तरंग की परिभाषा क्या है (what is wave in hindi) , प्रकार , उदाहरण , चित्र , तरंगो का वर्गीकरण

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(what is wave in hindi) तरंग की परिभाषा क्या है  :  जब ऊर्जा का संचरण दोलन , कम्पन्न या उतार चढाव के रूप में होता है और ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो जाती है इसे ही तरंग कहते है।

तरंग एक विक्षोभ या disturbance है जिसमे माध्यम के कण तो वास्तविकता में गति नहीं करते है लेकिन ऊर्जा का स्थानान्तरण एक स्थान से दूसरे स्थान तक हो जाता है।
जब तरंग किसी माध्यम में गति करती है तो उनमें माध्यम में कुछ दोलन उत्पन्न हो जाते है और इन्ही दोलनों या कम्पन्न के कारण ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है लेकिन वास्तविकता में माध्यम के कण गति नहीं करते है।
उदाहरण : रेडियो तरंग , यान्त्रिक तरंगे , ध्वनि तरंग आदि।

तरंगों के प्रकार (types of waves)

तरंगे चार आधार पर वर्गीकृत की जा सकती है –
1. माध्यम के आधार पर
2. ऊर्जा संचरण के आधार पर
3. विमीय आधार पर
4. कणों के आधार पर
अब इन सभी आधारों पर हम तरंगो के प्रकारों को हम विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. माध्यम के आधार पर 
माध्यम के आधार पर तरंगो को दो भागों में बाँटा गया है –
(अ) यांत्रिक तरंग : जब किसी भौतिक माध्यम में विक्षोभ उत्पन्न होता है लेकिन उसका स्वरूप नहीं बदलता है और विक्षोभ माध्यम में बिना स्वरूप परिवर्तन के आगे स्थानान्तरित होता है तो इस प्रकार के विक्षोभ या तरंग को यांत्रिक तरंग कहते है।  उदाहरण – स्प्रिंग तरंग आदि।
(ब) विद्युत चुम्बकीय तरंग : ये तरंग किसी किसी माध्यम के ही स्थानांतरित होती है , अर्थात वे तरंग जिनको स्थानान्तरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता न हो तो इस प्रकार की तरंग को विद्युत चुम्बकीय तरंगे कहते है। उदाहरण – रेडियो तरंग आदि
2. ऊर्जा संचरण के आधार पर 
(अ) प्रगामी तरंग : ये तरंगे जो माध्यम में एक नियत वेग से ही आगे की तरफ बढती है , अर्थात इन तरंगो का वेग नियत रहता है। इन तरंगो में सभी कणों का आयाम समान होता है।   उदाहरण – जल की सतह पर उत्पन्न तरंग।
(ब) अप्रगामी तरंगे : जब दो तरंग जिनका अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य बराबर हो और दोनों तरंगे आपस में विपरीत दिशा में गति करती है तो इन दोनों तरंगो के अध्यारोपण से एक स्थिर तरंग बनती हुई प्रतीत होती है , इस स्थिर प्रतीत तरंग को ही अप्रगामी तरंग कहते है।
उदाहरण – बांसुरी और गिटार की तरंगे।
3. विमीय आधार पर 
(अ) एक विमीय तरंग : जब तरंग किसी दिशा या विमा में गति करती है या एक सरल रेखा के रूप में गति करती है तो इस प्रकार की तरंगो को एक विमीय तरंग कहते है। उदाहरण – सीधी बंधी हुई रस्सी में उत्पन्न तरंग।
(ब) द्विविमीय तरंग : जब कोई तरंग दो विमाओं में गतिशील हो या दूसरे शब्दों में कह सकते है की तरंग किसी तल में गति करती है तो उन तरंगो को द्वि विमीय तरंग कहते है। उदाहरण : जल की सतह पर उत्पन्न तरंग आदि।
(स) त्रिविमीय तरंग : जब कोई तरंग तीनों विमाओं में गतिशील रहती है अर्थात स्वतंत्र आकाश में तीन दिशाओ में गति करती है तो इस प्रकार की तरंगो को त्रि विमीय तरंग कहते है।  उदाहरण – रेडियो तरंग।
4. कणों के आधार पर 
(अ) अनुप्रस्थ तरंग : जब तरंग के कण इसकी संचरण की दिशा के लम्बवत कम्पन्न करते है तो इस प्रकार की तरंगो को अनुप्रस्थ तरंग कहते है।  उदाहरण – प्रकाश तरंग आदि।
(ब) अनुदैर्ध्य तरंग : ऐसी तरंग जिसमे माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा में कम्पन्न करते है , अनुदैर्ध्य तरंग कहलाती है।  उदाहरण – स्प्रिंग में उत्पन्न तरंग।