आर्थिक विकास का सर्वोत्तम सूचकांक उपलब्ध कराया जाता है The best index of economic development is provided by in hindi

By   August 8, 2021

The best index of economic development is provided by in hindi ?

23. आर्थिक विकास का सर्वोत्तम सूचकांक उपलब्ध कराया जाता है-
(अ) वर्ष- प्रतिवर्ष, प्रति व्यक्ति वास्तविक आय में वृद्धि द्वारा
(ब) वर्तमान कीमतों पर राष्ट्रीय आय में वृद्धि द्वारा
(स) बचत अनुपात में वृद्धि द्वारा
(द) भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार द्वारा
S.S.C. स्टेनोग्राफर परीक्षा, 2010
उत्तर-(अ)
किसी देश के आर्थिक विकास के मापक के रूप में हम वास्तविक प्रति व्यक्ति आय को ले सकते हैं। यदि इसमें वृद्धि के साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार, निर्धनता, भुखमरी में कमी हो या साक्षरता तथा जीवन की प्रत्याशा में वृद्धि हो, तो ऐसी स्थिति में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि को आर्थिक विकास का सूचक माना जाता है।
24. सभी प्रकार के उत्पादनों का बुनियादी उद्देश्य क्या है?
(अ) मानवीय जरूरतों को पूरा करना
(ब) रोजगार उपलब्ध कराना
(स) लाभ कमाना
(द) भौतिक निर्गत बढ़ाना
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा ,
उत्तर-(अ)
सभी प्रकार के उत्पादनों का बुनियादी उद्देश्य दिए गए विकल्पों में, मानवीय जरूरतों को पूरा करना है। रोजगार उपलब्ध कराना या भौतिक निर्गत बढ़ाना इसके बुनियादी उद्देश्य नहीं हैं जबकि लाभ कमाने की प्रक्रिया स्वतः ही पूर्ण होगी यदि उत्पाद जरूरतों (मानवीय) को सही ढंग से पूर्ण करता है।
25. आपूर्ति की मात्रा में वृद्धि किसे दर्शाती है?
(अ) आपूर्ति वक्र की ऊर्ध्व प्रवृत्ति
(ब) आपूर्ति वक्र की अधोप्रवृत्ति
(स) आपूर्ति वक्र के दक्षिणपंथी आंतरण
(द) आपूर्ति वक्र के वामपंथी आंतरण
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2014
उत्तर-(स)
आपूर्ति की मात्रा में वृद्धि, आपूर्ति वक्र के दक्षिणपंथी आंतरण को दर्शाती है।
26. जब घरेलू मुद्रा की विनिमय दर में कोई आधिकारिक परिवर्तन हो, तो उसे कहते हैं-
(अ) मूल्यवृद्धि (ब) मूल्यह्रास
(स) पुनर्मूल्यांकन (द) अवस्फीति
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
IMF की परिभाषा के अनुसार, नियत विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत जब घरेलू मुद्रा की विनिमय दर में कोई आधिकारिक परिवर्तन हो, तो उसे अवमूल्यन तथा ‘पुनर्मूल्यांकन‘ कहते हैं।
27. मुद्रा-आपूर्ति किसके द्वारा नियंत्रित की जाती है?
(अ) योजना आयोग (ब) वित्त आयोग
(स) भारतीय रिजर्व बैंक (द) व्यापारिक बैंक
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
मुद्रा-आपूर्ति नियंत्रण भारतीय रिजर्व बैंक का कार्य है। इस हेतु यह विभिन्न नीति दरों का विनियमन करता है।
28. ‘उपभोक्ता प्रभुत्व‘ का अर्थ है-
(अ) उपभोक्ता अपनी आय को अपनी इच्छानुसार व्यय करने के लिए
स्वतंत्र है
(ब) उपभोक्ताओं के पास अर्थव्यवस्था का प्रबंध करने की शक्ति है
(स) उपभोक्ताओं का व्यय संसाधनों के आवंटन को प्रभावित करता है
(द) उपभोक्ता वस्तुएं सरकारी नियंत्रण से मुक्त है
S.S.C. स्टेनोग्राफर परीक्षा, 2010
उत्तर-(अ)
‘उपभोक्ता प्रभुत्व‘ से तात्पर्य है कि उपभोक्ता पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो। वह अपनी आय को अपनी इच्छानुसार व्यय करने के लिए स्वतंत्र हो।
29. निम्न में से किस वस्तु का केवल विनिमय मूल्य है?
