संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है पद का कार्यकाल कितना होता है ?

By   July 12, 2021

प्रश्न : संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है पद का कार्यकाल कितना होता है ?

1. संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों के पद का कार्यकाल होता है-
(अ) 3 वर्ष या 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक
(ब) 5 वर्ष या 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक
(स) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक
(द) 6 वर्ष
S.S.C. Tax Asst. परीक्षा, 2007
उत्तर-(स)
संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार, पद ग्रहण करने की तिथि से 6 वर्ष की अवधि तक या 65 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने (जो भी इनमें से पहले हो) तक होता है।
2. निम्नलिखित में से क्या भारत में सिविल सेवाओं की एक विशिष्टता है?
(अ) तटस्थता एवं निष्पक्षता
(ब) अस्थायी राजनीतिक कार्यकारी संबंध
(स) पक्षपात
(द) दिए गए विकल्पों में से सभी
S.S.C.  संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
तटस्थता एवं निष्पक्षता भारत में सिविल सेवाओं की एक विशिष्टता है जबकि अन्य विकल्प सिविल सेवाओं की विशेषता नहीं हैं।
3. संघ लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया जा सकता है-
(अ) राष्ट्रपति द्वारा
(ब) प्रधानमंत्री द्वारा
(स) उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
(द) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष द्वारा
S.S.C. Tax Asst. परीक्षा, 2006
उत्तर-(अ)
संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को केवल कदाचार के आधार पर राष्ट्रपति के ऐसे आदेश से उसके पद से हटाया जाएगा जो उच्चतम न्यायालय को राष्ट्रपति द्वारा निर्देश दिए जाने पर उस न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 145 के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार की गई जांच के बाद दोषी पाए जाने के बाद हटाने के लिए संस्तुत किया गया हो।
4. अधिकारी वर्ग करता है-
(अ) केवल प्रशासनिक कार्य
(ब) केवल न्यायिक कार्य
(स) केवल विधायी कार्य
(द) प्रशासनिक और अर्द्ध-न्यायिक तथा अर्द्ध-विधायी कार्य
S.S.C. Tax Asst. परीक्षा, 2006
उत्तर-(द)
अधिकारी से तात्पर्य प्रशासनिक पदों पर नियुक्त पदाधिकारियों से, अर्थात् स्थायी कार्यपालिका से है। इसका प्रमुख कार्य राजनीतिक कार्यपालिका के दायित्वों का निष्पादन करना है। वर्तमान में बढ़ती जटिलताओं के कारण इसे अर्द्ध-न्यायिक और अर्द्ध-विधायी कार्य भी सौंपे गए हैं। इस प्रकार यह वर्ग प्रशासनिक, अर्द्ध-न्यायिक और अर्द्ध-विधायी कार्य करता है।
5. कोई नई अखिल भारतीय सेवा किस प्रकार शुरू की जाती-
(अ) संविधान में संशोधन करके
(ब) कार्यपालक आदेश द्वारा
(स) संविधान की धारा 312 के अंतर्गत संकल्प पारित करके
(द) कानून द्वारा
S.S.C.  मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
किसी भी अखिल भारतीय सेवा का प्रारंभ राज्य सभा द्वारा किया जा सकता है। संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दोतिहाई सदस्यों के संकल्प से यह घोषित करे कि राष्ट्रीय हित में अखिल भारतीय सेवा का सृजन आवश्यक है तो संसद, विधि द्वारा संघ और राज्य के लिए सम्मिलित एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए उपबंध कर सकती है।
6. संघ लोक सेवा आयोग अखिल भारतीय सेवा कार्मिकों काकृ
(अ) बर्खास्त करता है। (ब) निर्वाचन करता है।
(स) चयन करता है। (द) नियुक्ति करता है।
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(स)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC – Union Public Service Commission) अखिल भारतीय सेवा कार्मिकों का चयन करता है। उसे नियुक्ति या बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।
7. निम्नलिखित में कौन-सी अखिल भारतीय सेवा नहीं है?
(अ) भारतीय प्रशासनिक सेवा
(ब) भारतीय पुलिस सेवा
(स) भारतीय विदेश सेवा
(द) भारतीय वन सेवा
S.S.C. स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2010
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(स)
भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा तथा भारतीय वन सेवा अखिल भारतीय सेवाएं हैं। इन तीनों सेवाओं का गठन अखिल भारतीय सेवाएं अधिनियम, 1951 के तहत किया गया है जबकि भारतीय विदेश सेवा का उल्लेख अखिल भारतीय सेवा के रूप में वर्गीकृत नहीं है।
8. निम्नलिखित में से किस समिति की रिपोर्ट में लोकपाल और लोकायुक्त संस्थाओं की स्थापना की सिफारिश की गई थी?
(अ) प्रथम प्रशासनिक सुधार समिति
(ब) गोरवाला रिपोर्ट
(स) अशोक मेहता समिति
(द) द एपलेबे रिपोर्ट
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
प्रथम प्रशासनिक सुधार समिति की रिपोर्ट में लोकपाल और लोकायुक्त संस्थाओं की स्थापना की सिफारिश की थी।
9. भारतीय संविधान में सिविल सेवाओं की कौन-सी तीन श्रेणियों का प्रावधान किया गया है?
(अ) प्रशासनिक, पुलिस और विदेश सेवाएं
(ब) प्रशासनिक, पुलिस और राजस्व सेवाएं
(स) अखिल भारतीय, केंद्र एवं राज्य सेवाएं
(द) प्रशासनिक, पुलिस और रेल सेवाएं
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत.प्) परीक्षा, 2015
