धारा नियंत्रक किसे कहते हैं | rheostat in hindi use definition meaning धारा नियंत्रक क्या है चित्र उपयोग

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धारा नियंत्रक क्या है चित्र उपयोग rheostat in hindi use definition meaning धारा नियंत्रक किसे कहते हैं ?

धारा नियंत्रक (Rheostat)
A और B एक अधिक विशिष्ट प्रतिरोध तथा अल्पतम ताप गुणांक के तार के दो सिरे हैं। यह तार कुचालक बेलन पर लिपटा हुआ होता है। प्रत्येक चक्कर दूसरे चक्कर से पृथक रहता है। S धातु का एक गट्टा है जो बेलन पर एक सिरे से दूसरे सिरे तक एक धातु की छड़ पर खिसक सकता है। जिस स्थान पर यह हो उस स्थान के तार का सम्बन्ध यह C से करता है, जो धातु की छड़ का एक सिरा है। यदि A और C को परिपथ में सम्बन्धित किया जाये तो धारा A और S के बीच वाले तार में होकर बहेगी। परिपथ में इसी तार का प्रतिरोध आता है। C और S के बीच कोई प्रतिरोध नहीं है। S और B के बीच के तार में धारा नहीं बहती है। यदि S को A के पास सरकाया जाये तो प्रतिरोध कम होता है व धारा की प्रबलता बढ़ती है। उसे विपरीत दिशा में सरकाने से उल्टा परिणाम होता है। इसी प्रकार परिपथ में B और C को भी जोड़ा जा सकता है। अब S को B की तरफ सरकाने से प्रतिरोध कम होता है। यदि A और B को परिपर से जोड़ा जाये तो धारा A और B के बीच में बहती है और परिपथ में स्थिर प्रतिरोध रहता है। इस स्थिति में S एक सरकाने से धारा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
धारा नियन्त्रक पर साधारणतया कुछ लिखा रहता है-उदाहरणार्थ, 22 ओम 2.5amp । इसका आशय यह है कि धारा नियंत्रक में अधिक से अधिक 2.5 एम्पियर की धारा प्रवाहित की जा सकती है। इससे धारा का मान अधिक होने से तार गर्म होकर जलने का भय रहता है। धारा नियन्त्रक का अधिकतम प्रतिरोध 22 ओम है जो A और B के बीच है। इसका परिपथ संकेत चित्र (2.8) b में दर्शाया गया है।