अर्द्धचालक की शुद्ध अवस्था को कहा जाता है Purest form fo semiconductor are called in hindi

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Purest form fo semiconductor are called in hindi अर्द्धचालक की शुद्ध अवस्था को कहा जाता है ?

LMRC श्रम् Signaling and Telecommunication (SC/TO) 2015
SOLVED PAPER (परीक्षा तिथि : 26.06.2015)

1 Which fo the following is a correct statement about P-type semiconductors ?
निम्न में कौन-सा P–प्रकार अर्द्धचालक के बारे में एक सही कथन है?
(अ) They are negatively charged / ये ऋणावेशित होते है
(ब) They are positively charged / ये धनावेशित होते है
(स) They are neutral / ये उदासीन हैं।
(द) Some are positive
कुछ धनात्मक है जबकि कुछ ऋणात्मक हैं।
Ans  : (स) P–प्रकार के अर्द्धचालक उदासीन होते हैं। च्दृप्रकार के अर्द्धचालक में विवरों की संख्या मुक्त इलेक्ट्रानों की संख्या से अधिक होती है। P–प्रकार के अर्द्धचालक पदार्थ में होल मेजॉरिटी कैरियर तथा इलेक्ट्रॉन माइनरिटी कैरियर कहलाते है।
2. Forbidden energy gap in Silicon is :
सिलिकॉन में अवरूद्ध ऊर्जा गैप है :
(अ) 1.1 eV (ब) 2.4 eV
(स) 0.72 eV (द) 0.97 eV
Ans : (अ) सिलिकॉन में अवरूद्ध ऊर्जा गैप 1.1 मट तथा जरमेनियम का अवरूद्ध गैप 0.72 मट होता है।
3. Purest form fo semiconductor are called
अर्द्धचालक की शुद्ध अवस्था को कहा जाता है।
(अ) Intrinsic / आंतरिक (ब) Extrinsic / बाहरी
(स) Diodes / डायोड (द) Transistor / ट्रांजिस्टर
Ans : (अ) अर्द्धचालक की शुद्ध अवस्था को इन्ट्रैजिक अर्द्धचालक कहा जाता है। अर्थात् इन्ट्रेजिक अर्द्धचालक वह होते है। जिनमें केवल मूल पदार्थ (जैसे-जरमेनियम या सिलिकॉन) के ही परमाणु हो।
4. N-type semiconductors are formed by adding:
N – टाइप अर्द्धचालकों को जोड़कर बनाया जाता है।
(अ) Divalent impurities to pure semiconductor
शुद्ध अर्द्धचालक के लिए द्विपक्षीय अशुद्धियां।
(ब) Trivalent impurities to pure semiconductor
शुद्ध अर्द्धचालक के लिए त्रिसंयोजी अशुद्धियां।
(स) Tetravalent impurities to pure semiconductor
शुद्ध-अर्द्धचालक के लिए चतुर्थसंयोजी अशुद्धियाँ
(द) Pentavalent impurities to pure semiconductor
शुद्ध अर्द्धचालक के लिए पंचसंयोजी अशुद्धियाँ
Ans  : (द) N-टाइप अर्द्धचालको को पाँच संयोजकता वाला अपद्रव्य जोड़ कर बनाया जाता है। जब किसी जरमेनियम या सिलिकॉन क्रिस्टल में पाँच संयोजकता वाला अपद्रव्य परमाणु मिलाया जाता है। तो वह अर्द्धचालक के एक परमाणु को हटाकर उसका स्थान ले लेता है। अपद्रव्य पदार्थ के परमाणु के पाँच संयोजक इलेक्ट्रॉन में से चार इलेक्ट्रान अर्द्धचालक के चारो परमाणु के एक-एक संयोजक इलेक्ट्रॉन के साथ संयोजी बन्ध बना लेते हैं।
5. Zener diodes are used sa :
जेनर डायोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
(अ) Light emitter / प्रकाश अत्सर्जक
(ब) Light absorber / प्रकाश अवशोषक
(स) Voltage regulator / वोल्टेज रेगुलेटर
(द) Microwave detector / माइक्रोवेव डिटेक्टर
Ans  : (स) जीनर डायोड का उपयोग वोल्टेज रेगुलेटर के रूप में किया जाता है। यह एक P-N जंक्शन डायोड होता है। रिवर्स बायस में किसी निर्दिष्ट वोल्टेज पर ब्रेक डाउन क्षेत्र में प्रचालित किया जाता है।
6. What does the diagram given below depict ?
नीचे दिया गया चित्र क्या दर्शाता है?