उत्तर-(*)
भारतीय संविधान में सिविल सेवाओं में प्रशासनिक, पुलिस और भारतीय वन सेवाएं तीन श्रेणियों का प्रावधान किया गया है।
निर्वाचन
ऑफलाइन परीक्षा-प्रश्न (2006-2015)
1. भारत में आम चुनाव किस सिद्धांत पर आधारित हैं?
(अ) आनुपातिक प्रतिनिधित्व (ब) प्रादेशिक प्रतिनिधित्व
(स) कार्यात्मक प्रतिनिधित्व (द) सामान्य प्रतिनिधित्व
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब)
अनु. 325 के अनुसार, संसद के प्रत्येक सदन तथा राज्य के विधान मंडल सदन के लिए निर्वाचन के लिए प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक साधारण निर्वाचक नामावली होगी जिसके सभी सदस्यों को निर्वाचन में अपना मत देने का अधिकार होगा। इस प्रकार भारत में आम चुनाव सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रादेशिक प्रतिनिधित्व प्रणाली पर आधारित होते हैं।
2. चुनाव आयोग किस अनुच्छेद के अंतर्गत स्थापित किया गया है?
(अ) अनुच्छेद 355 (ब) अनुच्छेद 256
(स) अनुच्छेद 324 (द) अनुच्छेद 320
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(स)
अनुच्छेद 324 के अंतर्गत चुनाव आयोग की व्यवस्था की गई है। अनु. 324 के अनुसार निर्वाचन के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का अधिकार निर्वाचन आयोग में निहित होगा।
3. भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद निर्वाचन आयोग से संबंधित है?
(अ) अनुच्छेद 356 (ब) अनुच्छेद 360
(स) अनुच्छेद 324 (द) अनुच्छेद 352
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(स)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
4. लोक सभा के सदस्यों के चुनाव में निम्नलिखित में से किस विधि को प्रयुक्त किया जाता है?
(अ) सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व
(ब) वृत्तिगत प्रतिनिधान
(स) आनुपातिक प्रतिनिधित्व
(द) भू-भागीय प्रतिनिधित्व
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2012
उत्तर-(द)
लोक सभा के सदस्यों के चुनाव में भू-भागीय प्रतिनिधित्व को अपनाया जाता है क्योंकि प्रत्येक राज्य को लोक सभा में स्थानों का आवंटन ऐसी रीति से किया जाता है कि स्थानों की संख्या में उस राज्य की जनसंख्या का अनुपात सभी राज्यों के लिए यथासाध्य एक ही हो।
5. निम्नलिखित में से क्या एक सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र पद्धति की विशेषता है?
(अ) यह पद्धति प्रतिनिधियों के लिए किफायती होती है।
(ब) इस पद्धति में गोलमाल करना संभव नहीं होता है।
(स) इससे विधानमंडल में स्थिर बहुमत प्राप्त होता है।
(द) उम्मीदवार को चुनाव संबंधी खर्च कम करना होता है।
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत.प्) परीक्षा, 2014
उत्तर-(स)
जिन निर्वाचन क्षेत्रों से एक सदस्य चुना जाता है उसे एक सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र कहते हैं। एक सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक दलों की संख्या सीमित होने के कारण एक दल की स्थायी सरकार बनने की संभावना प्रबल होती है। S.S.C. ने इस प्रश्न का उत्तर (द) दिया है।
6. भारत की संसद द्वारा दल-बदल विरोधी कानून किस वर्ष में पारित किया गया था?
(अ) 1984 (ब) 1985
(स) 1986 (द) 1988
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2012
उत्तर-(ब)
वर्ष 1985 के 52वें सांविधानिक संशोधन द्वारा राजनीतिक दल बदल (Defection) पर प्रतिबंध लगाया गया था। इस संशोधन के तहत संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़कर दल-बदल के आधार पर निरर्हता संबंधी उपबंध किए गए हैं।
7. मताधिकार से क्या अभिप्राय है?
(अ) ऐसे कानून अधिनियमित करना जिनसे कष्ट पहुंचे
(ब) वोट देने का अधिकार
(स) अमीरों को वोट देने का अधिकार
(द) केवल गरीबों को वोट देने का अधिकार
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2012
उत्तर-(ब)
मताधिकार से आशय है-‘लोकतंत्रात्मक शासन-व्यवस्था में वोट देने का अधिकार‘। भारत में मताधिकार की आयु 21 वर्ष थी परंतु 61वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 326 में संशोधन कर (1988, 28 मार्च, 1989 से लागू) इसे 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया।
8. संविधान के किस संशोधन द्वारा मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई?
(अ) 61वें संशोधन (ब) 64वें संशोधन
(स) 63वें संशोधन (द) 60वें संशोधन
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
9. भारत में नागरिकों के लिए निर्धारित मत देने की न्यूनतम आयु क्या है?
(अ) 18 वर्ष (ब) 21 वर्ष
(स) 16 वर्ष (द) 20 वर्ष
S.S.C. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2012
उत्तर-(अ)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
10. मताधिकार एक प्रकार से-
(अ) प्रतिनिधियों के चयन की एक प्रक्रिया है।
(ब) जो वोट देने वाले प्रतिनिधि के लिए क्षेत्र की इकाई की
संरचना करता है।
(स) सर्वव्यापक प्रौढ़ विशेषाधिकार
(द) एक विधि है जिसमें वोटर अपना वोट देने के अधिकार
का उपयोग करता है।
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2015
उत्तर-(द)
मताधिकार एक प्रकार से एक विधि है जिसमें वोटर अपने वोट देने के अधिकार का उपयोग करता है।