(अ) हीरा (ब) टेलीविजन
(स) कंप्यूटर (द) चावल
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(अ)
हीरे का केवल विनिमय मूल्य होगा क्योंकि इसकी पूर्ति बहुत ही कम होती है अर्थात हीरे दुर्लभ (ैबंतम) होते हैं और इनका सीमांत तुष्टिगुण बहुत अधिक होता है।
30. धन/पूंजी किसका उदाहरण है?
(अ) डूबी हुई पूंजी (ब) चलायमान पूंजी
(स) ठोस पूंजी (द) सामाजिक पूंजी
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब)
धन/पूंजी (Money) उपर्युक्त में से चलायमान पूंजी (Floating Capital) का उदाहरण है। चलायमान पूंजी में संपत्ति एवं नगदी दोनों सम्मिलित होते हैं।
31. किसी वस्तु का बाजार संतुलन किससे निर्धारित किया जाता है?
(अ) वस्तु की बाजार आपूर्ति
(ब) वस्तु की मांग और आपूर्ति की शक्तियों का संतुलन
(स) सरकार का हस्तक्षेप
(द) वस्तु की बाजार मांग
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(ब)
मार्शल के अनुसार, ‘‘किसी वस्तु के बाजार संतुलन का निर्धारण उस वस्तु की मांग और पूर्ति की शक्तियों द्वारा होता है।‘‘
32. किसी वस्तु के संतुलन मूल्य में निश्चित रूप से वृद्धि कब होती है?

(अ) मांग में कमी होने के साथ-साथ आपूर्ति में वृद्धि होती है।
(ब) जब मांग और आपूर्ति दोनों में वृद्धि होती है।
(स) जब मांग और आपूर्ति दोनों में कमी होती है।
(द) आपूर्ति में कमी के साथ-साथ मांग में वृद्धि होती है।
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(द)
किसी वस्तु के संतुलन मूल्य में निश्चित रूप से वृद्धि तब होती है जब मांग में वृद्धि के साथ-साथ आपूर्ति में कमी हो।
33. निम्नलिखित में से क्या आर्थिक समस्या नहीं है?
(अ) सवेतन कार्य और फुरसत में से किसी एक को चुनना
(ब) यह तय करना कि दो वस्तुओं में से किस पर खर्च किया जाए
(स) व्यक्तिगत बचत के वैकल्पिक तरीकों में से किसी तरीके को चुनना (द) यह तय करना कि फुरसत के समय को विभिन्न तरीकों में से
किस तरीके से व्यतीत किया जाए
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2014
उत्तर-(द)
किसी व्यक्ति द्वारा यह तय करना कि फुरसत के समय को विभिन्न तरीकों में से किस तरीके से व्यतीत किया जाए ‘आर्थिक समस्या‘ नहीं है क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा।
34. सार्वजनिक क्षेत्र का निम्नलिखित में से कौन सा उद्यम ‘नवरत्न‘ है?
(अ) भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि.
(ब) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि.
(स) इंजीनियर्स इंडिया लि.
(द) भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि.