(अ) L.E.D
(ब) Zener diode / जीनर डायोड
(स) Tunnel diode / ट्यून्ड डायोड
(द) Varactor diode / वैरेक्टर डायोड
Ans  : (द)
दिया गया चित्र वैरेक्टर डायोड का है। वैरेक्टर डायोड या वैरीकैप एक ऐसा p-n सन्धि डायोड है जिससे वोल्टेज आश्रित परिवर्तित संधारित्र (voltage dependent variable capacitor) का कार्य लिया जा सकता है। इसका प्रयोग अनुनादी परिपथो FM माडुलेशन में मिक्सर में होता है।
7. The energy fo a photon fo light wose wavelength is 620 mm equals the band gap fo a semiconducting material.k~ What is the minimum energy required to create a hole electron pair ?
प्रकाश की एक फोटान की ऊर्जा जिसका तरंग दैर्ध्य 620 mm के बराबर है अर्द्धचालक पदार्थ के बैण्ड अंतर एक छिद्र इलेक्ट्रॉन जोड़ी बनाने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा क्या है?
(अ) 2 eV (ब) 0.72 eV
(स) 0.125 eV (द) 0.5 eV
Ans : (अ)
8. if a small amount fo phosphorus is added to germanium, then :
यदि जर्मेनियम में थोड़ी मात्रा में फास्फोरस मिलाया जाता है, तोः
(अ) The conductivity decresaes / चालकता कम हो जाती है।
(ब) Silicon becomes a P-type semiconductor
सिलिकॉन P-टाइप अर्द्धचालक बन जाता है।
(स) Phosphorus becomes an acceptor impurity
फास्फोरस एक स्वीकारक अशुद्धि बन जाता है।
(द) There will be more free electrons than holes in semiconductor / अर्द्धचालक में होल से अधिक मुक्त इलेक्ट्रान हो जायेंगे।
Ans  : (द) यदि जरमेनियम में थोड़ी मात्रा में फास्फोरस मिलाया जाता है तो अर्द्धचालक में होल से अधिक मुक्त इलेक्ट्रान हो जायेंगे। अतः इस प्रकार के अर्द्धचालक में होल माइनॉरिटी कैरियर में तथा इलेक्ट्रॉन मेजारिटी कैरियर में होते है।
9. An intrinsic semiconductor at 0 K behaves as :
0 K पर एक आंतरिक अर्द्धचालक के रूप में व्यवहार करता है।
(अ) A semiconductor / एक अर्द्धचालक
(ब) An insulator / एक कुचालक
(स) A conductor / एक चालक
(द) A superconductor / अतिचालक
Ans  : (ब) 0 K पर एक आंतरिक अर्द्धचालक एक कुचालक की भाँति व्यवहार करता है। जिन पदार्थों में इलेक्ट्रॉन की संख्या नगण्य अथवा नहीं होती है। कुचालक कहलाते है। सामान्य परिस्थितियों में इनमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होता है।
10. Merging fo a free electron and a hole is called:
स्वतंत्र इलेक्ट्रान और एक होल का विलय होना कहलाता है
(अ) Recombination / पुनर्संयोजन
(ब) Neutralçation / निष्क्रियकरण
(स) Restriking / पुनर्स्थापना
(द) zeroing / शून्य करना
Ans : (अ) स्वतंत्र इलेक्ट्रान और एक होल को मर्ज करना पुर्नसंयोजन कहलाता है। जब पुर्नसंयोजन प्रक्रिया होती है तो होल कहीं भी गतिमान नहीं होते है। बल्कि स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन स्वयं होल में गिरते है।
11. A psaive network contains:
