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पॉली सेकेराइड क्या है ,पॉलीसैकेराइड (polysaccharide in hindi) , म्यूको पॉलीसैकेराइड , संचायक , संरचनात्मक
(polysaccharide in hindi) म्यूको पॉलीसैकेराइड , संचायक , संरचनात्मक किसे कहते है , पॉली सेकेराइड क्या है ,पॉलीसैकेराइड ?
पॉली सेकेराइड : वे कार्बोहाइड्रेट जिनके जल अपघटन से अनेक मोनो सैकेराइड बनते है उन्हें पॉलीसैकेराइड कहते है।
म्यूको पॉलीसैकेराइड , संचायक , संरचनात्मक , पॉलीसैकेराइड क्या है (polysaccharide meaning in hindi) : यह अनेक मोनोसेकेराइड (9 से अधिक) के संघनन से बनता है। इस अभिक्रिया में एक जल के अणु की हानि होती है।
1. भोजन संचायक पॉलीसैकेराइड
(i) स्टार्च : यह अधिकांश पादपों का संचय किया हुआ पोलीसैकेराइड होता है। यह अनाजों जैसे चावल , गेहूँ ,मक्का , बाजरा , आलू , केला , tapioca , legumes में प्रचुर मात्रा में मिलता है। यह क्लोरोप्लास्ट या एमाइलोप्लास्ट में संचयित होते है। स्टार्च के दो घटक होते है। एमाइलोज (अशाखित बहुलक जल में घुलनशील , स्टार्च का 20-30% भाग बनाता है) और एमाइलोपेक्टिन (शाखित बहुलक , जल में अघुलनशील स्टार्च का 70-80% भाग बनाती है) | एमाइलोज एक निरंतर सीधी लेकिन हेलीकल आकार में व्यवस्थित श्रृंखला होती है जिसमे प्रत्येक turn (चक्र) में लगभग छ: ग्लूकोज इकाई होती है। ये निरंतर ग्लूकोज की इकाइयाँ आपस में α (1 → 4) लिंकेज द्वारा जुडी होती है। एमाइलोपेक्टिन स्टार्च अणु का बाह्य शाखित भाग होता है। इसमें 25-30 ग्लूकोज इकाइयों की छोटी श्रृंखला α (1 → 4) बंध द्वारा जुडी होती है जबकि आपस में α (1 → 6) बंध द्वारा जुड़ते है। स्टार्च आयोडीन के साथ नीला रंग देता है , यह एमाइलोज भाग के कारण होता है जबकि एमाइलोपेक्टिन आयोडीन के साथ लाल रंग देता है। स्टार्च छोटे छोटे Granules के रूप में होता है जिन्हें स्टार्च ग्रेन्स कहते है।
स्टार्च grains कई प्रकार के हो सकते है।
(a) साधारण परिसरिय स्टार्च ग्रेन – उदाहरण : आलू
(b) साधारण एककेन्द्रिक स्टार्च ग्रेन – उदाहरण : मक्का , मटर , गेहूँ
(c) कंपाउंड स्टार्च ग्रेन्स – उदाहरण : चावल , ओट
(d) डम्ब-बैल आकारीय स्टार्च ग्रेन्स – उदाहरण : युफोर्बिया
(ii) ग्लाइकोजन : यह जंतुओं , जीवाणुओं व कवकों का संचयित भोजन होता है। इसका संचय आदमी की पेशियों और यकृत में होता है। ग्लाइकोजन अणु में लगभग 30,000 ग्लूकोज इकाइयाँ होती है। ग्लाइकोजन का निर्माण ग्लूकोज से यथावत ग्लाइकोजेनेसिस द्वारा होती है। दो प्रकार के बंध पाए जाते है। सीधे भाग में α (1 → 4) बंध , और शाखित भाग में α (1 → 6) बन्ध पाए जाते। यह आयोडीन विलयन में लाल रंग देता है।
(iii) इन्युलिन : यह सबसे छोटे पोलीसैकेराइड होते है। एक फ्रक्टोज का बना हुआ , असामान्य पोलीसैकेराइड होता है। यह β (2→1) ग्लाईकोसिडिक बंध का बना होता है। इन्युलिन का मानव शरीर में उपापचय नहीं होता है। एवं यह लगातार किडनी में होकर फ़िल्टर की जाती है। इसलिए इसे वृक्क (किडनी) के function (कार्य) की टेस्टिंग में उपयोग करते है। यह कम्पोजिटी फैमिली की जड़ो में संचयित भोजन होता है। उदाहरण : Dahlia
2. संरचनात्मक पॉलीसैकेराइड
- सेल्यूलोज , चतुष्पादी पशुओं जैसे गाय और भैंसों के भोजन का महत्वपूर्ण घटक है। दीमक और घोंघे अपनी आंतो में इस उद्देश्य के लिए सूक्ष्मजीवी को रखते है। ट्राइकोनिम्फा तथा लोफोमोनास सेल्युलोज के पाचन में मदद करते है एवं वे क्रमशः दीमक तथा कोकरोच की आंत में पाया जाता है।
- सूक्ष्मजीवों का उपयोग सेल्यूलोज से विलेय शर्करा उत्पन्न करने में किया जाता है। फिर शर्कराओं का किण्वन होता है , जिससे एथेनोल , ब्युटेनोल , एसीटोन और मेथेन प्राप्त होता है।
- मानव भोजन में सेल्युलोज मुख्य घटक होता है , इसमें रफेज वैल्यू होती है जो कि पाचन तंत्र की क्रियाशीलता को बनाये रखने में सहायक है।
- सेल्यूलोज की अधिकता वाली लकड़ी से कागज का निर्माण होता है।
- सेल्युलोज की अधिकता वाली लकड़ी को बिल्डिंग फर्नीचर , टूल्स , स्पोर्ट्स आर्टिकल्स आदि बनाने में उपयोग में लिया जाता है।
