भाषायी आधार पर राज्यों का पुनर्गठन कब किया गया राज्यों को भाषायी आधार पर कब पुनर्गठित किया गया था ?

By   July 23, 2021

भाषायी आधार पर राज्यों का पुनर्गठन कब किया गया ??

प्रश्न : राज्यों को भाषायी आधार पर कब पुनर्गठित किया गया था?
(अ) 1948 ई. में (ब) 1951 ई. में
(स) 1956 ई. में (द) 1966 ई. में
S.S.C.स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2008
उत्तर – (स)
राज्यों को भाषायी आधार पर राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत पुनर्गठित किया गया था। भाषायी आधार पर राज्यों के गठन की मांगों के जोर पकड़ने पर केंद्र सरकार द्वारा 29 दिसंबर, 1953 को ‘राज्य पुनर्गठन आयोग‘ का गठन किया गया। 7वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956‘ को संसद द्वारा पारित किया गया।
2. किस वर्ष में भाषायी आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया?

(अ) 1951 (ब) 1947
(स) 1950 (द) 1956
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(द)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
3. निम्नलिखित में से संविधान का यह अनुच्छेद कौन-सा है जो जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करता है?
(अ) 360 (ब) 368
(स) 370 (द) 375
S.S.C.Section off. परीक्षा, 2006
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2012
उत्तर – (स)
जम्मू और कश्मीर को अनु. 370 के अधीन एक विशेष सांविधानिक दर्जा प्राप्त है।
4. आई.पी.सी. के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है?
(अ) 370 (ब) 374
(स) 376 (द) 377
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2014
उत्तर-(*)
भारतीय दंड संहिता (आई.पी.सी.) की उपर्युक्त विकल्पों में दी गई कोई भी धारा जम्मू और कश्मीर से संबंधित नहीं है। धारा 370 का संबंध ‘दास प्रथा निषेध‘ से है, तो धारा 374,376 और 377 का संबंध ‘यौन अपराधों‘ से है। परंतु अगर प्रश्न में आई.पी.सी. के स्थान पर भारत का संविधान हो, तो सही विकल्प (अ) होगा। भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। प्रश्न में चूंकि ‘धारा‘ के स्थान पर ‘अनुच्छेद‘ शब्द का प्रयोग है जो केवल संविधान के संदर्भ में प्रयुक्त होता है इसलिए संभवतः प्रश्नकर्ता द्वारा संविधान के स्थान पर भूलवश आई.पी.सी. लिख दिया गया है।
5. किस अनुच्छेद (आर्टीकल) के अंतर्गत जम्मू और कश्मीर को भारतीय संविधान द्वारा विशेष स्थिति प्रदान की गई है?
(अ) 364 (ब) 368
(स) 370 (द) 377
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत.प्) परीक्षा, 2014
उत्तर-(स)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
6. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 परिपुष्ट करता है-
(अ) भारत में भूमि सुधार कानून को
(ब) राजनयिक विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों को
(स) जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए विशेष स्थिति को
(द) लोकपाल के कर्तव्यों तथा अधिकारों को
S.S.C.Tax Asst. परीक्षा, 2007
उत्तर-(स)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
7. कौन-सा स्थानीय सरकार का मामला नहीं है?
(अ) सार्वजनिक स्वास्थ्य
(ब) स्वच्छता
(स) कानून और व्यवस्था
(द) लोकोपयोगी सेवाएं
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
कानून और व्यवस्था (Law – Order) राज्य सूची का विषय है जिसे राज्य सरकार स्थापित करती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य स्वच्छता और लोकोपयोगी सेवाएं आदि 73वें संविधान संशोधन विधेयक के अंतर्गत स्थानीय सरकार के मामले हैं।
8. राज्य सरकार के संबंध में स्थानीय सरकार किसका प्रयोग करती है?

