क्वथनांक क्या है तथा सूत्र व प्रश्न उत्तर What is boiling point and formula and questions

boiling point and formula and questions in hindi क्वथनांक क्या है तथा सूत्र व प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 : क्वथनांक किसे कहते है ? (what is boiling point in hindi)

उत्तर : वह ताप जिस पर किसी द्रव का वाष्पदाब वायुमण्डलीय दाब के बराबर हो जाता है उस ताप को द्रव का क्वथनांक कहते है।

नोट : एक वायुमण्डलीय (atm) या (1.013 ) बार पर शुद्ध जल का क्वथनांक 373.15 k होता है।

प्रश्न 2 : जब किसी शुद्ध विलायक में अवाष्पशील विलेय घोला जाता है तो उसका क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है क्यों ?

या 

विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है क्यों ?

उत्तर : जब किसी शुद्ध विलायक में अवाष्पशील विलेय घोला जाता है तो उसका वाष्पदाब कम हो जाता है अर्थात विलयन का वाष्पदाब शुद्ध विलायक से कम होता है , विलयन के वाष्पदाब के वायुमण्डलीय दाब के बराबर रखने के लिए विलयन को और अधिक गर्म करना पड़ता है।  अतः विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है इसे क्वथनांक में उन्नयन कहते है।

माना शुद्ध विलायक व विलयन के क्वथनांक क्रमशःTb व   Tहै। तो क्वथनांक में उन्नयन

ΔT= Tb –  T1

प्रश्न 3 : विलायक व विलयन के लिए वाष्पदाब , ताप , वक्र खींचते हुए स्पष्ट कीजिये की विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है। 

उत्तर : जब किसी शुद्ध विलायक में अवाष्पशील विलेय घोला जाता है तो विलयन का वाष्पदाब शुद्ध विलायक से कम हो जाता है , विलयन के वाष्प दाब को वायुमण्डलीय दाब के बराबर करने के लिए विलयन को और अधिक गर्म करना पड़ता है।  अतः विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है।

चित्र अनुसार विलायक तथा विलयन के लिए वाष्प दाब ,  ताप , वक्र खींचे गए है।

डाइग्राम  ??

बिंदु A पर शुद्ध विलायक का वाष्प दाब वायुमण्डलीय दाब के बराबर हो जाता है , अतः बिंदु A के संगत ताप Tको शुद्ध विलायक का क्वथनांक कहते है इसी प्रकार बिंदु B पर विलयन का वाष्पदाब वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है अतः बिंदु B के संगत ताप T1 को विलयन का क्वथनांक कहते है।

ग्राफ से स्पष्ट है की विलयन का क्वथनांक शुद्ध विलायक से अधिक होता है अतः क्वथनांक में उन्नयन

ΔT= Tb –  T1

प्रयोगो द्वारा यह सिद्ध हुआ की क्वथनांक में उन्नयन मोललता के समानुपाती होता है। 1

ΔTm Kb

यहाँ Kb मोलल उन्नयन स्थिरांक

यदि m = 1 मोलल है तो

ΔTKb

1 मोलल विलयन के क्वथनांक में उन्नयन को मोलल उन्नयन स्थिरांक कहते है।

चूँकि m   =  W2  /W1(M)/1000

हम जानते है

ΔTm K

अतः 

ΔT= 1000 W2   K/W1M

नोट :  Kb  की इकाई

K= K KMol-1

प्रश्न 1 : ग्लूकोज़ के 10 मोलल विलयन का क्वथनांक ज्ञात करो यदि K= 0.52 K KMol-1 है।

उत्तर : ΔTm K

यहाँ  m = 0.1

K=  0.52

अतः ΔT= 0.1 x 0.52 = 0.052k

चूँकि ΔT= T –  T

T= ΔTTb

T= 373 + 0.052

T= 373.052 k

प्रश्न 2 : 6 ग्राम कार्बनिक पदार्थ 100 ग्राम जल में विलेय है।  विलयन का क्वथनांक 100.51  है। पदार्थ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करो। 

उत्तर : जल के लिए K.51 K KMol-1

ΔT= 1000 W2   K/W1M2  

W2  = 6 ग्राम

M= ?

K.51

W100 

ΔT= T –  T

ΔT100.51 – 100 

ΔT= 0.51

M= 6 x  1000 x  .51 / 100 x 0.51

M= 60