- सेल्यूलोज का उपयोग टेक्सटाइल में (उदाहरण : कॉटन , लिनन) , बैग बनाने में (उदाहरण : जूट) या रोप्स (उदाहरण : हेम्प , चीन जूट , डेक्कन हेम्प) में किया जाता है।
- सेल्यूलोज एसीटेट लकड़ी के गूदे का एसिटिक अम्ल , एसिटिक अनहाइड्राइड आदि से उपचार करने पर बनता है। सेल्यूलोज एसिटेट का उपयोग double knits , टेरीकोट , wrinkle proof तथा moth प्रूफ कपड़े बनाने में किया जाता है। इन तंतुओं से सिगरेट फ़िल्टर भी बनाये जाते है।
- रेयोन और सेलोफीन , सेल्युलोज जेन्थेट के बने होते है।
- सेल्यूलोज नाइट्रेट का उपयोग Explosives में भी किया जाता है।
- कार्बोक्सीमेथिल सेल्यूलोज को पायसीकारक तथा दवाइयों , आइसक्रीम , स्मूथेनिंग अभिकारक के रूप में भी उपयोग में लिया जाता है।
3. म्यूकोपॉलीसैकेराइड
- म्यूकोपॉलीसैकेराइड जीवाणुओं और नीली हरी शैवालो की कोशिका दिवार (cell walls) में पाए जाते है। म्युसिलेज जिव को जल के rotting प्रभाव से सुरक्षा करता है तथा यह dessication , एपीफाइट्स की वृद्धि और पैथोजेन्स के आक्रमण को रोकता है।
- म्यूको पॉलीसैकेराइड के कारण जल अन्तरकोशिकीय spaces में उपस्थित होता है।
- ये कोशिका भित्ति तथा संयोजी उत्तक में प्रोटीन को जोड़ता है। (bind करता है। )
- यह लिगामेंट्स और टेंडॉन्स में स्नेहक का कार्य करता है।
- हाइल्यूरोनिक अम्ल (ग्लूकूरोनिक अम्ल + एसिटिल ग्लूकेसेमाइन) ऐसा म्यूकोपॉलीसैकेराइड है जो जन्तु कोशिका और कोशिका भित्ति के मध्य सीमेंट सामग्री में मिलता है। यह विभिन्न प्रकार के शरीर द्रव्यों में भी मिलता है। जैसे : vitreous humor of eye , synovial fluid , cerebrospinal fluid आदि।
- किरेटिन सल्फेट सामर्थ्य और तन्यता प्रदान करने के लिए त्वचा और कार्निया में भी होते है।
- कोंड्रियोटिन सल्फेट , सपोर्ट और प्रत्यास्थता के लिए कार्टिलेज और संयोजी उत्तक में पाया जाने वाला म्यूकोपॉलीसैकेराइडहै।
- समुद्री शैवाल , से commercial value वाले म्यूकोपॉलीसैकेराइड प्राप्त होते है जैसे : agar , alginie एसिड , carragenin आदि। agar (लाल शैवाल गेलीडियम , ग्रेसीलेरिया से प्राप्त होता है। ) दैनिक उत्पादों , सौन्दर्य प्रसाधनो में , संवर्धन माध्यम , पायसीकरण और स्थायीकारक का काम करता है। एल्जिन का उपयोग आइसक्रीम , शेविंग क्रीम , टूथपेस्ट , कोस्मटिक क्रीम , सॉस में स्थायी कारक के रूप में किया जाता है। केराजैनिन का उपयोग आइसक्रीम , चोकलेट और टूथपेस्ट में पायसिकारक के रूप में किया जाता है। यह जूस , शराब आदि में क्लीयरिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है।
- हिपेरिन म्यूकोपॉलीसैकेराइड एक ब्लड anticoagulant है।
- प्लान्टागो ओवाटा की हुस्क में म्यूसिलेज पाया जाता है जिसका उपयोग Intestinal problems के उपचार में होता है , यह विरेचक भी होता है।
- aloe gel : यह जिलेटिननुमा पल्प होता है जो कि Fleshy leaves aloe barbadensis की एपिडर्मिम से प्राप्त होता है। ताजा जैल दाहित क्षेत्र पर लगाने पर आराम देता है। यह शैम्पू , कंडिशनर हैण्डलोशन और सनस्क्रीन क्रीम में भी मिलाया जाता है।
ये निम्न है
- इसके जल अपघटन से α-D -ग्लूकोज के अनेक अणु बनते है।
- यह चावल , आलू , मक्का में पाया जाता है।
- (C6H10O5)n + nH2O → nC6H12O6
- यह पादपों में संचित खाद्य पदार्थ है।
- इसके दो घटक होते है
1. एमीलोस (Amylase):
- यह पादपों में कोशिका भित्ति का प्रमुख अवयव है।
- इसमें जल अपघटन से β-D -ग्लूकोज के अनेक अणु बनते है।
- यह स्ई तथा जुट में अधिक मिलता है।
ग्लाइकोजन (Glycogen):
- यह हमारे आहार का प्रमुख अवयव तथा ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत है।
- पादपों की रचना सेलुलोज से होती है अतः इनका उपयोग फर्नीचर बनाने , कागज , वस्त्र उद्योग में , शराब बनाने में किया जाता है।
- न्यूक्लिक अम्ल में राइबोज़ व डी -ऑक्सीराइबोज शर्कराएं पायी जाती है।
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