बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) या थैली लगाना तकनीक क्या है ? पादप जनन कार्यक्रम में यह कैसे उपयोगी है ?

बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) या थैली लगाना तकनीक क्या है ? पादप जनन कार्यक्रम में यह कैसे उपयोगी है ?

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प्रश्न 10. बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) या थैली लगाना तकनीक क्या है ? पादप जनन कार्यक्रम में यह कैसे उपयोगी है ?
उत्तर : बैगिंग (बोरावस्त्रावरण Bagging) – यह एक इस प्रकार की तकनीक है जिसके माध्यम से परागण के अन्दर एच्छिक परागण का उपयोग किया जाता है तथा साथ ही वर्तिकाग्र को अनैच्छिक परागण से बचाया जा सकता है |

बैगिंग या बोरावस्त्र तकनीक का उपयोग कृत्रिम संकरण (artificial hybridization) में किया जाता है। बैगिंग या बोरावस्त्र तकनीक द्वारा द्विलिंगी पुष्पों में पराग के प्रस्फुटन से पूर्व पुष्प कलिका अवस्था से चिमटी की सहायता से परागकोष (anthers) को निकाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया को विपुंसन (emasculation) कहा जाता हैं। विपुंसित पुष्यों को उपयुक्त आकार की बटर पेपर से बनी थैलियों से ढक दिया जाता है , इससे अवांछित परागकण वर्तिकान पर नहीं पहुंचते। इस प्रक्रिया को बैगिंग (बोरावस्त्रावरण) कहा जाता हैं।
जब वस्त्रावृत पुष्प (bagged flower) का वर्तिकाग्र परिपक्व हो जाता है , तब कृत्रिम रूप से संगृहीत वांछित परागकणों को वर्तिकान पर छिटक कर पुष्प को पुनः थैली से ढक दिया जाता है। इसके फलस्वरूप परागकण अंकुरित होकर स्त्रीकेसर के बीजाण्ड में स्थित अण्ड कोशिका का निषेचन करते हैं। निषेचन के फलस्वरूप बीज और फल विकसित होता है। इस तकनीक से फसल की उन्नत किस्में (improved varieties) विकसित की जाती हैं। ये अधिक उत्पादन करने वाली, रोग प्रतिरोधी एवं कीट प्रतिरोधी प्रजातियाँ होती हैं।