(अ) प्रत्यायोजित प्राधिकार (ब) उच्च प्राधिकार
(स) स्वतंत्र प्राधिकार (द) समकक्ष प्राधिकार
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2014
उत्तर-(अ)
राज्य विधानमंडल को यह शक्ति है कि वह स्थानीय सरकार (पंचायतों) को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार दे जो उन्हें स्वायत्त शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने में समर्थ बनाने के लिए आवश्यक हों।
9. राज्य राजमार्ग का अनुरक्षण करते हैं-
(अ) केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से
(ब) राज्य सरकार द्वारा चुनी गई प्राइवेट पार्टियां
(स) वैयक्तिक राज्य
(द) केंद्र सरकार
S.S.C.  स्टेनोग्राफर (ग्रेड ‘सी‘ एवं ‘डी‘) परीक्षा, 2012
उत्तर-(स)
राज्य राजमार्ग का अनुरक्षण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। इसमें केंद्रीय सरकार या ‘भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण‘ शामिल नहीं है।
10. निम्न में किसने ‘प्रभावक समूह‘ को विधानमंडल का ‘तीसरा सदन‘ माना है?
(अ) लॉर्ड ब्रीस (ब) एच.एम.फाइनर
(स) जी.डी.एच. कोले (द) डिसे
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब)
‘प्रभावक समूह‘ (effective Group) अथवा ‘दबाव समूह‘ (Pressure Group) को “विधानमंडल का तीसरा सदन‘‘ एच.एम. फाइनर ने माना है।
11. राज्य विधान सभा के सदस्यों की अधिकतम निर्धारित संख्या क्या है? (अ) 350 (ब) 600
(स) 500 (द) 750
S.S.C. स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
किसी राज्य विधान सभा के सदस्यों की संख्या संविधान के अनुच्छेद 170(1) के अनुसार, 500 से अधिक नहीं हो सकती है जबकि न्यूनतम 60 सदस्यों का प्रावधान किया गया है। अपवाद स्वरूप सिक्किम राज्य विधान सभा के सदस्यों की संख्या 32 ही है।
12. किस राज्य विधान सभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या है?
(अ) उत्तर प्रदेश (ब) महाराष्ट्र
(स) पश्चिम बंगाल (द) आंध्र प्रदेश
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
उत्तर प्रदेश राज्य विधान सभा में सदस्यों की संख्या अधिकतम है। 9 नवंबर, 2000 को राज्य के पुर्नगठन एवं उत्तराखंड के गठन के पश्चात उत्तर प्रदेश के विधान सभा के सदस्यों की संख्या 404 है जिनमें 403 निर्वाचित तथा 1 आंग्ल भारतीय सदस्य शामिल है। जबकि महाराष्ट्र राज्य की विधान सभा सदस्यों की संख्या 288, पश्चिम बंगाल विधान सभा सदस्यों की संख्या 294 तथा आंध्र प्रदेश विधान सभा सदस्यों की संख्या 175 है।
13. निम्नलिखित में से किस राज्य में विधान परिषद है?
(अ) कर्नाटक (ब) तमिलनाडु
(स) केरल (द) आंध्र प्रदेश
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(*)
कर्नाटक के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में विधान परिषद है (अनु. 168)। राज्य विधान परिषद एक स्थायी सदन है अर्थात् यह कभी भंग नहीं होता है। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है प्रत्येक दो वर्ष बाद एक तिहाई सदस्य अपना कार्यकाल पूरा करके सेवानिवृत्त हो जाते हैं (अनु. 172) S.S.C. ने इस प्रश्न का उत्तर (अ) जारी किया है जो कि गलत है।
14. राजस्थान में वर्ष 2013 में कुल विधान सभा क्षेत्र कितने थे?
(अ) 200 (ब) 190
(स) 20 (द) 250
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2014
उत्तर-(अ)
राजस्थान में वर्ष 2013 में संपन्न विधान सभा चुनाव में कुल 200 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें भारतीय जनता पार्टी को सर्वाधिक 163 सीटें प्राप्त हुईं जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 21 सीटें ही प्राप्त हुईं।
15. दिल्ली में कुल कितनी विधान सभा सीटें हैं?
(अ) 60 (ब) 70
(स) 40 (द) 50
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2014
उत्तर-(ब)
दिल्ली में विधान सभा की 70 सीटें हैं। फरवरी, 2015 में इन सीटों पर चुनाव संपन्न कराए गए जिनमें आम आदमी पार्टी को सर्वाधिक 67 सीटें मिलीं जबकि भारतीय जनता पार्टी को 3 सीटें मिली तथा कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।
16. निम्नलिखित में से किस मुद्दे पर राज्यपाल राष्ट्रपति को सिफारिश कर सकते हैं?
(1) राज्य मंत्रिपरिषद की बर्खास्तगी।
(2) उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का निष्कासन।
(3) राज्य विधान सभा का विघटन।
(4) राज्य में सांविधानिक मशीनरी के भंग होने की घोषणा।
नीचे दिए गए कोडों का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिएः
(अ) 2, 3 और 4
(ब) 1, 2 और 4
(स) 1, 2 और 3
(द) 1,3 और 4
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(द)
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रधान होता है। वह राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता की घोषणा कर सकता है। राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश पर वह विधान सभा का विघटन कर सकता है। राज्य विधान सभा में विश्वास मत समाप्त होने पर वह राज्य मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर सकता है।
17. राज्यपाल (गवर्नर) द्वारा जारी किया गया अध्यादेश किसके द्वारा अनुमोदन के अधीन है?
(अ) राष्ट्रपति (ब) राज्य विधानमंडल
(स) राज्य मंत्रिपरिषद (द) संसद
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(ब)
राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश (अनु.-213) का राज्य विधानमंडल (दोनों सदनों वाले राज्यों में विधान परिषद और विधानमंडल) द्वारा अनुमोदन होना आवश्यक है, अन्यथा यह अध्यादेश छः सप्ताह बाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
18. राज्य विधानमंडल के अनुमोदन के बिना राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश कितनी अवधि के लिए लागू रहेगा?
(अ) छः माह (ब) छः सप्ताह
(स) एक वर्ष (द) एक माह
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
19. राज्यपाल द्वारा राज्य विधान सभा में आंग्लभारतीय समुदाय के कितने सदस्य नामित किए जाते हैं?
(अ) 01 (ब) 02
(स) 12 (द) 06
S.S.C.F.C.I. परीक्षा, 2012
उत्तर-(अ)
संविधान के अनु. 333 के तहत यदि किसी राज्य के राज्यपाल की यह राय है कि उस राज्य की विधान सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व आवश्यक है और उसमें उसका प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, तो वह उस विधान सभा में उस समुदाय के एक सदस्य को नामित कर सकता है।
20. संविधान में किस पर महाभियोग चलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं है?
(अ) भारत का मुख्य न्यायमूर्ति
(ब) किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति
(स) राज्यपाल
(द) राष्ट्रपति
S.S.C.Tax Asst. परीक्षा, 2009
उत्तर-(स)
संविधान में राज्यपाल के ऊपर महाभियोग चलाने का प्रावधान नहीं है। अनु. 156(1) के अनुसार, राज्यपाल, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करेगा। भारत के राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को महाभियोग की प्रकिया द्वारा ही पदच्युत किया जा सकता है।