The hidden Treasure story in hindi and english | What is the moral of the story the hidden treasure?

By   April 28, 2020

The hidden Treasure (छिपा हुआ खजाना) , can you tell me What was the hidden treasure? , explain What is the moral of the story the hidden treasure? , write a short story in hindi and english language.

Once upon a time. There was an old farmer. He had four sons , these all of 4 sons was very lazy and they did not like to any work.

Although the old farmer always ask them to work hard , and hard work is the only key of success , but they did not understand .

One day the old farmer fell ill. he was counting his last days then he called his sons . he told his sons that a treasure was hidden in their field but he did not tell them the exact location of the treasure. The farmer ask them to dig the field and could take it.

after some time the farmer died. His sons dug all the filed but there was no treasure , they got disappointed that their father told them about the treasure but here is nothing . They were very sad.

The farmer’s friend advised them to sow wheat in the dug field. The field was well dug so they sow the whet and after some months they got a very rich crop .

Now understood the meaning of buried treasure .

now they worked very hard , soon they were were very rich .

Moral : work is worship Or hard work always pays off

छिपा हुआ खजाना (The hidden Treasure story in hindi or old farmer and four sons)

एक बार एक वृद्ध किसान था जिसके चार पुत्र थे | उसके चारो पुत्र ही बहुत बड़े आलसी थे जो कुछ भी कार्य नहीं करते थे और जब उनके पिता उनको समझाने की कोशिश करते थे तो उनकी बात को वे कानों पर भी न रखते थे और बिना मेहनत किये अमीर व्यक्ति बनना चाहते थे |

एक बार वह वृद्धि किसान बहुत अधिक बीमार पड़ गया और जब वह अपने जीवन के अंतिम क्षण जी रहा था तभी उसने अपने चारों बेटों को मेहनत का पाठ पढ़ाने के लिए उनको अपने पास बुलाया और कहा कि मैंने तुम्हारे लिए अपने खेत में एक खजाना छिपा रखा है , मेरे मरने के बाद जब तुमको आवश्यकता हो तब उस गड़े खजाने को तुम निकाल लेना और अपना जीवन अच्छे से व्यतीत करना | और फिर वह किसान मर गया |

कुछ दिनों बाद उन्हें जब पैसो की जरुरत पड़ी तो उन्हें अपने पिता द्वारा बताये गए उस खजाने की याद आई और चारों भाइयो ने साथ मिलकर खजाना खोजने के लिए खेत को खोद दिया |

खजाना ढूढने के चक्कर में उन्होंने खेत को बहुत गहराई तक अच्छे से चारो तरफ से खोद दिया लेकिन उन्हें कोई खजाना नहीं मिला , इसलिए वे निराश होकर बैठ गए | उधर से गुजर रहे उस वृद्ध किसान के एक मित्र ने उन्हें सलाह दी कि खेत तो तुमने खोद ही दिया है क्यों न इसमें तुम गेहूं डाल दो , चूँकि खेत अच्छी तरह से उन्होंने खोद डाला था इसलिए गेहूं डालने पर उन्हें काफी अच्छी फसल की प्राप्ति हुई जिसे देखकर चारों भाई बहुत खुश हो गए और उन्हें पता चल गया कि खेत में गड़े उस खजाने काअर्थ यही था |

उसके बाद वे चारो भाई बहुत मेहनती बन गए और रात दिन मेहनत करने लगे , कुछ ही समय में वे अपने कठिन परिश्रम के बल पर अमीर बन गए |

कहानी से शिक्षा : कर्म ही पूजा है या कड़ी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती है |