S.S.C. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
उत्तर-(द)
कंपनी वर्ष दर्जा
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. 2007 नवरत्न
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. 2007 नवरत्न
इंजीनियर्स इंडिया लि. 2009 मिनीरत्न
(वर्तमान में नवरत्न)
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. 1997 नवरत्न
(वर्तमान में महारत्न)
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स के पास 1997 में ही ‘नवरत्न‘ का दर्जा था। अतः उपर्युक्त विकल्पों को ध्यान में रखते हुए अभीष्ट उत्तर (द) है। वर्तमान में (26 अक्टूबर, 2014 की स्थिति के अनुसार) भारत में 17 नवरत्न तथा 7 महारत्न कंपनियां हैं।
35. मूल्य की दृष्टि से भारत किस देश को अधिकतम रत्नों और आभूषणों का निर्यात करता है?
(अ) यू.एस.ए. (ब) ब्रिटेन
(स) रूस (द) जापान
S.S.C.F.C.I. परीक्षा, 2012
उत्तर-(अ)
मूल्य की दृष्टि से भारत यू.एस.ए. को अधिकतम रत्नों और आभूषणों का निर्यात करता है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में भारत से रत्नों व आभूषणों का निर्यात 36.2 बिलियन डॉलर का रहा। वर्ष 2014-15 में आभूषणों के सकल निर्यात का सर्वाधिक हिस्सा UAE (29.6%) रहा। इसके पश्चात क्रमशः हांगकांग (29.4%) एवं USA (20.3%) आते हैं।
36. वह पदार्थ कौन-सा है, जिस के लिए भारत, आयात पर सर्वाधिक राशि खर्च करता है?
(अ) खाद्यान्न (ब) कच्चा पेट्रोलियम
(स) उर्वरक (द) लोहा तथा इस्पात
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2012
उत्तर-(ब)
भारत कच्चे पेट्रोलियम के आयात पर सर्वाधिक राशि व्यय करता है तत्पश्चात लोहा एवं इस्पात, उर्वरक तथा खाद्यान्न पर व्यय करता है। वर्ष 2014-15 में आयातित प्रमुख वस्तुएं- पेट्रोलियम एवं लुब्रिकेंट (34.83%) > बहुमूल्य पत्थर, मोती, प्री मेटल (13.93%) > इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं पार्ट्स (7.40%) > न्यूक्लियर रिएक्टर के उपकरण एवं पार्ट्स (7.09%) > कार्बनिक रसायन (3.95%) > आयरन एवं स्टील (2.75%)।
37. भारत सरकार का व्यय किस पर इमदाद के कारण अधिकतम है?
(अ) एल. पी. जी (ब) खाद्यान्न
(स) उर्वरक (द) तेल
S.S.C. स्टेनोग्राफर (ग्रेड ‘सी‘ एवं ‘डी‘) परीक्षा, 2012
उत्तर-(द)
भारत सरकार का व्यय तेल (Oil) मद पर इमदाद (Subsidy) के कारण अधिकतम है।
38. पहली राष्ट्रीय आय समिति का गठन किया गया था-
(अ) वर्ष 1948 में (ब) वर्ष 1949 में
(स) वर्ष 1950 में (द) वर्ष 1951 में
S.S.C. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
उत्तर-(ब)
पहली राष्ट्रीय आय समिति का गठन वर्ष 1949 में प्रो. पी.सी महालनोबिस की अध्यक्षता में किया गया था तथा इस समिति में प्रो. डी.आर. गाडगिल और प्रो. बी.के, आर.बी. राव सदस्य थे।
39. निम्नलिखित में से कौन सा एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रय है?
(अ) कर्नाटक बैंक (ब) विजया बैंक
(स) नैनीताल बैंक (द) फेडरल बैंक
S.S.C. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2006
उत्तर-(ब)
उपर्युक्त विकल्पों के अंतर्गत विजया बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है।
40. निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय आय के मापन की विधि नहीं है?
