचानक परिवर्तन के प्रति जन्मजात या बिना सोचे समझे होने वाली अनुक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते है। प्रतिवर्त क्रिया की क्रियाविधि अंगो से प्राप्त संवेदनाओ को संवेदी न्यूरोन मेरुरज्जु तक पहुँचाते है , ये संवेदनाएँ मेरुरज्जु के धूसर… Continue reading »