एक निष्क्रिय नेटवर्क में शामिल है।
(अ)  1 source fo emf /1 emf का स्रोत
(ब) 2 source fo efm / 2 efm का स्रोत
(स) 3 source fo efm / 3 efm  का स्रोत
(द) No source fo efm /  efm का कोई स्रोत नहीं
Ans : (द) एक निष्क्रिय नेटवर्क में सोर्स विद्युत वाहक बल नहीं होता है। जबकि सक्रिय नेटवर्क ऐसा विद्युत परिपथ होता है जिसमें एक या एक से अधिक वि.वा. बल स्रोत उपलब्ध होते है।
12. Barrier potential fo a p&n junction diode does not depend upon
p-n जंक्शन डायोड की Barrier विभव निर्भर नहीं है-
(अ) Temperature / तापमान
(ब) Forword density / अग्रवर्ती घनत्व
(स) Doping density / डोपिंग घनत्व
(द) Diode design / डायोड डिजाइन
Ans  : (द) p – n जंक्शन डायोड की बैरियर विभव डायोड डिजाइन पर निर्भर नहीं करता है। Acceptor तथा Donor आयन के आवेश के कारण सन्धि पर एक विद्युत क्षेत्र स्थापित हो जाता है। इस विद्युत क्षेत्र को बैरियर कहा जाता है। इस विद्युत क्षेत्र के विभव के कारण ही सन्धि पर विसरण की क्रिया समाप्त होने के पश्चात् इलेक्ट्रान तथा होल्स सन्धि को पार नहीं कर सकते है।
13.Superposition Theorem is bsaed on the concept off
सुपरपोजीशन प्रमेय की अवधारणा पर आधारित है।
(अ) Reciprocity / पारस्परिकता
(ब) Duality / द्वैत

(स) Non-linearity / गैर-रैखिकता
(द) Linearity / लीनियरिटी
Ans : (द) सुपरपोजीशन प्रमेय की अवधारणा रेखीय (linearity) पर आधारित है। किसी रेखीय नेटवर्क में जिसमें अनेक प्रतिबाधायें एवं वोल्टेज सोर्स लगे हो, किसी बिन्दु से प्रवाहित होने वाली धारा उन सभी धाराओं का बीजीय योग होती है जो परिपथ में जुड़े स्रोतों को अलग-अलग अकेले कनैक्ट करने पर प्रवाहित होती है।
14. Kirchfof’s law is applicable to
किरचॉफ का नियम लागू है।
(अ) Passive networks only / केवल निष्क्रिय नेटवर्क
(ब)  Active networks only / केवल सक्रिय नेटवर्क
(स) D.C.K only / केवल D.C.
(द) Both A.C. and D.C./A.C. और D.C. दोनों
Ans : (द) किरचॉफ का नियम A.C. तथा D.C. दोनों पर लागू होता है। किरचॉफ ने दो नियमों का प्रतिपादन किया था।
1. धारा नियम (KCL)-इस नियम के अनुसार किसी वैद्युत परिपथ में किसी सन्धि पर मिलने वाली धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
प व
2. वोल्टता नियम (KVL)-किसी परिपथ में प्रत्येक बन्द पाश के विभिन्न खण्डों में बहने वाली धाराओं तथा संगत प्रतिरोधों के गुणनफलों का बीजगणितीय योग उस पाश में लगने वाले वि.वा.बल के गुणनफल के योग के बराबर होता है।
पत् म्
15. Higher the Q fo a series circuit
एक श्रेणी परिपथ का उच्चतम Q :
(अ) Broader its resonance curve
इसकी अनुनादी वक्र विस्तृत
(ब) Narrower its pass band
अपने पास बैंड को संकुचित करें।
(स) Greater its band width
इसकी बैंड चौडाई अधिक से अधिक
(द) Sarper its resonance / इसके अनुनाद को तेज करें
Ans: (ब)