(अ) मूल्यवर्धित विधि (ब) आय विधि
(स) निवेश विधि (द) व्यय विधि
S.S.C.CPO परीक्षा, 2009
उत्तर-(स)
सामान्यतया राष्ट्रीय आय के मापन के लिए तीन विधियां प्रयुक्त होती हैं जो कि उद्देश्य और आंकड़ों की उपलब्धता के आधार पर प्रयुक्त होती हैं। ये तीन विधियां हैं-(अ) उत्पाद विधि-डॉ. अल्फ्रेड मार्शल द्वारा प्रतिपादित, (ब) आय विधि-ए.सी. पीग (A.C. Pigou) तथा (स) व्यय विधि-डॉ. इर्विंग फिशर। उपर्युक्त विधियों में से उत्पाद विधि को ही मूल्यवर्धित विधि (value added method) भी कहा जाता है।
41. राष्ट्रीय आय है-
(अ) निवल राष्ट्रीय उत्पाद – अप्रत्यक्ष कर ़ इमदाद
(ब) सकल राष्ट्रीय उत्पाद – प्रत्यक्ष कर
(स) सकल घरेलू उत्पाद – आयात
(द) निवल घरेलू उत्पाद ़ निर्यात
S.S.C.F.C.I. परीक्षा, 2012
उत्तर-(अ)
जब निवल राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) का मूल्यांकन अथवा माप साधन लागत (Factor Cost) पर किया जाता है, तो उसे ही राष्ट्रीय आय के नाम से जाना जाता है। इसे ज्ञात करने के लिए बाजार मूल्य पर आकलित निवल राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) में से शुद्ध अप्रत्यक्ष करों (कुल अप्रत्यक्ष कर-सब्सिडी) को घटाना होता है। इस प्रकार से ज्ञात मूल्य ही राष्ट्रीय आय कहलाता है अर्थात् राष्ट्रीय आय = निवल राष्ट्रीय आय – अप्रत्यक्ष कर + इमदाद (सब्सिडी)।
42. किसी राष्ट्र की राष्ट्रीय आय होती है-
(अ) सरकार का वार्षिक राजस्व
(ब) उत्पादन आयों का योगफल
(स) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का अधिशेष
(द) निर्यात में से आयात घटा कर
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2012
उत्तर-(ब)
किसी में राष्ट्र में एक लेखा वर्ष में सामान्य निवासियों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का जितना उत्पादन होता है जिसमें नों से अर्जित शुद्ध साधन आय भी शामिल होती है, उस मौद्रिक मूल्य के योगफल को ही हम राष्ट्रीय आय कहते हैं। ध्यातव्य है कि उत्पादन के चार साधन- भूमि, श्रम, पूंजी तथा दस माने गए हैं। इनको किसी आर्थिक गतिविधि के विनियोजित करने पर क्रमशः किराया (लगान), मजदूरी (वेतन), ब्याज तथा नाम प्रतिफल के रूप में प्राप्त होता है। इन सबका योग राष्ट्रीय आय कहलाती है। अर्थात् राष्ट्रीय आय = लगान + मजदूरी + ब्याज + भुगतान
या
राष्ट्रीय आय = उत्पादन आयों का योगफल
भारत में राष्ट्रीय आय के आंकड़े वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक) पर आधारित होते हैं जिसका आकलन केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO) के द्वारा किया जाता है।
43. ‘ई-बैंकिंग‘ में ‘ई‘ अक्षर क्या द्योतित करता है?
(अ) अनिवार्य बैंकिंग (ब) आर्थिक बैंकिंग
(स) इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग (द) विस्तार बैंकिंग
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2014
उत्तर-(स)
वित्तीय संस्थाओं (बैंक) द्वारा बैंकिंग भुगतान प्रणाली में समय, सहूलियत, लागत, व्यापार के स्वरूप आदि के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली को विकसित किया गया है जिसे ‘ऑनलाइन भुगतान प्रणाली‘ (Online Payment System) कहते हैं। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली को इंटरनेट बैंकिंग, ई-बैंकिंग, वर्चुअल बैंकिंग आदि के नामों से भी जाना जाता है।